Taliban vs Pakistan Army: तालिबान ने पाकिस्तानी को दी अब तक की सबसे बड़ी चोट, 6 जवानों की मौत
Taliban vs Pakistan Army: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर तनाव एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। हाल ही में पाकिस्तानी सेना द्वारा एक अफगान बच्चे की हत्या के बाद दोनों देशों के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प शुरू हो गई। यह लड़ाई कंधार के स्पिन बोल्डक इलाके में हुई, जिसमें कई सैनिकों के मारे जाने की खबर है। तालिबान और पाकिस्तान के बीच संबंध पिछले कुछ समय से लगातार बिगड़ रहे हैं।
सीमा पर गोलीबारी और घुसपैठ के आरोपों ने दोनों देशों के बीच अविश्वास की खाई को और गहरा कर दिया है, जिससे पूरे क्षेत्र की सुरक्षा पर संकट मंडरा रहा है।

सीमा पर खूनी झड़प और नुकसान
अफगान बच्चे की मौत के बाद भड़की हिंसा में तालिबान बलों ने आक्रामक रुख अपनाया। खबरों के मुताबिक, इस झड़प में छह पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और एक को बंदी बना लिया गया। तालिबान ने न केवल सीमा पार हमला किया, बल्कि पाकिस्तानी सेना के कई आधुनिक हथियार और सैन्य साजो-सामान भी अपने कब्जे में ले लिए। स्पिन बोल्डक जैसे महत्वपूर्ण बॉर्डर पॉइंट पर हुई इस गोलाबारी ने दोनों ओर के नागरिकों में दहशत पैदा कर दी है और व्यापारिक गतिविधियां पूरी तरह ठप हो गई हैं।
ये भी पढ़ें: Iran America War: शांति वार्ता या बड़ा फर्जीवाड़ा? पाकिस्तान ने 'फेक न्यूज़' के जरिए दुनिया को बनाया बेवकूफ
आरोपों और प्रत्यारोपों का दौर
पाकिस्तान ने इस घटना पर अलग रुख अपनाते हुए दावा किया है कि अफगान तालिबान की ओर से बिना उकसावे के फायरिंग की गई। पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, दक्षिण वजीरिस्तान में हुई गोलीबारी में दो महिलाओं समेत तीन नागरिक घायल हुए हैं। पाकिस्तान का कहना है कि वे केवल आतंकियों की घुसपैठ रोकने की कोशिश कर रहे थे, जिसके जवाब में तालिबान ने हमला किया। दोनों देश एक-दूसरे पर सीमा नियमों के उल्लंघन और निर्दोषों को निशाना बनाने का आरोप लगा रहे हैं, जिससे शांति की गुंजाइश कम होती दिख रही है।
टूटी उम्मीदें और बढ़ता अविश्वास
साल 2021 में जब तालिबान ने काबुल पर कब्जा किया था, तब पाकिस्तान को उम्मीद थी कि एक 'मित्र सरकार' होने से उसकी सुरक्षा समस्याएं कम होंगी। पाकिस्तान चाहता था कि तालिबान 'टीटीपी' (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) के आतंकियों पर लगाम लगाए। हालांकि, हुआ इसके ठीक उलट। टीटीपी ने पाकिस्तान के भीतर हमले तेज कर दिए हैं, जिससे 2025 में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। इस वजह से पाकिस्तान अब तालिबान के प्रति कड़ा और आक्रामक रवैया अपना रहा है।
भारत और अफगानिस्तान की बढ़ती नजदीकी
पाकिस्तान की चिंता का एक बड़ा कारण काबुल और नई दिल्ली के बीच बढ़ती दोस्ती भी है। विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान को डर है कि भारत और अफगानिस्तान के मजबूत होते रिश्ते उसे कूटनीतिक रूप से अलग-थलग कर सकते हैं। इसी डर और टीटीपी के बढ़ते हमलों को दबाने के लिए पाकिस्तान ने सीमा पर भारी सेना तैनात की है। अक्टूबर 2025 में हुआ संघर्ष विराम (सीजफायर) भी अब पूरी तरह टूट चुका है, जिससे आने वाले दिनों में संघर्ष और बढ़ने के आसार हैं।












Click it and Unblock the Notifications