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सरकार बनाने से पहले अमेरिकी हथियारों के साथ तालिबान ने निकाली 'आजादी' की परेड, मार्शल आर्ट करते दिखे लड़ाके

अमेरिका ने दावा किया था कि वो अफगानिस्तान में अपने सभी हथियार और हेलीकॉप्टर्स को खराब करके आया है, बावजूद इसके तालिबानी लड़ाके परेड में अमेरिकी हेलीकॉप्टर्स उड़ाते नजर आए।

काबुल, सितंबर 03: अफगानिस्तान में तालिबान आज नई सरकार बनाने का ऐलान कर सकता है और माना जा रहा है कि तालिबान का नई सरकार का मॉडल ईरान से प्रभावित होगा। जहां एक सर्वोच्च नेता होगा और उसके अंदर में पूरी सरकार काम करेगी। देश के तमाम नीतिगत फैसले राष्ट्रपति के हाथ में होंगे, लेकिन अंतिम निर्णय सर्वोच्च नेता का ही होगा। वहीं, सरकार बनाने से पहले तालिबान ने राजधानी काबुल में परेड निकाली है। लेकिन, उस परेड को देख अंतर्राष्ट्रीय समुदाय तब चौंक गया, जब उस परेड में अमेरिकी हथियारों का प्रदर्शन किया गया। जबकि, अमेरिका ने कहा था कि वो काबुल छोड़ने से पहले अपने हथियारों को खराब कर आया है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या अमेरिका ने हथियारों को लेकर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से झूठ बोला है?

अमेरिकी हथियारों के साथ परेड

अमेरिकी हथियारों के साथ परेड

तालिबान की सेना ने अमेरिकी ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर के साथ दक्षिणी अफगानिस्तान में तालिबान के आध्यात्मिक केन्द्र के ऊपर से चक्कर लगाए हैं, जबिक नीचे तालिबान के लड़ाके अमेरिकी हम्वी गाड़ियों के साथ परेड लगा रहे थे। तालिबानी लड़ाकों के हाथ में वो हथियार और वाहन थे, जो अमेरिका अफगानिस्तान में छोड़कर गया है, और जिन हथियारों के बारे में अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने दावा किया है, कि सेना ने निकलने से पहले उन हथियारों को खराब कर दिया है। तालिबान लगातार अमेरिका के अफगानिस्तान से निकलने का जश्न मना रहा है और उसके लड़ाके लगातार काबुल में अमेरिकी हथियारों और वाहनों के साथ परेड निकाल रहे हैं।

घातक हथियारों के साथ तालिबान की रैली

घातक हथियारों के साथ तालिबान की रैली

रिपोर्ट के मुताबिक, अफगानिस्तान के दूसरे सबसे बड़े शहर कंधार को राजधानी काबुल से जोड़ने वाली हाईवे पर तालिबान की तरफ से परेड निकाला गया, जिसमें हरे रंग के बख्तरबंद लड़ाकू वाहनों की एक लंबी लाइन लगी हुई थी। ज्यादातर गाड़ियां अमेरिकी थी, जिनके ऊपर अब तालिबान का झंडा लगा हुआ था। रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबान जिन गाड़ियों के साथ परेड निकाल रहा था, उन गाड़ियों का इस्तेमाल अमेरिकी और नाटो फोर्स पिछले 20 सालों से अमेरिका में कर रही थी। तालिबान लड़ाकों ने परेड के दौरान अपने हाथों में जिन हथियारों को थाना हुआ था, वो एम-16 राइफलें थीं, जो अमेरिकी हैं और जिन्हें या तो तालिबान ने अफगान सैनिकों से लूटा हुआ है, या फिर जो अमेरिका छोड़कर गया है, वो हैं। वहीं, परेड के आगे तालिबान के लड़ाके अत्याधुनिक हथियारों के साथ टचल रहा था और उनके हाथों में अमेरिकी मशीनगन दिख रहा था।

परेड में जीत का जश्न

परेड में जीत का जश्न

परेड के दौरान सैकड़ों तालिबानी लड़ाकों ने आत्मघाती जैकेट्स और बम पहन रखे थे, जिनका इस्तेमाल वो अब तक हिंसा के लिए करते आए हैं। इसके अलावा आईआईडी बम, कार बम भी तालिबान के परेड में शामिल किए गये थे। वहीं, सबसे हैरान करने वाला वो वीडियो था, जिसमें तालिबान के लड़ाके मार्शल आर्ट का प्रदर्शन कर रहे थे, जिसमें उन्हें अपनी मुट्ठी से प्लेटें तोड़ते हुए और हॉलीवुड स्टाइल में लड़ते हुए देखा जा रहा था। हथियारों के जुलूस के वीडियो फुटेज में लड़ाकों के एक समूह को इस्लामिक अमीरात के झंडे के साथ मार्च करते देखा गया। सबसे विचलित करने वाला वो वीडियो फूटेज था, जिसमें अलग अलग कार बमों को परेड में निकाला गया और जिसपर लिखा हुआ था, कि कौन से कार में कौन सा बम लगाया गया है।

तालिबान का शक्ति-प्रदर्शन

तालिबान का शक्ति-प्रदर्शन

तालिबान ने करीब 40 मिनट तक जीत के जश्न में परेड निकाला है। जिसमें तमाम उन हथियारों को प्रदर्शन किया गया, जिनके दम पर तालिबान खुद को शक्तिशाली दिखा सके। दरअसल, पिछले हफ्ते ही खुलासा हुआ है कि अमेरिका और ब्रिटेन ने अफगानिस्तान में करीब 85 अरब डॉलर के हथियार छोड़ दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद अमेरिका की तरफ से कहा गया कि वो हथियार और गाड़ियां किसी काम की नहीं हैं। लेकिन, तालिबान लड़ाकों के हाथ में अमेरिकी हथियारों को देखकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या अमेरिका ने झूठ बोला है? 40 मिनट के जुलूस के दौरान जब हथियारों का प्रदर्शन चल रहा था, उस वक्त तालिबान के नेता स्टैंड में बैठे हुए थे। माना जा रहा है कि तालिबान अपनी जीत का ये उत्सव कंधार में मना रहा था और जिसका टेलीकास्ट तालिबान की तरफ से किया गया है।

मार्शल आर्ट कर रहे थे लड़ाके

तालिबान की तरफ से परेड का जो वीडियो जारी किया गया, उससे लगता है कि मानो तालिबान आजादी का जश्न मना रहा है और उसी तरह से परेड निकालने की कोशिश कर रहा है, जिस तरह से दूसरे देशों में आजादी के मौके पर निकाली जाती है। वीडियो फूटेज में तालिबानी लड़ाके फ्लाइंक किक के साथ बोर्ड को तोड़ते नजर आ रहे हैं, वहीं मिट्टी के बर्तनों को तालिबान के लड़ाके घूंसों से तोड़ रहे हैं। वहीं, तालिबान के लड़ाकों को मार्शल आर्ट करते हुए भी दिखाया गया है। इसके साथ ही ज्यादातर तालिबानी लड़ाके दूसरे देशों की प्रोफेशनल आर्मी की तरफ ड्रेस पहनी हुई थी और उनके हाथों में अत्याधुनिक हथियार मौजूद थे। वहीं, एक तालिबानी आतंकवादी को अपने साथी आतंकियों को अपने शरीर पर दौड़ाता हुआ दिखाया गया है। वहीं, कुछ तालिबानी नेताओं ने जो वीडियो सोशल मीडिया पर जारी किया है, उसमें तालिबानी लड़ाकों को बंदूक चलाते हुए और निशाना लगाते हुए देखा जा रहा है।

क्या झूठ बोल रहा है अमेरिका?

तालिबान ने अमेरिकी हथियारों और अमेरिकी हेलीकॉप्टर के साथ परेड उस वक्त निकाला है, जब अमेरिका ने दावा किया था कि अफगानिस्तान में छोड़े गये हथियारों, हेलीकॉप्टर्स और दूसरी सैन्य गाड़ियों को खराब कर दिया गया है और अब वो तालिबान के किसी काम के नहीं हैं। वहीं, अलजजीरा की एक रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबान का मानना था कि अमेरिकी जो हथियार छोड़कर गये होंगे, वो पूरी तरह से सही होंगे। अलजजीरा ने जब तालिबान के एक बड़े नेता से पूछा कि आपको क्यों लग रहा था कि अमेरिका हथियारों को सही तरीके से छोड़कर जाएगा, उसपर तालिबानी नेता ने कहा था कि, कि तालिबान का मानना है कि अब अफगानिस्तान में जो कुछ भी है, वो सरकारी संपत्ति है, यहां छोड़ा गया अमेरिकी हथियार और वाहन भी। वहीं, कई हथियारों को खराब और टूटा हुआ देखकर तालिबानी लड़ाकों और नेताओं को भारी गुस्सा भी आया और वो खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे थे।

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