तालिबान ने भारतीय वाणिज्य दूतावासों पर जड़ा ताला, जलालाबाद पर किया कब्जा, चारों तरफ से घिरा काबुल

काबुल से सिर्फ 50 किलोमीटर की दूरी पर आ चुके तालिबान ने करीब करीब 70 प्रतिशत अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया है और अफगान सरकार के पास सिर्फ 82 जिले बचे हैं।

काबुल, अगस्त 15: पिछले हफ्ते अमेरिका के एक जनरल ने कहा था कि अगले 30 दिनों में तालिबान काबुल को घेर लेगा, लेकिन अफगानिस्तान से मिल रही है रिपोर्ट के मुताबिक तालिबान ने काबुल को चारों तरफ से घेर लिया है और अफगानिस्तान सरकार के नियंत्रण में अब सिर्फ काबुल की एकमात्र बड़ा शहर बचा है। इसके साथ ही तालिबान ने भारत के दो वाणिज्य दूतावासों में ताला लगा दिया है और दोनों वाणिज्य दूतावासों से अब काम पूरी तरह से बंद हो चुका है।

वाणिज्य दूतावासों पर ताला

वाणिज्य दूतावासों पर ताला

काबुल से सिर्फ 50 किलोमीटर की दूरी पर आ चुके तालिबान ने करीब करीब 70 प्रतिशत अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया है और हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट में सूत्रों ने दावा किया है कि भारतीय वाणिज्य दूतावासों के गेट पर तालिबान ने ताला लगा दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबान ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए दो भारतीय वाणिज्य दूतावासों को बंद कर दिया है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय वाणिज्य दूतावास बिल्डिंग के मालिक ने कहा कि, ''तालिबान ने कंधार शहर पर कब्जा करने के बाद हमारे किराए के वाणिज्य दूतावास परिसर पर ताला लगा दिया है। तालिबान के कहा कि सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए ऐसा किया जा रहा है और जिम्मेदार व्यक्ति (भारत) के आने के बाद वाणिज्य दूतावास को खोला जाएगा। इसी तरह हेरात में हमारे वाणिज्य दूतावास परिसर के मालिक को तालिबान से चाबियों के साथ इमारत में आने का फोन आया था''

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    अधिकारियों को निकाल चुका है भारत

    अधिकारियों को निकाल चुका है भारत

    आपको बता दें कि भारत सरकार पहले ही हेरात और कंधार स्थिति अपने वाणिज्य दूतावासों से तमाम भारतीय अधिकारियों को सुरक्षित भारत वापस बुला चुकी है और अब इन दोनों वाणिज्य दूतावास में सिर्फ अफगानिस्तान के अधिकारी ही काम कर रहे थे। वहीं, भारत सरकार ने अब काबुल दूतावास से भी अधिकारियों को वापस बुलाने का फैसला किया है और भारत संबंधित काम काबुल दूतावास में अफगानिस्तान के अधिकारी ही करेंगे। भारत के साथ साथ ब्रिटेन, अमेरिका, ईरान, ऑस्ट्रेलिया ने भी अपने अधिकारियों को वापस बुला लिया है। वहीं, रिपोर्ट के मुताबिक चीन ने भी अफगानिस्तान से अपने सभी अधिकारियों को वापस बुलाने का फैसला किया है।

    तालिबान की आज की स्थिति

    तालिबान की आज की स्थिति

    अफगानिस्तान में अब अशरफ गनी की सरकार काफी कमजोर हो चुकी है और कभी भी काबुल पर तालिबान का कब्जा हो सकता है। अफगानिस्तान में अब सिर्फ 82 जिले ही अफगानिस्तान सरकार के अधीन बचे हैं, जबकि 252 अफगान जिले तालिबान के नियंत्रण में आ चुके हैं और 92 जिलों पर नियंत्रण हासिल करने के लिए तालिबान संघर्ष कर रहा है। अफगान सरकार ने दावा किया है कि पिछले 24 घंटों में तालिबान के खिलाफ सख्त ऑपरेशन चलाया गया है और पाकिस्तान की सीमा से लगते पक्तिका प्रांत और खैबर पख्तूनख्वा की सीमा के पास अफगान सेना ने तालिबान को काफी नुकसान पहुंचाया है और कम से कम 172 तालिबानी आतंकियों को मार दिया है, जबकि करीब 107 तालिबानी लड़ाके घायल हुए हैं।

    जलालाबाद पर तालिबान का कब्जा

    जलालाबाद पर तालिबान का कब्जा

    तालिबान रविवार को अफगानिस्तान के प्रमुख शहरों पर कब्जा करने के बाद अफगानिस्तान के पूर्ण सैन्य अधिग्रहण के करीब पहुंच गया है। अब सिर्फ काबुल ही बचा है, जिसपर तालिबान का कब्जा करना बाकी है। तालिबान ने रविवार को प्रमुख पूर्वी शहर जलालाबाद पर कब्जा कर लिया है और मजार-ए-शरीफ के उत्तरी तालिबान विरोधी गढ़ पर भी तालिबान का नियंत्रण स्थापित हो गया है। सबसे आश्चर्यजनक बात ये है कि तालिबान ने मजार-ए-शरीफ में सिर्फ 10 दिनों में कब्जा कर लिया है और अफगान सेना और मिलिशिया की करारी हार हुई है। जलालाबाद निवासी अहमद वली ने सोशल मीडिया पर तालिबान द्वारा किए गए एक दावे की पुष्टि करते हुए कहा कि ''आज सुबह जब हमारी आंखे खुलीं तो हमने तालिबानी झंडा देखा, तालिबान के लोग बिना लड़े ही जीत चुके हैं''

    अशरफ गनी के पास विकल्प?

    अशरफ गनी के पास विकल्प?

    अफगानिस्तान सरकार के पास अब सिर्फ काबुल है और वो भी तभी तक...जब तक अमेरिकी सेना काबुल में मौजूद है। ऐसे में लग रहा है कि अफगान राष्ट्रपति अशरफ गनी की सरकार के पास कुछ विकल्प बचे हैं। अब अशरफ गनी राजधानी काबुल में तालिबान से खूनी लड़ाई की तैयारी करें या फिर आत्मसर्पण करते हुए देश से बाहर निकल जाएं। हालांकि, अशरफ गनी ने हार मानने से इनकार करते हुए कहा है कि वो अपनी सेना को फिर से तैयार करेंगे और तालिबान पर जीत हासिल करेंगे। लेकिन, इस बात की उम्मीद अब कम ही दिख रही है।

    असदाबाद पर तालिबान का नियंत्रण

    असदाबाद पर तालिबान का नियंत्रण

    तालिबान ने कुनार की प्रांतीय राजधानी असदाबाद पर कब्जा कर लिया है। वहीं, पक्तिका की प्रांतीय राजधानी शरण पर भी तालिबान का नियंत्रण स्थापित हो चुका है। जिसके बाद अब अफगानिस्तान के 34 प्रांतीय राजधानियों में से 20 राजधानियों पर तालिबान का नियंत्रण स्थापित हो चुका है। तालिबान ने पक्तिका के सरवाज़ा जिले और कुनार प्रांत के शिगल जिले पर भी कब्जा कर लिया है। इसके अलावा, तालिबान ने गार्डेज़, शरण और मैमना (फरहान) में केंद्रीय जेलों पर कब्जा करने के बाद कैदियों को आजाद कर दिया है।

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