Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

जवाहिरी की मौत में पाकिस्तान का हाथ, तालिबान के मंत्री मुल्ला उमर ने शहबाज सरकार को धमकाया

पाकिस्तानी अधिकारियों ने ड्रोन हमले में शामिल होने या फिर ड्रोन हमला होने वाला है, इसकी पहले से जानकारी होने की बात से इनकार कर दिया है।

काबुल, अगस्त 28: तालिबान ने अमेरिकी मिसाइल हमले में मारे गये अलकायदा प्रमुख अयमान अल जवाहिरी की मौत को लेकर पाकिस्तान पर बड़ा आरोप लगाया है। तालिबान के कार्यवाहक रक्षा मंत्री ने रविवार को कहा कि पाकिस्तान ने अमेरिकी ड्रोन को अफगानिस्तान तक पहुंचने के लिए अपने हवाई क्षेत्र का उपयोग करने की अनुमति दी थी, जिसकी वजह से अमेरिका अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पर हमला करने में कामयाब हुआ है। हालांकि, पाकिस्तान ने पिछले हफ्ते काबुल में अमेरिकी हवाई हमले के बाद अपने हवाई क्षेत्र से अमेरिकी ड्रोन भेजने की बात से इनकार किया है।

तालिबान का बड़ा आरोप

तालिबान का बड़ा आरोप

तालिबान के कार्यवाहक रक्षा मंत्री मुल्ला मोहम्मद याकूब ने काबुल में एक संवाददाता सम्मेलन में संवाददाताओं से कहा कि अमेरिकी ड्रोन पाकिस्तान के रास्ते अफगानिस्तान में प्रवेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि, "हमारी जानकारी के अनुसार ड्रोन पाकिस्तान से अफगानिस्तान में प्रवेश कर रहे हैं, वे पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र का उपयोग करते हैं, हम पाकिस्तान से कहते हैं, कि हमारे खिलाफ अपने हवाई क्षेत्र का उपयोग न करने दे।" वहीं, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने टिप्पणी के अनुरोध का तुरंत जवाब नहीं दिया है।

अधिकारियों ने जानकारी होने से किया इनकार

अधिकारियों ने जानकारी होने से किया इनकार

पाकिस्तानी अधिकारियों ने ड्रोन हमले में शामिल होने या फिर ड्रोन हमला होने वाला है, इसकी पहले से जानकारी होने की बात से इनकार किया है। आपको बता दें कि, संयुक्त राज्य अमेरिका ने कहा था कि, जुलाई में काबुल में ड्रोन हमले में अल कायदा नेता अयमान अल-जवाहिरी मारा गया था। तालिबान के मंत्री याकूब की टिप्पणी पड़ोसी देशों के बीच ऐसे समय में तनाव बढ़ा सकती है, जब अफगान तालिबान पाकिस्तान और एक पाकिस्तानी तालिबान आतंकवादी समूह के बीच वार्ता में मध्यस्थता कर रहा है। अफगानिस्तान भी पाकिस्तान के साथ व्यापार पर बहुत अधिक निर्भर करता है क्योंकि देश एक आर्थिक संकट का अनुभव करता है। तालिबान ने कहा कि वह जुलाई के हवाई हमले की जांच कर रहा है और उसे अल कायदा नेता का शव नहीं मिला है।

अयमान अल-जवाहरी कौन था?

अयमान अल-जवाहरी कौन था?

मोस्ट वांटेड आतंकवादी अयमान अल-जवाहरी का जन्म मिस्र में 19 जून 1951 को काहिरा के एक रईस पत्तेदार परिवार में हुआ था। बचपन से ही वो धार्मिक रूप से कट्टर था और उसने खुद को सुन्नी इस्लामी पुनरुत्थान की एक हिंसक शाखा में डुबो दिया, जिसने मिस्र और अन्य अरब देशों की सरकारों को इस्लामी शासन की कठोर व्याख्या के साथ देश के शासन को बदलने की मांग की। अल-जवाहरी ने मेडिकल कॉलेज में दाखिला लिया और फिर आंखों का डॉक्टर बना और आंखों की सर्जरी करता था। और इसी दौरान वो मध्य एशिया और मध्य पूर्व एशिया में घूमने लगा। उस दौरान उसने अफगानिस्तान में सोवियत संघ को लड़ते हुए देखा और फिर उसने सऊदी अरब में ओसामा बिन लादेन और अन्य अरब आतंकवादियों से मुलाकात की। उस समय ओसामा बिन लादेन भी युवा हुआ करता था और इन लोगों ने मिलकर अफगानिस्तान से सोवियत सेना को निकालने के लिए अभियान चलाना शुरू कर दिया था।

कैसे मारा गया अयमान अल-जवाहरी?

कैसे मारा गया अयमान अल-जवाहरी?

आपको बता दें कि, पिछले महीने जब अल-जवाहिरी अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में एक घर की बालकनी पर बाहर आया था उसी वक्त अमेरिका ने उसपर ड्रोन हमला किया था। अमेरिकी खुफिया अधिकारियों के मुताबिक, एक अमेरिकी ड्रोन ने अल-कायदा नेता पर दो हेलफायर मिसाइलें दागीं और उस वक्त वो अपने घर की बालकनी में खड़ा था और मिसाइल हमले में उसके चिथड़े उड़ गये और हजारों लोगों को बम से उड़ाने वाला आतंकवादी मिसाइल हमले में उड़ गया। विश्लेषकों ने कहा कि कुछ समय से अफगानिस्तान में उनकी मौजूदगी का संदेह था और लगातार उसे ट्रैक करने की कोशिश की जा रही थी। अमेरिकी अधिकारियों को इस साल पता चला था, कि जवाहरी की पत्नी और परिवार के अन्य सदस्य हाल ही में काबुल में एक 'सुरक्षित' घर में चले गए हैं और फिर जवाहरी पर नजर रखी जा रही थी।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+