तो क्या पाकिस्तान आर्मी की कैद में है तालिबान चीफ हैबतुल्लाह अखुंदजादा?
नई दिल्ली, 20 अगस्त: अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना के लौटने और राष्ट्रपति अशरफ गनी के देश छोड़कर भाग जाने के बाद तालिबान ने देश पर कब्जा कर लिया है। काबुल पर काबिज होने के बाद तालिबान ने नई सरकार बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। तालिबान के कई प्रमुख नेता काबुल में जमें हैं और मीडिया के सामने भी आए हैं। हालांकि अभी तक तालिबान चीफ हिबतुल्लाह अखुंदजादा के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। अखुंदजादा को लेकर कहा जा रहा है कि वो पाकिस्तान की फौज की कैद में है।

विदेशी इंटेलीजेंस एजेंसियों ने अखुंदजादा को लेकर दी जानकारी
एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, विदेशी इंटेलीजेंस एजेंसियों ने अखुंदजादा को लेकर जो जानकारी दी है, उस पर भारत सरकार नजर रख रही है। समूह के रैंकों के भीतर से बातचीत की निगरानी कर रही है। एक सीनियर सरकारी अधिकारी ने संकेत दिया है कि वह पाकिस्तानी सेना की हिरासत में हो सकता है क्योंकि बीते छह महीनों से उनको तालिबान लड़ाकों के साथ नहीं देखा गया है।

उसका आखिरी सार्वजनिक बयान इस साल मई में आया था
अखुंदजादा का आखिरी सार्वजनिक बयान इस साल मई में ईद को लेकर आया था। भारत अब इस बात पर नजर जमाए है कि पाकिस्तान इस मुद्दे को तालिबान के साथ कैसे डील करेगा। माना जा रहा है कि पाकिस्तान और तालिबान के बीच अखुंदजादा को लेकर बातचीत चल रही है। अखुंदजादा की उम्र 60 से 65 साल के बीच है।

कौन है हिबतुल्लाह अखुंदजादा
हिबतुल्लाह अखुंदजादा 2016 में तालिबान का सरगना बना था। उससे पहले तालिबान का चीफ अख्तर मंसूर नाम का आतंकी था। 2016 में अमेरिकी ड्रोन हमले में अख्तर मंसूर की मौत हो गई थी। इसके बाद अखुंदजादा को तालिबान की कमान दी गई थी। हिबतुल्लाह अखुंदजादा को इस्लाम का अच्छा जानकार माना जाता है। खासतौर से धार्मिक कानून का उसको एक्सपर्ट माना जाता है।












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