Pak Afghan में 'महाजंग'! तालिबान ने पाक के खिलाफ खोला 'ऑपरेशन सिंदूर' जैसा मोर्चा, कई सैन्य अड्डे दहलाए
Taliban Attacks Pakistan: अफगान-पाक सीमा विवाद पर युद्ध की लपटें अब और तेज हो गई हैं। सोमवार, 2 मार्च 2026 को अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ 'खुली जंग' का ऐलान करते हुए उसके सबसे संवेदनशील सैन्य ठिकानों पर भीषण हवाई हमले किए हैं। यह कार्रवाई पाकिस्तान द्वारा काबुल और बगराम एयरबेस पर की गई बमबारी के जवाब में की गई है।
दिलचस्प बात यह है कि विशेषज्ञ इस घटनाक्रम को भारत के 'ऑपरेशन सिंदूर' (Operation Sindoor) से जोड़कर देख रहे हैं, जिसने पिछले साल ही पाकिस्तान के सैन्य अहंकार को चकनाचूर कर दिया था।

तालिबान के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उनके 'सशस्त्र ड्रोन्स' (Armed Drones) और वायुसेना ने पाकिस्तान के भीतर घुसकर रावलपिंडी और क्वेटा जैसे हाई-प्रोफाइल सैन्य इलाकों को निशाना बनाया है।
Taliban hits Pakistan Nur Khan Airbase: तालिबान का घातक प्रहार कहां-कहां हुए हमले?
तालिबान के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद के अनुसार, उनके लड़ाकों ने पाकिस्तान के 'दिल' पर चोट की है। तालिबान के हमले से पाकिस्तान के रावलपिंडी में स्थित नूर खान एयरबेस धुआं-धुआं हो गया है। इसी बेस का इस्तेमाल पाक वायुसेना भारत के खिलाफ साजिशों के लिए करती रही है।
12वीं कोर हेडक्वार्टर, क्वेटा बलूचिस्तान स्थित पाकिस्तानी सेना के इस सबसे बड़े केंद्र पर तालिबान ने सटीक ड्रोन हमले किए हैं। खैबर पख्तूनख्वा की मोहम्मद एजेंसी और खैबर पख्तूनख्वा (KPK) में मौजूद घलानी सैन्य चौकियों को पूरी तरह तबाह कर दिया गया है। तालिबान का दावा है कि इन हमलों में भारी नुकसान हुआ है, हालांकि पाकिस्तान की ओर से अभी तक इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
'ऑपरेशन सिंदूर' का साया: पाकिस्तान को मिला अपना ही सबक
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि तालिबान आज वही रणनीति अपना रहा है जो भारत ने मई 2025 में 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान अपनाई थी। पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत ने पाकिस्तान के भीतर घुसकर जैश और लश्कर के ठिकानों के साथ-साथ उनके सैन्य इंफ्रास्ट्रक्चर को तबाह कर दिया था। उस समय भारत ने 'नूर खान एयरबेस' पर भी सर्जिकल स्ट्राइक की थी।
आज पाकिस्तान एक साथ दो मोर्चों पर फंसा हुआ है। एक तरफ भारत का डर और दूसरी तरफ तालिबान का 'ऑपरेशन सिंदूर' जैसा ही आक्रामक तेवर। तालिबान ने पाकिस्तान को यह दिखा दिया है कि अब वह 'सुरक्षित' नहीं है। Af-Pak मोर्चे पर बढ़ता संघर्ष इस बात का संकेत है कि पाकिस्तान अब एक साथ कई फ्रंट पर दबाव झेल रहा है भारत के साथ बदले समीकरण, अफगान तालिबान की सख्ती और अंतरराष्ट्रीय निगरानी।
पाकिस्तान की 'बौखलाहट': काबुल और बगराम पर हमला
इससे पहले 28-29 फरवरी की दरम्यानी रात पाकिस्तानी जेट विमानों ने काबुल और बगराम एयरबेस (पूर्व अमेरिकी बेस) को निशाना बनाया था। बगराम वही बेस है जिसमें डोनाल्ड ट्रंप ने दोबारा अमेरिकी मौजूदगी की दिलचस्पी जताई थी। पाकिस्तान ने इसे निशाना बनाकर न केवल तालिबान बल्कि अमेरिका को भी उकसाने की कोशिश की है। तालिबान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए बगराम पर हुए हमले को नाकाम करने का दावा किया और कहा कि उनके एंटी-
क्षेत्रीय संकट की ओर बढ़ता दक्षिण एशिया?
लगातार चौथे दिन जारी Af-Pak टकराव ने यह साफ कर दिया है कि यह अब केवल दो देशों का विवाद नहीं रहा। ड्रोन हमले, एयरस्पेस उल्लंघन और सैन्य ठिकानों पर हमलों के दावे पूरे क्षेत्र को अस्थिरता की ओर धकेल सकते हैं। फिलहाल पाकिस्तान की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
सीमा पर हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं और वैश्विक शक्तियों की नजरें काबुल और इस्लामाबाद दोनों पर टिकी हैं। ऑपरेशन सिंदूर के बाद बदले रणनीतिक माहौल में Af-Pak तनाव अब दक्षिण एशिया की सबसे बड़ी सुरक्षा चुनौती बनकर उभरता दिख रहा है।












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