चीन से मुकाबले को तैयार हुआ ताइवान, हर युवा को देगा 1 साल की मिलिट्री ट्रेनिंग, राष्ट्रपति ने किया ऐलान
राष्ट्रपति त्साई इंग-वेन ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "ताइवान के खिलाफ चीन की धमकी और अधिक स्पष्ट हो रही है"। "कोई भी युद्ध नहीं चाहता... लेकिन मेरे देशवासियों, शांति आसमान से नहीं गिरेगी।"

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चीन की बढ़ती आक्रामकता के बीच ताइवान की राष्ट्रपति त्साई इंग-वेन ने साल 2024 से देश के हर नागरिकों के लिए 1 साल का अनिवार्य सैन्य प्रशिक्षण लागू करने का ऐलान कर दिया है। इससे पहले ताइवान में अनिवार्य सैन्य सेवा की अवधि चार महीने ही थी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, चीन की बढ़ती आक्रामकता के बीच ताइवान की राष्ट्रपति त्साई इंग-वेन ने मंगलवार को इस निर्णय की घोषणा की।

ताइवान को अपना हिस्सा मानता है चीन
चीन, लोकतांत्रिक ताइवान को अपना हिस्सा मानता है। शी जिनपिंग के चीन के राष्ट्रपति पद का तीसरा कार्यकाल संभालने के बाद से चीन-ताइवान विवाद तेज हो चुका है। शी जिनपिंग कुछ महीने भी कह चुके हैं कि यदि आवश्यक्ता हुई तो चीन किसी भी दिन बलपूर्वक ताइवान पर कब्जा कर लेगा। यूक्रेन पर रूस के आक्रमण ने ताइवान के शीर्ष नेताओं की चिंताओं को बढ़ा दिया है।

साल 2024 से लागू होगा नया नियम
राष्ट्रपति त्साई इंग-वेन ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "ताइवान के खिलाफ चीन की धमकी और अधिक स्पष्ट हो रही है"। "कोई भी युद्ध नहीं चाहता ... लेकिन मेरे देशवासियों, शांति आसमान से नहीं गिरेगी।" उन्होंने कहा, कि मौजूदा चार महीने की सैन्य सेवा तेजी से और हमेशा बदलती स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त नहीं है। इसलिए साल 2024 से एक साल की सैन्य सेवा बहाल करने का फैसला किया गया है।

2017 में हुआ था बदलाव
राष्ट्रपति त्साई ने कहा कि यह नया फैसला 1 जनवरी 2005 के बाद पैदा हुए पुरुषों पर लागू होगा। आपको बता दें कि ताइवान में अनिवार्य सैन्य सेवा बेहद अलोकप्रिय हुआ करता था। सबसे पहले ताइवान ने जापान से लड़ने के लिए अनिवार्य सैन्य सेवा को 1951 में अपनाया था, ताकि अपने इलाकों पर नियंत्रण रखा जा सके। इसमें हर नागरिक को कम से कम 2 सालों तक देश की सेवा करनी होती थी। हालांकि ये वहां के नागरिकों के लिए बेहद बुरा अनुभव साबित हुआ। धीरे-धीरे इसमें कमी होती गई और 2017 में इसे घटाकर बस 4 महीने का कर दिया गया था।

जनता भी अनिवार्य सेवा काल को बढ़ाने के पक्ष में
फिलहाल ताइवान की सेवा में कार्यरत 188,000 सैनिकों में से 10 फीसदी सैनिक 4 महीने की आवश्यक सेवा में लगे हुए हैं। हाल में कराए गए पोल से पता चला है कि ताइवान की तीन-चौथाई जनता यह मानती है कि 4 महीने की अनिवार्य सेवा बहुत कम है। ताइवानी पब्लिक ओपिनियन फाउंडेशन के एक रिसर्च फेलो पॉल हुआंग ने कहा, "यह उन बुनियादी कदमों में से एक है, जिन्हें बहुत पहले किया जाना चाहिए था।












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