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WHO की मीटिंग में नहीं होगा ताइवान, चीन के दबाव के चलते नहीं किया गया इनवाइट

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ताइपे। ताइवान के विदेश मंत्री जोसेफ वू ने कहा है कि उनका देश जेनेवा में 18 मई से शुरू होने वाली मीटिंग में हिस्‍सा नहीं लेगा। न्‍यूज एजेंसी रॉयटर्स की तरफ से बताया गया है कि चीन के दबाव के चलते उनके देश को इनवाइट नहीं किया गया है। जोसेफ के मुताबिक कई कोशिशों के बाद भी इसमें सफलता नहीं मिल सकी और अब इस मसले पर इस साल के अंत में चर्चा होगा।

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चीन से सटा मगर सबसे कम केस

जोसेफ ने कहा है कि इसके बाद भी वह दूसरे देशों में मेडिकल सप्‍लाई में कमी नहीं होने देगा। साथ ही ताइवान के विदेश मंत्री ने चीन के दोहरे व्यवहार का विरोध करने की बात कही है जो इस तरह के मंचों से उसे दूर रखता है।जोसेफ ने कहा कि वह इस बात पर सहमत हैं कि बैठक में उसकी भागीदारी को लेकर साल के अंत में चर्चा की जाएगी जब कोरोना पर थोड़ा नियंत्रण किया जा सकेगा। सात मई को जेनेवा में सात देशों अमेरिका, जापान, जर्मनी, फ्रांस, यूके, कनाडा, ऑस्‍ट्रेलिया और न्‍यूजीलैंड के राजदूतों की तरफ से डब्‍लूएचओ को डेमार्श जारी किया गया था। इसकी अगुवाई अमेरिका और जापान ने की थी। जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के मुताबिक ताइवान में कोरोना वायरस के बस 440 केस सामने आए और महामारी से सात लोगों की जान गई। जबकि इससे सटे चीन में 84,000 केसेज और 4600 मौतें दर्ज हुईं। साल 2009 से 2016 तक ताइवान ने डब्‍लूएचओ एसेंबली (डब्‍लूएचओ) में नॉन-वोटर ऑब्‍जर्वर के तौर पर शिरकत की थी। लेकिन जब साइ इंग वेन को ताइवान की राष्‍ट्रपति बनीं तो उन्‍होंने चीन को चुनौती देना शुरू कर दिया। साल 2016 में चीन डब्‍लूएचओ का मुखिया बना और उसने ताइवान को किनारे कर दिया। साइ इंग वेन फिर से राष्‍ट्रपति चुनी गई हैं और 20 मई को उनका दूसरा कार्यकाल शुरू होगा।

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English summary
Taiwan did not get invite for WHO meeting in Geneva due to Chinese pressure says foreign Minister Joseph Wu.
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