ताइवान ने किया युद्ध की तैयारी का ऐलान, ऑस्ट्रेलिया-अमेरिका से मांगी मदद, चीन ने भेजे 56 लड़ाकू विमान
पिछले एक हफ्ते में चीन, ताइवान में 100 से ज्यादा लड़ाकू विमानों को भेज रहा है और डिफेंस एक्सपर्ट्स ने कहा है कि चीन चाहता है कि ताइवान कोई गलती करे और वो उसके ऊपर हमला कर दे।
ताइपे, अक्टूबर 05: चीन की वजह से ये दुनिया विनाशकारी युद्ध की तरफ बहुत बड़ा कदम बढ़ा चुकी है। ताइवान से आ रही खबर के मुताबिक, चीन की आक्रामकता से आजिज आकर ताइवान ने युद्ध की तैयारी शुरू करने की घोषणा कर दी है। जिसके बाद पूरी दुनिया टेंशन में आ गई है। ताइवान के विदेश मंत्री ने युद्ध की तैयारी की घोषणा करते हुए वैश्विक समुदाय से मदद मांगी है और खासतौर पर ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका से फौरन मदद की मांग की है।

चीन ने फिर भेजे 56 वारक्राफ्ट
पिछले एक हफ्ते में चीन लगातार ताइवान में अपने लड़ाकू विमानों को भेज रहा है और अब तक चीन की तरफ से पिछले चार दिनों में 100 से ज्यादा विध्वंसक लड़ाकू विमानों को ताइवान के हवाई क्षेत्र में भेजा जा चुका है। सोमवार को एक बार फिर से चीन ने ताइवान की तरफ 56 लड़ाकू विमानों को भेज दिया, जो अब तक का रिकॉर्ड है। चीन के ये लड़ाकू विमान लगातार ताइवान के हवाई क्षेत्र में मिलिट्री ड्रिल कर रहे थे और ऐसा लग रहा था कि वो किसी भी वक्त ताइवान पर हमला कर देंगे। ताइवान के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय के अनुसार, 52 विमानों की पहले खेप में चीन की तरफ से 34 जे-16 लड़ाकू जेट और 12 एच-6 बमवर्षक विमानों को भेजा गया था। जिसके बाद, चार और चीनी जे-16एस लड़ाकू विमान को ताइवान के हवाई इलाके में चीन की तरफ से भेजा गया।

चीन ने दी है युद्ध की धमकी
चीन की तरफ से ताइवान को धमकी देते हुए कहा गया है कि वो लोकतांत्रिक तरीके से ताइवान पर शासन करना चाहता है, लेकिन अगर ताइवान ने चीन की बात मानने से इनकार किया, तो चीन अपनी ताकत के दम पर ताइवान पर कब्जा कर लेगा और उसे अपने नियंत्रण में ले लेगा। चीन ने साफ तौर पर कहा है कि वो ताइवान को चीन का हिस्सा मानता है और उसकी स्वतंत्रता की बात को खारिज करता है। जबकि, ताइवान की तरफ से कहा गया है कि वो एक स्वतंत्र देश है और पूरी दुनिया को उसकी स्वतंत्रता और उसकी संप्रभुता का सम्मान करना चाहिए। वहीं, पिछले एक हफ्ते में जैसा माहौल बना है, उसे लेकर डिफेंस एक्सपर्ट्स चिंता जता रहे हैं और कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि चीन लगातार ताइवान को उकसाने की कोशिश कर रहा है और चीन चाहता है कि ताइवान कोई एक 'गलती' करे। चीन पर नजर रखने वाले एक डिफेंस एक्सपर्ट ने कहा कि, चीन चाहता है कि उसके विमान पर सिर्फ एक बार ताइवान हमला कर दे, फिर सारा खेल चीन का होगा।
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ताइवान ने शुरू की युद्ध की तैयारी
ताइवान के विदेश मंत्री जोसेफ वू ने सोमवार को कहा है कि चीन कभी भी ताइवान पर हमला कर सकता है, लिहाजा अब वक्त आ गया है, जब ताइवान को युद्ध की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। ताइवान के विदेश मंत्री ने कहा कि, चीन किसी भी समय ताइवान के खिलाफ युद्ध का ऐलान कर सकता है और ताइवान आखिरी सांस तक चीन के साथ लड़ाई लड़ेगा। आपको बता दें कि 1949 में गृहयुद्ध के दौरान चीन और ताइवान अलग हो गये थे और चीन अंतरराष्ट्रीय संगठनों में ताइवान की भागीदारी का विरोध करता है। ताइवान के विदेश मंत्री ने युद्ध की स्थिति में ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका से फौरन मदद मांगी है। ताइवान ने कहा है कि, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका भी लोकतांत्रिक देश हैं, लिहाजा उसे उम्मीद है कि ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका युद्ध की स्थिति में उसकी मदद करने के लिए जरूर आएंगे।

काफी ज्यादा आक्रामक है चीन
पिछले शुक्रवार को चीन में राष्ट्रीय दिवस मनाया गया है। जिसके बाद से चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने शनिवार को ताइवान में 38 युद्धक विमानों और 39 सामान्य विमानों को भेजा, जो ताइवान द्वारा सितंबर 2020 में उड़ानों पर रिपोर्ट जारी करने के बाद से एक दिन में सबसे अधिक है। वहीं, रविवार को एक बार फिर से चीन ने 16 लड़ाकू विमानों को ताइवान की सीमा में भेज दिया। रिपोर्ट के मुताबिक चीन के लड़ाकू विमानों ने ताइवान के खिलाफ मिलिट्री ड्रिल में 814 फेरे लगाए हैं, जिसके बाद ताइवान को डर है कि चीन उसके ऊपर कभी भी हमला कर सकता है।

अमेरिका ने जताई स्थिति पर चिंता
व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव जेन साकी ने सोमवार को वाशिंगटन में कहा कि, "हम ताइवान के पास पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना की उत्तेजक सैन्य गतिविधि से चिंतित हैं, जो क्षेत्र में शांति को अस्थिर कर रहा है, और चीन खतरे का गलत अनुमान लगा रहा है, जिससे क्षेत्रीय शांति और स्थिरता कमजोर हो रही है। हम बीजिंग से ताइवान के खिलाफ सैन्य, राजनयिक और आर्थिक दबाव और जबरदस्ती बंद करने का आग्रह करते हैं।'' अमेरिकी विदेश विभाग की चिंता पर जवाब देते हुए चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि, अमेरिका द्वारा ताइवान को हथियार बेचने के साथ-साथ ताइवान जलडमरूमध्य को नेविगेट करने वाले जहाज "उकसाने वाली कार्रवाई थी जिसने यू.एस.-चीन संबंधों को नुकसान पहुंचाया है।"

अमेरिका को चीन ने धमकाया
चीन विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने सोमवार रात एक बयान जारी करते हुए कहा है कि, "चीन सभी आवश्यक जवाबी कदम उठाएगा और किसी भी 'ताइवान स्वतंत्रता' की साजिश को कुचल देगा।" चीन का ये बयान काफी आक्रामक है और अमेरिका के खिलाफ सीधा बयान है और चीन ने एक तरह से अमेरिका को युद्ध की धमकी भी दे दी है। ऐसे में सवाल उठता है कि अब अमेरिका अगला कदम क्या उठाएगा? हालांकि, अभी भी अमेरिका का एयरक्राफ्ट कैरियर साउथ चायना सी में मौजूद है और उसे अमेरिका ने ताइवान की मदद के लिए ही रखा है, बावजूद इसके अमेरिका के लिए अकेले ताइवान को बचाना काफी मुश्किल होगा, ऐसे में सवाल ये उठता है कि अगर चीन ताइवान के ऊपर हमला कर देता है, तो ये लड़ाई किस मोड़ पर जाएगा?












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