Taimur Cruise Missile: ब्रह्मोस को टक्कर देने आया 'तैमूर', पाकिस्तान की नई मिसाइल ने उड़ाई दुनिया की नींद!
Taimur Cruise Missile: पाकिस्तान ने हाल ही में अपनी स्वदेशी 'तैमूर' एयर लॉन्च क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। यह मिसाइल मुख्य रूप से नौसेना की ताकत बढ़ाने और समुद्री सीमाओं की सुरक्षा के लिए तैयार की गई है। पाकिस्तानी सेना के अनुसार, यह परीक्षण उनकी सैन्य तैयारियों और आधुनिक युद्ध क्षमता का एक बड़ा प्रदर्शन है।
इस मिसाइल को भारत की 'ब्रह्मोस' मिसाइल के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है, जिससे दक्षिण एशिया में हथियारों की होड़ और बढ़ सकती है।

Pakistan Navy Missile Test: पाकिस्तानी सेना ने क्या कहा?
पाकिस्तानी सेना की मीडिया शाखा ISPR ने बताया कि तैमूर मिसाइल ने अपने लक्ष्य पर बेहद सटीक निशाना साधा। सेना का दावा है कि इस परीक्षण से पाकिस्तान की लंबी दूरी तक दुश्मन के जहाजों को नष्ट करने की क्षमता साबित हुई है। इस सफलता पर पाकिस्तान के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने वैज्ञानिकों को बधाई दी। गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने इसे देश की रक्षा प्रणाली के लिए एक बड़ा 'मील का पत्थर' करार दिया है।
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तैमूर मिसाइल की मारक क्षमता
तैमूर मिसाइल की सबसे बड़ी खूबी इसकी 600 किलोमीटर की रेंज है। यह एक 'स्टैंड-ऑफ' हथियार है, जिसका मतलब है कि पाकिस्तानी लड़ाकू विमान दुश्मन के रडार की पकड़ में आए बिना बहुत दूर से ही इसे लॉन्च कर सकते हैं। यह मिसाइल जमीन के काफी करीब उड़ान भरती है, जिससे दुश्मन के डिफेंस सिस्टम के लिए इसे समय रहते पहचानना और मार गिराना बहुत मुश्किल हो जाता है।
रफ्तार और तकनीकी विशेषताएं
तकनीकी रूप से तैमूर एक सबसोनिक मिसाइल है, यानी इसकी रफ्तार ध्वनि की गति से कम (लगभग 0.8 मैक) है। यह अपने साथ 400 से 450 किलोग्राम तक का विस्फोटक ले जा सकती है। इसे खास तौर पर दुश्मन के बंकरों और युद्धपोतों को उड़ाने के लिए बनाया गया है। इसमें आधुनिक नेविगेशन सिस्टम लगा है और इसके 'स्टील्थ' डिजाइन के कारण यह रडार की नजरों से बच निकलने में माहिर है।
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ब्रह्मोस और तैमूर में मुख्य अंतर
भारत की ब्रह्मोस और पाकिस्तान की तैमूर के बीच बड़ा अंतर 'रफ्तार' का है। जहां तैमूर सबसोनिक (धीमी) है, वहीं ब्रह्मोस दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक मिसाइल है, जो ध्वनि से तीन गुना तेज चलती है। ब्रह्मोस की मारक क्षमता 800 किमी तक है और यह 'फायर एंड फॉरगेट' (दागो और भूल जाओ) तकनीक पर चलती है। तैमूर को ब्रह्मोस के मुकाबले खड़ा तो किया गया है, लेकिन तकनीक में ब्रह्मोस अब भी काफी आगे है।












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