सीरिया पर अब तक 100 से ज्यादा मिसाइलों की बरसात, ईरान ने ट्रंप को बताया क्रिमिनल और दी चेतावनी
दमिश्क। रूस के केमिकल अटैक के बाद सीरिया पर शुक्रवार शाम को अमेरिका और उनके सहयोगी देश फ्रांस और ब्रिटेन ने अटैक कर दुनिया में नया तनाव पैदा कर दिया है। पिछले सप्ताह 7 अप्रैल को हुए केमिकल अटैक के बाद अमेरिका ने दूसरी बार तीन अलग जगहों पर मिलिट्री बेस को निशाना बनाया। इस बीच सीरियाई मिलिट्री ने दावा किया है दमिश्क और और उसके निकट अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन ने अपने ज्वॉइन ऑपरेशन के दौरान दौरान सीरिया पर कुल 110 मिसाइलें दागी। हालांकि, अभी तक इसमें किसी की भी हताहत की कोई खबर नहीं है। सीरिया में 2011 से चल रहे गृह युद्ध में अमेरिका और उनके सहयोगी देशों द्वारा किया गया यह अब तक का सबसे अटैक है।

ज्यादातर मिसाइलें हमने नष्ट की- सीरिया
इस अटैक के बाद सीरियाई ब्रिगेडियर जनरल अली मेहौब ने अपने बयान में कहा कि यूएस ब्रिटेन और फ्रांस ने हमारे ऊपर अटैक किया, जिसमें से ज्यादातर मिसाइलों को हमने नष्ट कर दिया। उन्होंने कहा, 'उनमें से एक मिसाइल दमिश्क के निकट बारजहा में साइंटिफिक रिसर्च सेंटर पर अटैक किया, जिससे बिल्डिंग बिखर गई। होम्स में एक मिसाइल ने तीन लोगों को घायल कर दिया।' मेहौब का कहना है कि सीरियाई क्षेत्र से 'सशस्त्र आतंकवादियों' को खत्म करने के लिए सीरिया के सैन्य युद्धों से हमले नहीं रोकेंगे।

ईरान ने दी धमकी
ईरान ने भी अमेरिका को चेतावनी देते क्षेत्रीय परिणाम भुगतने की धमकी दी है। ईरान के विदेश मंत्री ने अपने बयान में शनिवार को कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगी देश बिना केमिकल अटैक की जांच किए ही मिलिट्री अटैक से अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी। उन्होंने कहा कि इस भड़काऊ कार्य के कारण अमेरिका क्षेत्रीय परिणामों के लिए जिम्मेदार हैं। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खुमैनी ने डोनाल्ड ट्रंप, ब्रिटिश पीएम थेरेसा मे और फ्रांस के राष्ट्रपकति इमैन्युअल मैक्रों को क्रिमिनल बताया है।

केमिकल अटैक रोकने के लिए कार्रवाई जरूरी- नाटो
नाटो (NATO) ने पश्चिमी हमले का समर्थन करते हुए कहा है कि इससे सीरिया में रूस के केमिकल अटैक को रोकने में मदद मिलेगी। नाटो के सेक्रेटरी जनरल जेन्स स्टोल्टनबर्ग ने कहा कि केमिकल अटैक पूरे दुनिया के लिए शांति और सुरक्षा के लिए खतरा है इसलिए उसे रोकना जरूर ही। अटैक के बाद शनिवार सुबह सीरिया की सड़कों पर हजारों लोग सड़कों पर उतर आए और जश्न विक्ट्री का साइन का दिखाते हुए जश्न मना रहे थे। कई लोग सीरिया का झंडा लहरा रहे थे, वहीं कई लोग रूस और ईरान के झंडे लेकर सड़कों पर उतरे थे। लोग नारा लगाते हुए कह रहे थे - 'बशर हम तुम्हारे लोग है।'












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