US President Election: राष्ट्रपति चुनाव में अमेरिका में कौन कौन हैं स्विंग स्टेट, ट्रंप या कमला, कौन आगे?
US Presidential Election: अमेरिका में इस साल 5 नवंबर को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव की रेस से मौजूदा राष्ट्रपति जो बाइडेन के हटने की घोषणा ने चुनावी माहौल को पूरी तरह से बदल दिया है और जो डेमोक्रेटिक, करीब करीब चुनाव से बाहर हो गई थी, कमला हैरिस की एंट्री के साथ ही वो काफी मजबूत दिखने लगी है।
कमला हैरिस, जो डेमोक्रेटिक पार्टी की संभावित उम्मीदवार हैं, उन्हें लिंग, जातीयता, नस्ल, उम्र जैसे अलग अलग फैक्टर्स की वजह से काफी समर्थन मिल रहा है, लिहाजा सवाल ये हैं, क्या वह उन राज्यों में स्विंग वोटरों को अपने पक्ष में कर पाएंगी, जो अक्सर रिपब्लिकन और डेमोक्रेट पार्टी के बीच जीत-हार का फैसला करते हैं।

अमेरिकी चुनाव में स्विंग स्टेट्स का महत्व
अमेरिका में कुछ राज्य इलेक्शन में काफी महत्व निभाते हैं और जीत हार का फैसला यही राज्य करते हैं। इस बार के चुनाव में स्विंग स्टेट के तौर पर एरिजोना, जॉर्जिया, नेवादा, उत्तरी कैरोलिना, मिशिगन, पेंसिल्वेनिया और विस्कॉन्सिन की पहचान की गई है।
राष्ट्रपति का चुनाव इलेक्टोरल कॉलेज प्रणाली के माध्यम से होता है, जहां प्रत्येक राज्य के पास एक निश्चित संख्या में वोट होते हैं। इन राज्यों के वोट जीत के लिए लक्ष्य रखने वाले किसी भी उम्मीदवार के लिए महत्वपूर्ण हैं।
कमला हैरिस जातीय अल्पसंख्यक मतदाताओं के डोनाल्ड ट्रम्प की ओर झुकाव को कम कर सकती हैं और प्रजनन अधिकारों पर रिपब्लिकन की कमजोरियों का जबरदस्त फायदा उठा सकती हैं। हालांकि, कॉलेज की शिक्षा के बिना श्वेत मतदाताओं को आकर्षित करने में उन्हें चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। पेंसिल्वेनिया और विस्कॉन्सिन जैसे महत्वपूर्ण स्विंग राज्यों में इस जनसांख्यिकी का ज्यादा प्रतिनिधित्व है।
उदाहरण के तौर पर, पेंसिल्वेनिया के पास 19 वोट हैं और कैलिफोर्निया के पास 54। इस प्रणाली को इलेक्टोरल कॉलेज (EC) कहा जाता है, और लगभग सभी राज्यों में वही उम्मीदवार जीत हासिल करता है, तो सभी वोट अपने पक्ष में करता है। चूंकि EC के पास 538 वोट हैं, इसलिए राष्ट्रपति चुने जाने के लिए उम्मीदवारों को उन राज्यों में जीत हासिल करनी होगी, जहां EC के कुल 270 वोट हों।
कमला हैरिस को संभल के चुनना होगा उप-राष्ट्रपति उम्मीदवार
कमला हैरिस का रनिंग मेट, यानि उप-राष्ट्रपति उम्मीदवार कौन होगा, फिलहाल ये तय नहीं हो पाया है। लेकिन, स्विंग स्टेट में जीत हासिल करने के लिए उन्हें संभलकर उप-राष्ट्रपति उम्मीदवार चुनना होगा।
एक्सपर्ट्स का कहना है, कि चूंकी खुद कमला हैरिस एक अश्वेत जातीय अल्पसंख्यक उम्मीदवार हैं, इसलिए उन्हें अपना रनिंग मेट एक श्वेत उम्मीदवार को बनाना चाहिए। और यही वजह है, कि कमला हैरिस की शुरुआती पसंदीदा रनिंग मेट, पेंसिल्वेनिया के गवर्नर जोश शापिरो हैं, जिन्होंने 2022 में निर्णायक बहुमत हासिल किया था, और उन्होंने ट्रम्प समर्थक डग मैस्ट्रियानो को हरा दिया था, जो अमेरिकी संसद में 6 जनवरी 2021 को हुए हिंसा के दौरान रैली का हिस्सा थे।
इस फ्रेम में एक और स्विंग स्टेट का नाम एरिजोना के सीनेटर मार्क केली है, जो एक पूर्व अंतरिक्ष यात्री हैं और आम तौर पर एक समझदार मध्यमार्गी के रूप में देखे जाते हैं। वो भी कमला हैरिस के लिए तुरुप का इक्का साबित हो सकते हैं।
कमला हैरिस के संभावित उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार
कमला हैरिस के संभावित उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के बारे में अटकलें लगाई जा रही हैं। पेन्सिलवेनिया के गवर्नर जोश शापिरो और एरिजोना के सीनेटर मार्क केली सबसे आगे चल रहे हैं। इसके अलावा, दक्षिण में राज्यव्यापी जीत की क्षमता रखने वाले डेमोक्रेट, जैसे कि उत्तरी कैरोलिना के गवर्नर रॉय कूपर और केंटकी के गवर्नर एंडी बेशर पर भी विचार किया जा रहा है।
स्विंग-स्टेट के निवासियों को नवंबर के लिए अपने विकल्पों पर विचार करते समय दरवाजे खटखटाने और चुनावी कैम्पेन के लिए तैयार रहना चाहिए। पिछले चुनावों में इन राज्यों की भूमिका स्पष्ट थी। 2016 में, स्विंग राज्यों में अपनी सफलता की वजह लोकप्रिय वोट खोने के बावजूद डोनाल्ड ट्रम्प ने जीत हासिल की थी।
अमेरिकी चुनाव का इतिहास क्या बताता है?
इलेक्टोरल कॉलेज सिस्टम ने पिछले चुनावों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 2020 में, जो बाइडेन ने ट्रम्प को दूसरा कार्यकाल देने से रोकने के लिए मिशिगन, पेंसिल्वेनिया और विस्कॉन्सिन जैसे महत्वपूर्ण स्विंग राज्यों में भारी जीत हासिल की थी। विस्कॉन्सिन के 10 इलेक्टोरल कॉलेज वोटों ने 2016 और 2020 दोनों में निर्णायक भूमिका निभाई थी।
सर्वेक्षणों से संकेत मिलता है, कि विस्कॉन्सिन और अन्य स्विंग राज्य वर्तमान में ट्रम्प के पक्ष में झुके हुए हैं। इससे यह सवाल उठता है, कि क्या कमला हैरिस अपने पक्ष में गति बदल सकती हैं? आगामी चुनाव में उनकी सफलता के लिए इन प्रमुख राज्यों में जीत हासिल करना आवश्यक होगा।
स्विंग स्टेट्स और इलेक्टोरल कॉलेज सिस्टम की गतिशीलता अमेरिकी चुनावों में उनके महत्व को उजागर करती है। जैसे-जैसे हैरिस राष्ट्रपति पद के लिए अभियान चला रही हैं, विविध मतदाता समूहों से जुड़ने की उनकी क्षमता का टेस्ट किया जाएगा। परिणाम महत्वपूर्ण स्विंग-स्टेट मतदाताओं को जीतने की उनकी रणनीति पर निर्भर करेगा।












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