मुश्किल में सऊदी अरब क्राउन प्रिंस? पत्रकार जमाल खशोगी मर्डर का संदिग्ध पेरिस से पकड़ा गया
क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के आलोचक खशोगी को आखिरी बार 2 अक्टूबर 2018 को इस्तांबुल में सऊदी वाणिज्य दूतावास में प्रवेश करते देखा गया था।
पेरिस, दिसंबर 08: फ्रांसीसी पुलिस ने मंगलवार को उस संदिग्ध को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है, जिसके ऊपर सऊदी अरब के प्रख्यात पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या करने में शामिल होने का आरोप है। रिपोर्ट के मुताबिक, फ्रांस की राजधानी पेरिस से रियाद के लिए फ्लाइट लेते वक्त फ्रांस की पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

खशोगी हत्याकांड का संदिग्ध गिरफ्तार
सऊदी पत्रकार जमाल खशोगी की मंगेतर ने संदिग्ध को हिरासत में लेने का स्वागत किया और कहा कि 2018 की हत्या में उसकी भूमिका के लिए उस पर मुकदमा चलाया जाना चाहिए। हालांकि, पेरिस स्थित सऊदी दूतावास ने कहा कि गिरफ्तार व्यक्ति का "इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है।" सऊदी दूतावास से जारी बयान में कहा गया है कि, "सऊदी किंगडम गिरफ्तार व्यक्ति की तत्काल रिहाई चाहता है"। फ्रांसीसी पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार किए गये आरोपी का नाम खालिद एध अल-ओताबी है और उसकी पहचान सऊदी रॉयल गार्ड के एक पूर्व सदस्य के रूप में की गई है। ये वही नाम है जिसे अमेरिका और ब्रिटेन ने प्रतिबंधित लिस्ट में रखा हुआ है और उसके ऊपर जमाल खशोगी की हत्या का इल्जाम है।

तुर्की ने जारी किया था वारंट
तुर्की पुलिस सूत्रों के मुताबिक, फ्रांस पुलिस ने तुर्की द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट को लेकर आरोपी को गिरफ्तार किया है। तुर्की पुलिस ने 2019 में खालिद एध अल-ओताबी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। आपको बता दें कि, जमाल खशोगी अमेरिकी अखबार वाशिंगटन पोस्ट के पत्रकार थे और तुर्की में उनकी हत्या उसवक्त कर दी गई थी, जब वो सऊदी दूतावास में कुछ कागजात लाने के लिए गये थे। जमाल खशोगी की हत्या के लिए 'सुपारी' देने का आरोप सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान पर है। क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के आलोचक खशोगी को आखिरी बार 2 अक्टूबर 2018 को इस्तांबुल में सऊदी वाणिज्य दूतावास में प्रवेश करते देखा गया था। तुर्की के अधिकारियों का मानना है कि उनके शरीर को टुकड़े टुकड़े कर फेंक दिया गया, इसीलिए उनका बॉडी कहीं नहीं मिला।

सऊदी दूतावास में जमाल की हत्या
2 अक्टूबर 2018- 2 अक्टूबर 2018 को पत्रकार जमाल खशोगी फिर से सऊदी दूतावास पहुंचे जहां सिक्योरिटी कैमरे में उन्हें दूतावास बिल्डिंग में जाते हुए देखा गया। वहीं उनकी मंगेतर Hatice Cengiz काउंसलेट के बाहर उनका इंतजार कर रही थीं। मंगेतर Hatice Cengiz को पत्रकार जमाल ने कहा था कि अगर उन्हें कुछ भी गड़बड़ लगे तो वो फौरन Yasin Aktay नाम के शख्स को फोन कर ले जो तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब इर्दुगन के बेहद करीबी हैं। तीन घंटे तक Hatice Cengiz तुर्की में सऊदी दूतावास के बाहर पत्रकार जमाल खशोगी का इंतजार करती रहीं और जब वो बाहर नहीं निकले तो फिर वो खुद दूतावास में गईं, जहां उन्हें बताया गया कि जमाल खशोगी काफी पहले ही दूतावास के पिछले दरवाजे से बाहर जा चुके हैं। बाद में पता चला की उनकी हत्या की जा चुकी है।

किंगडम की तीखी प्रतिक्रिया
खालिद एध अल-ओताबी की गिरफ्तारी को लेकर सऊदी अरब किंगडम की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया दी गई है और कहा गया है कि, फ्रांस फौरन खालिद एध अल-ओताबी को रिहा करे। पेरिस स्थिति फ्रांस दूतावास ने कहा है कि, फ्रांस की पुलिस ने जिस खालिद एध अल-ओताबी को गिरफ्तार किया है, वो गलत आदमी है। वो संदिग्ध नहीं है। फ्रांस दूतावास ने कहा है कि, ''किंगडम ने उम्मीद जताई है कि फ्रांस सरकार जल्द से जल्द गिरफ्तार किए गये सऊदी निवासी को छोड़ देगी''। सऊदी दूतावास ने कहा कि, ''यह स्पष्ट नहीं है कि अल-ओताबी फ्रांस में कैसे और कब पहुंचे।''

सऊदी ने गिरफ्तारी को बताया 'अवैध'
फ्रांसीसी आंतरिक मंत्रालय ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। वहीं, तुर्की के अधिकारियों ने कहा कि वे हिरासत में लिए गए व्यक्ति की पहचान की पुष्टि की प्रतीक्षा कर रहे हैं। जबकि, सऊदी अरब के एक अधिकारी ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि, "मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि एक व्यक्ति जिसे सऊदी नागरिक जमाल खशोगी के खिलाफ अपराध में फंसाया गया था, उसे फ्रांस में गिरफ्तार किया गया है, झूठी हैं।" अधिकारी ने कहा कि, "यह गलत पहचान का मामला है। अपराध के दोषी लोग वर्तमान में सऊदी अरब में अपनी सजा काट रहे हैं।" खशोगी की मंगेतर, हैटिस केंगिज़ ने ट्विटर पर कहा कि, "मैं आज फ्रांस में जमाल के हत्यारों में से एक की गिरफ्तारी का स्वागत करती हूं।"












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