ब्रिटिश समाज को बर्बाद कर रहे हैं पाकिस्तानी, पूर्व रॉ-चीफ ने UK की गृहमंत्री के दर्द को बताया खौफनाक सच
पाकिस्तानियों को लेकर दुनियाभर में गुस्सा रहा है। सऊदी अरब और यूएई की मूल लड़कियों के किसी पाकिस्तानी शख्स के साथ शादी करने पर प्रतिबंध लगा हुआ है।

Pakistani in UK: यूके की गृहमंत्री सुएला ब्रेवरमैन ने एक टेलीविजन चैनल को दिए गये इंटरव्यू में कहा है, कि "ब्रिटिश पाकिस्तानी यूके की गोरी लड़कियों से रेप करते हैं, उन्हें ड्रग्स देते हैं और उनका समाज इन बातों को ना सिर्फ स्वीकार करता है, बल्कि उस समाज से ऐसे अपराधों के खिलाफ कोई प्रतिक्रिया नहीं दी जाती है।" UK की गृहमंत्री ने ब्रिटिश पाकिस्तानी पुरूषों को लेकर काफी कड़ी टिप्पणी की है और कहा है, कि ब्रिटिश पाकिस्तानी एक गैंग बनाकर काम करते हैं, जिनके लिए गोरी लड़कियों को शिकार बनाना काफी आसान होता है। ब्रिटिश पाकिस्तानी, गोरी लड़कियों की परिस्थितियों का फायदा उठाते हैं, उन्हें ड्रग्स देते हैं और उनके साथ रेप करते हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा, कि "हमने देखा है, कि राज्य की पुलिस एजेंसियां और सामाजिक कार्यकर्ता, ऐसे मामलों मुंह फेर लेते हैं।" यूके की गृहमंत्री ने जो आरोप लगाए हैं, उनपर भारतीय खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड ऐनेलिसिस विंग यानि रॉ के पूर्व चीफ विक्रम सूद मुहर लगा रहे हैं।
पूर्व रॉ चीफ ने बताई घिनौनी सच्चाई
ब्रिटेन में पाकिस्तानी मूल के नागरिकों ने खतरनाक गंध मचाकर रखा है और वो गिरोह बनाकर गोरी लड़कियों का शिकार करते हैं, इस बात को पूर्व भारतीय रॉ चीफ विक्रम सूद भी सही ठहरा रहे हैं। उन्होंने एक के बाद एक कई ट्वीट में ब्रिटिश पाकिस्तानियों की खौफनाक हरकतों का खुलासा किया है। विक्रम सूद ने समाचार एजेंसी स्मिता प्रकाश के एक ट्वीट को रिट्वीट करते हुए लिखा है, कि "ऐसा यूके में 1997 में से ही हो रहा है, जिनमें 1400 घिनौने नन-मुस्लिम गोरी लड़कियों से बलात्कार के केस सामने आए हैं और इन मामलों में ज्यादातर पाकिस्तानी मूल के नागरिक शामिल हैं"। उन्होंने लिखा है, कि "ऐसे मामलों में शिकायतों को इस्लामोफोबिया के नाम पर साफ कर दिया जाता है।" विक्रम सूद ने लिखा है, कि स्थिति ऐसी बन गई, कि "शिकायत करने वालों को पुलिस सुरक्षा लेनी पड़ी। पुलिस जातिवाद होने के आरोपों और अंतर-सामुदायिक संबंधों को नुकसान पहुंचाने के डर से कार्रवाई करने में हमेशा नाकाम रही"। पूर्व रॉ अधिकारी ने खतरनाक खुलासा करते हुए लिखा है, कि "यूरोप ने भी अपने पूर्व उपनिवेशों के अप्रवासियों के साथ व्यवहार करते समय इसी तरह का व्यवहार किया। ब्रिटेन में इस समस्या को आधिकारिक तौर पर करीब 25 साल बाद स्वीकार किया गया है।"
गोरी लड़कियों के लिए शैतान हैं पाकिस्तानी
यूके की गृहमंत्री ने अपने बयान में साफ शब्दों में कहा है, कि "ब्रिटिश पाकिस्तानी गिरोह बनाकर गोरी लड़कियों से बलात्कार करते हैं", और उनका ये बयान उस मानसिकता को दर्शाता है, जिसे लेकर पाकिस्तानी शख्स ब्रिटेन पहुंचता है। यूके की गृहमंत्री ने जो कहा है, उसे भारत में लव जिहाद कहा जाता है, जिसपर पश्चिमी देश भारत की आलोचना करते हैं, लेकिन अब खुद उसी दर्द को महसूस करने लगे हैं। ऐसा नहीं है, कि हर गुनहगार बच जाते हैं, कई गुनहगारों को सजा भी मिलती है। जैसे उत्तरी इंग्लैंड में करीब 12 गोरी लड़कियों से बलात्कार करने के आरोप में अक्टूबर 2018 में 20 पाकिस्तानियों को जेल की सजा सुनाई गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, सभी पीड़ित लड़कियां नाबालिग थीं। इन लड़कियों को ड्रग्स दिया गया था और किसी लड़की के साथ कार पार्किंग में, तो किसी को सुनसान इलाके में निशाना बनाया गया था।

पाकिस्तानियों की विकृत मानसिकता
पाकिस्तानियों की मानसिकता ही खराब है और सिर्फ यूके ही नहीं, तुर्की भी एक वक्त पाकिस्तानियों से काफी परेशान हुआ था। सऊदी अरब में रेप के आरोप में सौ से ज्यादा पाकिस्तानियों के सिर काट गये हैं, तो तुर्की में बकायदा 'पाकिस्तानियों को भगाओ' कैम्पेन चला है। पिछले साल तुर्की के अलग अलग शहरों में करीब 5000 ऐसे पाकिस्तानी हिरासत में थे, जिनको ऊपर सेक्स क्राइम के आरोप थे। पिछले कुछ सालों में भारी संख्या में अवैध पाकिस्तानी तुर्की पहुंचे हैं, जिन्होंने तुर्की में चोरी और लूटपाट की घटनाओं को भारी स्तर तक बढ़ा दिया है, लिहाजा तुर्की में पाकिस्तानियों को भगाने की मुहिम चली। सिर्फ सेक्स क्राइम में ही नहीं, बल्कि अवैध पाकिस्तान अप्रवासी गिरोह बनाकर लड़ाई करने, मानव तस्करी, नार्को-तस्करी और तुर्की जाने वाले पर्यटकों से फिरौती अपहरण सहित अन्य अपराधों में लिप्त पाए जाते हैं। अप्रैल 2022 में तुर्की में एक ऐसे ही पाकिस्तानी गैंग का पर्दाफाश किया गया था, जिन्होंने नेपाल के कुछ पर्यटकों का अपहरण कर लिया था और उनकी रिहाई के बदले पैसे मांगे थे। तुर्की पुलिस ने इस घटना में 6 पाकिस्तानी नागरिकों को गिरफ्तार किया था।
दुनिया के लिए सिरदर्द बने पाकिस्तानी
अप्रैल 2022 में यूके सरकार की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन में गिरफ्तार किए गये हर एक हजार लोगों में एशियाई मूल के 11 नागरिक शामिल रहे हैं। वहीं, बांग्लादेश के 14, चीन के तीन, भारत के 6 और पाकिस्तान के 14 नागरिक शामिल रहे हैं। यूके की जेल में बंद कुल अपराधियों में सातवां नंबर पाकिस्तानियों का है। इतना ही नहीं, ग्रीस में पिछले साल अप्रैल और मई महीने में उस वक्त पाकिस्तानियों को देश से खदेड़ने की मुहिम शुरू हो गई थी, जब 17 साल की एक नाबालिग लड़की की खतरनाक तरीके से हत्या कर दी गई थी। ये हत्या पाकिस्तान के रहने वाले अहसान खान ने की थी, जो ग्रीस में पाकिस्तान से आकर बसा था। अहसान ने लड़की की विभत्स हत्या सिर्फ इसलिए कर दी थी, क्योंकि लड़की ने कुरान की एक आयत का गलत उच्चारण किया था। धर्म परिवर्तन के लिए अहसान उस लड़की को ईसाई से मुसलमान बना रहा था और लड़की आयत को याद कर रही थी, इसी दौरान उसने गलत उच्चारण किया था।












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