50 साल पहले डूबी थी वो पनडुब्बी, टाइटन गई तो आई याद, 84 घंटे मौत से लड़े शख्स ने सुनाई आपबीती
दक्षिणी अटलांटिक महासागर में इतिहास बन चुकी टाइटैनिक के मलबे के पास जाने वाली पनडुब्बी के डूबने के बाद एक और भयावह घटना की याद आ रही है,जब 50 समुद्र में हादसा हुआ था।
Submarine Missing In Atlantic: टाइटैनिक के मलबे के पास जाने वाली पनडुब्बी टाइटन के डूबने की वजह अब सामने आ चुकी है। सबमरीन के लापता होने के बाद उसमें सवार सभी यात्रियों को मृत घोषित किया जा चुका है। अमेरिकी नौसेना के मुताबिक जिस दिन टाइटन लापता हुई थी, समुद्र में तेज धमाके की आवाज सुनाई पड़ी थी। बताया जा रहा है कि अंतःस्फोट की वजह से पनडुब्बी नष्ट हो गई। ऐसे में समुद्र में पांच दशक पहले हुए एक हादसे को याद किया जा रहा है, जब 84 घंटे बाद दो शख्स का रेस्क्यू कर उन्हें जावित बाहर निकाला गया था।
50 साल पहले टाइटन जैसा हादसा
समुद्र की अथाह गहराईयों के बीच अगर कोई सबमरीन गुम होती है, तो उसका पता लगाना आसान काम नहीं है। इससे भी कठिन कार्य समु्द्र में हादसे की वजह से डूबे यात्रियों का सुरक्षित रेस्क्यू करना है। लेकिन आज से 50 साल पहले दो युवकों को रेस्क्यू कर बचावकर्मियों ने साबित कर दिया था, सबकुछ मुमकिन है। दरअसल, वर्ष 1973 में टाइटन जैसा ही एक हादसा हुआ था। जब अटलांटिक महासागर में डूबने के बाद लगभग 1,575 फीट नीचे चली गई।

84 घंटे बाद बचाई गई दो जान
वर्ष 1973 में डूबी पनडुब्बी भी एक मिशन पर थी। सबमरीन जब गायब हुई तो वो समुद्र तल से लगभग 13,000 फीट नीचे थी। इस मिशन के तहत ट्रान्साटलांटिक फोन केबल बिछाने का कार्य हो रहा था। इस दौरान दो ब्रिटिश नाविक नीचे ही फंस गए। वे करीब 84 घंटे तक समुद्र तल की गहराईयों में रहे। लेकिन उन्हें बचा लिया गया।
गिनीज बुक में दर्ज है नाम
पांच दशक पहले हुए इस हादसे के बाद बचाए गए दो युवकों का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है। गिनीज बुक के अनुसार, रोजर चैपमैन और रोजर मैलिन्सन को बचाय गया था। हादसे के वक्त चैपमैन की उम्र 28 और मैलिन्सन की उम्र 35 थी। 85 वर्षीय रोजर मैलिन्सन ने हाल ही में एक साक्षात्कार के दौरान उस हादसे को याद किया। मैलिन्सन इंग्लैंड के ट्राउटबेक में रहते हैं। उन्होंने हादसे दौरान मुश्किलों का जिक्र करते हुए कहा कि जब उनकी पनडुब्बी समुद्र तल से काफी नीचे चली गई तो उन्हें बचने की उम्मीद बिल्कुल भी नहीं थी। ऑक्सीजन बहुत कम हो गई थी। तीन दिनों के दौरान उन्होंने केवल नींबू पानी पिया और एक पनीर सैंडविच खाया। मैलिन्सन ने कहा, "हमें बचाने में 84 घंटे लग गए... हमारे पास पर्याप्त भोजन नहीं था। हमारे पास पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं थी। ऐसे में बचने की उम्मीद बिल्कुल नहीं थी।"
क्यों डूबी थी सबमरीन?
घटना 29 अगस्त, 1973 की है। जब दोनों नाविक आयरलैंड में कॉर्क तट से लगभग 240 किलोमीटर दूर एक ट्रान्साटलांटिक टेलीफोन केबल बिछा रहे थे। इस दौरान सबमरीन मीन III के एक हिस्से में पानी भरने लगा। जिसकी वजह से ये लगभग 1,575 फीट तक डूब गई। हादसे का जिक्र करते हुए नाविक मैलिन्सन ने कहा था कि उस दौरान उन्होंने मुंह में कपड़ा डाल लिया था, ताकि पानी के बीच झटकों के दौरान दातों के बीच आकर जीफ ना कट जाए।\












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