क्यूबा में ऐतिहासिक विरोध प्रदर्शनों के बाद नया साइबर सुरक्षा आदेश
हवाना, 18 अगस्त। क्यूबा की सरकार ने मंगलवार, 17 अगस्त को अपने पहले साइबर सुरक्षा आदेश जारी किए. अधिकार कार्यकर्ता और नागरिक समाज के लोग इस आदेश की आलोचना कर रहे हैं. उनका कहना है कि राजनीतिक और नागरिक स्वतंत्रता को सीमित करने के प्रयास के रूप में यह आदेश लाया गया है.

कैरिबियाई देश क्यूबा में यह आदेश आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित किया गया. आदेश का मकसद देश का अपमान करने या विरोध को भड़काने के लिए सोशल मीडिया या इंटरनेट के इस्तेमाल पर नकेल कसना है. हाल के सप्ताहों में क्यूबा में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए हैं. हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतरे और सरकार विरोधी प्रदर्शनों में शामिल हुए.
इन प्रदर्शनों के लिए सोशल मीडिया पर संदेश साझा किए गए.
सोशल मीडिया पर नियंत्रण के लिए नए फरमान
इस आदेश पर संचार मंत्री मायरा अरेविच का हस्ताक्षर है. आदेश में कहा गया यह "साइबर स्पेस में होने वाली संभावित आपराधिक और हानिकारक गतिविधियों को रोकने, उसका पता लगाने और उचित प्रतिक्रिया देने के लिए" जारी किया गया है.
नया फरमान क्यूबा के "संवैधानिक, सामाजिक और आर्थिक" नियमों को बदनाम करने वाली सामग्री को प्रतिबंधित करता है. आदेश में सजा के बारे में नहीं कहा गया है. आदेश "साइबर आतंकवाद" पर प्रतिबंध लगाता है जो देश को अस्थिर कर देगा और इसे "बहुत उच्च" खतरे वाले अपराध के रूप में वर्गीकृत किया गया है.
सरकार ने लोगों को नियम तोड़ने वालों की रिपोर्ट करने के लिए एक फॉर्म भी जारी किया है.
क्यूबा में विरोध का कारण
जुलाई के महीने में भोजन, दवाओं की कमी और बिजली कटौती के विरोध में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए थे. सरकार ने इन विरोध प्रदर्शनों को कुचलने के लिए कठोर कार्रवाई की थी, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और दर्जनों घायल हुए थे. पुलिस ने विरोध प्रदर्शनों में शामिल सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार किया था.
हवाना का कहना है कि विदेशी शक्ति उथल-पुथल के लिए जिम्मेदार है. उसका कहना है कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर विदेशी ताकतों ने उसके नागरिकों को भड़काया.
आर्थिक संकट
वामपंथी शासन वाला क्यूबा पिछले दो साल से भारी आर्थिक संकट से गुजर रहा है. सरकार इस सकंट का इल्जाम अमेरिका और महामारी पर पर लगाती है, जबकि आलोचक इसके लिए सरकार की अक्षमता और सोवियत अंदाज की एक पार्टी व्यवस्था को जिम्मेदार मानते हैं.
स्थानीय स्तर पर लगाई गईं पाबंदियों, चीजों के अभाव और महामारी ने पर्यटन को ठप्प कर दिया है. विदेशी आय लाने वाली दूसरी कई गतिविधियों भी धीमी पड़ गई हैं. और इन गतिविधियों पर निर्भर देश को खाना, ईंधन, कृषि व निर्माण के लिए साजोसामान की दिक्कत हो रही है.
एए/सीके (एएफपी, एप)
Source: DW












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