रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर, जानिए आखिर कौन हैं सेंट जैवलिन?
कीव, 26 फरवरी: रूस और यूक्रेन के बीच भयानक युद्ध छिड़ा हुआ है। गुरुवार सुबह शुरू हुई जंग को दो दिन बीत चुके हैं। ऐसे में लड़ाई के तीसरे दिन यूक्रेन को सहयोगी देशों से हथियार मिल रहे हैं। दूसरी तरफ अब रूस के सैनिक यूक्रेन की राजधानी कीव तक आ धमके हैं। रूसी सैनिकों ने शनिवार सुबह कीव में प्रवेश करते हुए सड़कों पर घमासान शुरू कर दिया। इस बीच यूक्रेन के स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि रूसी हमले में अब तक 198 आम लोगों की मौत हो चुकी है। यूक्रेन के ऐसे भयानक मंजर के बीच एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जो लोगों को हौसला दे रही है, इस तस्वीर में एंटी टैंक मिसाइल लांचर पकड़े हुए एक सेंट दिखाईं दे रही हैं।

युद्ध के बीच तस्वीर क्यों वायरल हो रही?
यूक्रेन के लोग इस तस्वीर को जमकर पोस्ट कर रहे हैं। साथ ही लिखते है कि उम्मीद है कि सेंट जैवलिन उनकी अच्छी तरह से रक्षा करेंगे। ऐसे में सवाल उठता है कि सेंट जैवलिन कौन हैं? रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच आखिर उनकी तस्वीर क्यों वायरल हो रही है? दरअसल रूस के जोरदार हमले का यूक्रेन भी माकूल जवाब दे रहा है। यूक्रेन ने दावा करते हुए कहा है कि उनकी सेना ने रूस के दर्जनों टैंकों को नेस्तनाबूद कर दिया है। ऐसे में इस लड़ाई के बीच सेंट जैवलिन की यह तस्वीर यूक्रेन के प्रतिरोध और हिम्मत का एक चेहरा बन गई हैं।

जैवलिन क्या है?
सेंट जैवलिन के रूप में सम्मानित फोटो युद्ध में यूक्रेन के प्रतिरोध का प्रतीक बन गई है और इसका अधिकांश श्रेय उनके हाथों में पकड़ हुए जैवलिन मिसाइल को जाता है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर जैवलिन क्या है? तो आपको बता दें कि 1980 के दशक के अंत में अमेरिकी रक्षा फर्मों द्वारा डिजाइन किया गए इस हथियार का वजन लगभग 50 पाउंड है। इसे सैनिक कंधों पर रखकर फायर कर सकते हैं और इसके लिए किसी भी लांचर की जरूरत नहीं होती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक रूसी सैनिकों के चौतरफा हमले का मुकाबला करने के लिए यूक्रेनी रक्षा काफी हद तक इस ही पर निर्भर है।

जैवलिन मिसाइल यूक्रेन की ताकत
माना जा रहा है कि यूक्रेन की सेना अमेरिका के दिए 300 एंटी टैंक जैवलिन मिसाइलों को ही रूस के खिलाफ इस्तेमाल कर रही है। ये मिसाइलें मैन पोर्टेबल। इन्हें यूक्रेनी सैनिक कंधों पर रखकर आसानी से दाग सकते हैं। जैवलिन मिसाइलों को आर्मर्ड व्हीकल, टैंक और बंकरों को ध्वस्त करने में सफलता हासिल है। युद्ध की स्थिति में ये मिसाइलें रूसी सेना के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकती हैं।

यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय का दावा
यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि 26 फरवरी तक रूसी सेना ने 3,500 सैनिक, 102 टैंक, 536 बख्तरबंद वाहन, 15 आर्टिलरी पीस, 14 फाइटर जेट, 8 हेलीकॉप्टर, एक BUK-1 सिस्टम खो दिया है। एक बार मिसाइल दागने के बाद यह कर्वबॉल शॉट में लक्ष्य पर नीचे आने से पहले हवा में 490 फीट तक फायर कर सकती है। जैवलिन एक शूट और स्कूटी हथियार है, जिसका मतलब है कि सैनिक इसे चलाने के बाद भाग सकते हैं।

यूक्रेन ने पहली बार 2018 में अमेरिका से खरीदा
जैवलिन मिसाइल अपने टारगेट को साधने के लिए इंफ्रारेड तकनीक का इस्तेमाल करती है। इस मिसाइल को टैंकों के खिलाफ सबसे अधिक प्रभावी माना जाता है। जैवलिन मिसाइल का यूज बिल्डिंग और दुश्मन के अड्डों को ध्वस्त करने के लिए भी किया जाता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यूक्रेन के पास लंबे समय तक जैवलिन मिसाइल नहीं थी और यूक्रेन ने पहली बार 2018 में 47 मिलियन डॉलर की सैन्य खरीद रूप में संयुक्त राज्य अमेरिका से मिसाइलें खरीदीं थी। अब अमेरिका, ब्रिटेन और एस्टोनिया ने जारी लड़ाई के बीच इन जैवलिन को यूक्रेन भेजा है।

सेंट जैवलिन क्या है?
संकट का प्रतीक बनने के अलावा यूक्रेन के समर्थन करने के लिए पैसा इकट्ठा करने के लिए इसी नाम से एक वेबसाइट शुरू की गई है। वेबसाइट आइकन के साथ कपड़े, झंडे और स्टिकर बेच रही है। जैसा कि रूस और यूक्रेन युद्ध के बीच एक तस्वीर देखी जा रही है वो सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रही है। आपको बता दें कि जैवलिन के अलावा यूक्रेन के पास अगली पीढ़ी के हल्के टैंक रोधी हथियार, स्ट्रिंगर मिसाइलें, बायरकटार TB2 ड्रोन, 152 मिमी तोपखाने गोला बारूद हैं।












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