श्रीलंका की संसद में राष्ट्रपति चुनाव पर होगा मंथन,पहली बार सांसद करेंगे राष्ट्रपति का चुनाव
श्रीलंका में घोर आर्थिक संकट से उत्पन्न राजनीतिक संकट के बीच आखिरकार राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे ने इस्तीफा दे ही दिया। आज संसद की कार्यवाही होनी है।
कोलंबो, 16 जुलाई : श्रीलंका में अगले राष्ट्रपति के चुनाव की कार्यवाही शुरू करने के लिए आज (16 जुलाई) संसद की बैठक बुलाई जाएगी। बैठक में देश का अगला राष्ट्रपति कौन होगा इस पर विचार-विमर्श होगा। श्रीलंका के इतिहास में यह पहली बार है जब लोकप्रीय जनादेश की बजाय राष्ट्रपति की नियुक्ति सांसदों द्वारा की जाएगी। स्पीकर महिंदा यापा अभयवर्धने ने शुक्रवार को कहा था कि 225 सदस्यीय संसद 20 जुलाई को गुप्त वोट से नए राष्ट्रपति का चुनाव करेगी। बता दें कि, 1978 के बाद से राष्ट्रपति पद के इतिहास में कभी भी संसद ने राष्ट्रपति के चुनाव के लिए मतदान नहीं किया था।

इतिहास में पहली बार राष्ट्रपति की नियुक्ति सांसद करेंगे
बता दें कि,श्रीलंका के इतिहास में यह पहली बार है जब लोकप्रीय जनादेश की बजाय राष्ट्रपति की नियुक्ति सांसदों द्वारा की जाएगी। वहीं, देश को घोर आर्थिक और राजनीतिक संकट या कहें बीच मझधार में छोड़कर सिंगापुर भागने वाले राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे ने गुरुवार को इस्तीफा दे दिया था, जिसकी आधिकारिक घोषणा शुक्रवार को की गई। इसके तुरंत बाद श्रीलंका के मुख्य न्यायाधीश जयंत जयसूर्या ने रानिल विक्रमसिंघे को देश का कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में शपथ दिलाई।

7 दिन के भीतर नए राष्ट्रपति की नियुक्ति
वहीं, संसद के स्पीकर ने ऐलान किया है कि गोटाबाया के इस्तीफा मंजूर होने के बाद अब 7 दिन के भीतर नए राष्ट्रपति की नियुक्ति की जाएगी। जानकारी के मुताबिक, नए राष्ट्रपति चुनाव को लेकर राजनीतिक पार्टियों ने तैयारियां शुरू कर दी है।

एक्शन में रानिल विक्रमसिंघे
देश के कार्यवाहक राष्ट्रपति बनने के तुरंत बाद, रानिल विक्रमसिंघे ने कड़ा एक्शन लेना शुरू कर दिया। उन्होंने देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के लिए विशेष समिति का गठन कर दिया। यह समिति बिना किसी राजनीतिक हस्तक्षेप के किसी भी मुद्दे पर कड़ा फैसला ले सकती है।

देश में शांति के लिए विशेष समिति का गठन
गठित विशेष समिति में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, पुलिस महानिरीक्षक और तीन सशस्त्र बलों के कमांडर शामिल हैं। कार्यवाहक राष्ट्रपति ने बताया कि, यह समिति को बिना किसी राजनीतिक हस्तक्षेप के कानूनी कार्रवाई करने की आजादी दी गई है।

क्रिकेटर देश में आर्थिक संकट से परेशान
वहीं, दूसरी तरफ क्रिकेट की बात करें तो देश में तेल की कमी के चलते खिलाड़ी प्रैक्टिस के लिए भी नहीं जा पा रहे हैं। पेट्रोल पंप पर लंबी कतारें लगी हुई हैं। क्रिकेटर चमिका करुणारत्ने ने कहा कि, 2 दिन तक लंबी कतार में खड़े रहने के बाद आज उन्हें गाड़ी में तेल भरवाने का मौका मिला है। आज उनके वाहन को तेल नसीब हुई है। 2019 में अंतरारष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करने वाले युवा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर अब देश में हालिया संकट से काफी परेशान हैं।

तेल नहीं है श्रीलंका में ?
वहीं, दूसरी तरफ देश के दिवालिया होने के बाद महंगाई अपने चरम पर है। जनता की कमर टूट चुकी है और वे सड़कों पर आ चुके है। पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छू रही है। जानकारी के मुताबिक, कर्ज में डूबे श्रीलंका के पास तेल खरीदने के लिए भी पैसे नहीं है, ऐसे में वहां पेट्रोल-डीजल की भारी किल्लत हो गई है। कई पेट्रोल पंप तो कई दिनों से खाली पड़े हुए हैं, गाड़ियां तेल के इंतजार में कई-कई दिनों से लाइन में खड़ी है।

कई दिनों तक क्रिकेटर लाइन में खड़ा रहा
श्रीलंका में तेल की किल्लत को लेकर क्रिकेटर चमिका करुणारत्ने देश में क्रिकेट के भविष्य को लेकर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि, 2 दिन तक लंबी कतार में खड़े रहने के बाद आज उन्हें गाड़ी में तेल भरवाने का मौका मिला है। आज उनके वाहन को तेल नसीब हुई है। 2019 में अंतरारष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करने वाले युवा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर अब देश में हालिया संकट से काफी परेशान हैं। क्रिकेटर चमिका करुणारत्ने ने चिंता प्रकट करते हुए कहा कि, श्रीलंका इस साल अगस्त में एशिया कप 2022 की मेजबानी करने जा रहा है, लेकिन अफसोस आजादी के बाद पहली बार देश तेल की भारी किल्लत और घोर आर्थिक संकट से जूझ रहा है। क्रिकेटर ने बताया कि ऐसी स्थिति में न जाने आगे क्या होगा, 'मैं ऐसे दिन आ रहा हूं क्योंकि दो अहम सीरीज और लंका प्रीमियर लीग (एलपीएल) के मैचों की घोषणा हो चुकी है.'भारत के संबंध में बात करते हुए करुणारत्ने ने आगे कहा कि श्रीलंका के लिए भारत बड़े भाई के समान है। भारत ने हमारी काफी मदद की है। मैं इस समर्थन के लिए भारत को धन्यवाद देना चाहता हूं। हम जानते हैं कि हम बड़े संकट के दौर से गुजर रहे हैं और भारत ने हमारी बहुत मदद की है। भारत के साथ हमारा दोस्ती का इतिहास काफी पुराना रहा है। हम मौजूदा समय में संघर्ष कर रहे हैं। भारत ने हमारे लिए जो भी किया है उसके लिए हम धन्यवाद देते हैं। धीरे-धीरे सब ठीक हो जाएगा।

एशिया कप की मेजबानी श्रीलंका के पास
बता दें कि, श्रीलंका को इसी साल अगस्त के महीने में एशिया कप 2022 की मेजबानी करनी है, लेकिन पूरे देश में आर्थिक संकट फैला हुआ है। आजादी के बाद से पहली बार श्रीलंका में तेल की इतनी ज्यादा कमी हुई है। हालातों से परेशान क्रिकेट खिलाड़ियों को भी नहीं पता है कि आगे क्या होने वाला है। चमिका करुणारत्ने ने बताया कि ऐसे अहम दिन पर वो तेल भरवाने इसलिए आए हैं, क्योंकि लंका प्रीमियर लीग और दो अहम सीरीज के मैचों का एलान हो चुका है।

ईंधन की कमी के कारण प्रैक्टिस नहीं हो पा रहा
करुणारत्ने ने आगे कहा "एशिया कप आ रहा है और लंका प्रीमियर लीग भी इसी साल होना है। मुझे नहीं पता कि क्या होगा, क्योंकि मुझे प्रैक्टिस के लिए कोलंबो और बाकी जगहों पर जाना होगा साथ ही क्लब सेशन में भी शामिल होना होगा। ईंधन की कमी के चलते मैं प्रैक्टिस के लिए नहीं जा पा रहा हूं। दो दिनों से मैं कहीं नहीं जा पाया क्योंकि मैं पेट्रोल के लिए लंबी कतार में खड़ा हूं। किस्मत से मैंने 10 हजार रुपये का तेल भरवा लिया है, जो अधिकतम दो से तीन दिन तक चलेगा।"
चमिका ने आगे कहा कि, एशिया कप 2022 के लिए वो और उनकी टीम तैयार हैं, लेकिन वो फिलहाल मौजूदा हालातों को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने कहा "हम एशिया कप के लिए तैयार हैं और मुझे लगता है कि इस बड़े इवेंट के लिए देश पर्याप्त ईंधन उपलब्ध कराएगा। हम ऑस्ट्रेलिया के साथ खेल रहे हैं और मैच अच्छे रहे। एशिया कप के लिए भी तैयारी चल रही है।"

गलत नीतियों ने देश को डूबो दिया
बता दें कि, श्रीलंका में सरकार की गलत नीतियों, परिवारवाद ने देश को अंधे कुएं में धकेल दिया है, जहां से निकलने में सालों लग सकते हैं। हालांकि, आज संसद की बैठक होगी और उसमें नए राष्ट्रपति के चुनाव को लेकर चर्चा की जाएगी। आज देखना है कि संसद की बैठक में देश को उबारने के लिए क्या-क्या अहम फैसले लिए जाएंगे।












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