'सिर्फ भारत ही कर रहा मदद', श्रीलंका के केन्द्रीय मंत्री भावुक होकर बोले, कोई देश देख भी नहीं रहा
कोलंबो, 17 जुलाईः श्रीलंका आजादी के बाद से अपने सबसे भीषण राजनीतिक और आर्थिक संकट से जूझ रहा है। श्रीलका के पास इतना पैसा नहीं बचा है कि वह अन्य देशों से आवश्यक चीजों का आयात कर सके। यहां की हालत इतनी बुरी हो चुकी है कि लोग घंटों तक ईंधन के लिए कतार में खड़े रहते हैं। गोटाबाया राजपक्षे देश छोड़कर सिंगापुर जा चुके हैं। इस बीच श्रीलंका लगातार कई देशों से आर्थिक मदद मांग चुका है, लेकिन इस देश को अब तक लगभग निराशा ही हाथ लगी है।

छलका मंत्री का दर्द
इसी बात को लेकर श्रीलंका के ऊर्जा मंत्री कंचना विजेसेकारा का दर्द भी छलकता नजर आया है। उन्होंने कहा कि हम बीते कुछ समय से अभूतपूर्व संकट के दौर से गुजर रहे हैं। हमने अपनी स्थिति सुधारने के लिए हम अब तक कई देशों से गुहार लगा चुके हैं मगर अब तक भारत ही एकमात्र देश है, जिसने इस संकट में हमारी कई बार मदद की है।

नहीं लिया चीन का नाम
कंचना विजेसेकार ने अपने बयान में यूक्रेन, रूस और भारत का तो जिक्र किया लेकिन चीन का नाम नहीं लिया। इससे पहले श्रीलंका के ऊर्जा मंत्री कंचना विजेसेकारा से देश में उपजे संकट को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि हमने मित्र देशों से मदद मांगी है, जो भी देश हमारी मदद के लिए आगे आते हैं, हम उनका स्वागत करेंगे। इस दौरा उन्होंने कहा कि संकट के इस दौर में सिर्फ भारत सरकार ही है जिसने हमारी कई बार मदद की है।

श्रीलंका के साथ भारत
इससे पहले भारत ने श्रीलंका में जारी संकट पर कहा था कि वह श्रीलंकाई लोगों के साथ खड़ा रहेगा। भारत ने कहा कि उसे लोकतांत्रिक तरीकों एवं संवैधानिक ढांचे के जरिये सरकार जुड़े मुद्दों सहित मौजूदा हालात के जल्द समाधान की उम्मीद है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने संवाददाताओं से कहा कि भारत श्रीलंका में उभरती स्थिति पर नजर रखे हुए हैं तथा उस देश में सभी प्रासंगिक हितधारकों के सम्पर्क में है।
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भारत ने दिया आश्वासन
इसी बीच भारत ने एक बार फिर से श्रीलंका को आश्वासन दिया कि वह अभूतपूर्व राजनीतिक संकट और आर्थिक उथल-पुथल के बीच देश में लोकतंत्र, स्थिरता और आर्थिक सुधार का समर्थन करना जारी रखेगा। भारत के उच्चायुक्त गोपाल बागले ने श्रीलंकाई नेता से मुलाकात के दौरान संसद अध्यक्ष महिंदा यापा अभयवर्धने को यह आश्वासन दिया। उच्चायुक्त बागले ने लोकतंत्र और संवैधानिक ढांचे को बनाए रखने में संसद की भूमिका की सराहना की।

श्रीलंकाई क्रिकेटर ने की सराहना
इस बीच श्रीलंकाई क्रिकेटर चमिका करुणारत्ने ने भी भारत के प्रयासों की सराहना की है। क्रिकेटर चमिका करुणारत्ने ने कहा है कि भारत एक भाई देश की तरह है और वे हमारी बहुत मदद कर रहे हैं। मैं उनका बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं। हम जब मुश्किलों से लड़ रहे हैं तब वे हमारी मदद कर रहे हैं। इसके लिए भारत का धन्यवाद, हर चीज का धन्यवाद। हमें यकीन है हम और बेहतर होते जाएंगे।

भारत ने की 4 अरब डॉलर की मदद
बता दें कि भारत ने इस वर्ष श्रीलंका में गंभीर आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए लगभग 4 बिलियन अमेरिकी डॉलर का अभूतपूर्व समर्थन दिया है। श्रीलंका की स्थिति पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बताया, 'भारत श्रीलंका का निकटतम पड़ोसी है। दोनों ही देश गहरे सभ्यता के बंधन में बंधे हैं। हम उन कई चुनौतियों से अवगत हैं जो श्रीलंका और उसके लोग सामना कर रहे हैं, और हम श्रीलंकाई लोगों के साथ खड़े हैं क्योंकि उन्होंने इस कठिन अवधि को पार करने की कोशिश की है।












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