IMF से श्रीलंका की वार्ता फिर होगी शुरू, राष्ट्रपति की संसद में अपील, संकट में साथ आ जाए पूरा देश
राष्ट्रपति विक्रमसिंघे ने संसद के तीसरे सत्र के दौरान सरकार का नीतिगत बयान पेश करते हुए राजनीतिक दलों को सर्वदलीय सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया।
कोलंबो, 3 अगस्त : श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने देश की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए सर्वदलीय सरकार बनाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि देश अगस्त में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के साथ बेलआउट वार्ता फिर से शुरू करेगा। उन्होंने देश की गंभीर आर्थिक संकट को हल करने के लिए सभी दलों को एकजुट होकर काम करने का आग्रह किया है।

श्रीलंका को मजबूत करने के लिए काम शुरू
दिवालिया हो चुके श्रीलंका को आर्थिक मजबूती प्रदान करने के लिए सभी दलों को एकजुट होकर अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना होगा। देश के बिगड़ चुके हालात के मद्देनजर राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने अगस्त के महीने में आईएमएफ के साथ बेलआउट वार्ता शुरू करने की बात कही है।

आर्थिक संकट से जूझ रहा श्रीलंका
जानकारों का कहना है कि, संकट से जूझ रहे श्रीलंका की आर्थिक स्थिति को पटरी पर लाने के लिए आईएमएफ के साथ अगस्त में चर्चा होगी। जिसमें चार साल के कार्यक्रम के तहत 3 बिलियन डॉलर की आर्थिक सहायता प्रदान की जा सकती है। अगर आईएमएफ देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए ये रकम प्रदान करती है तो इससे कोलंबो की आर्थिक स्थिति में काफी हद तक सुधार आ सकता है।

सर्वदलीय सरकार बनाने का आह्वान
राष्ट्रपति विक्रमसिंघे ने संसद के तीसरे सत्र के दौरान सरकार का नीतिगत बयान पेश करते हुए राजनीतिक दलों को सर्वदलीय सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने राष्ट्र्पति की शक्तियों को कम करने से संबंधित संवैधानिक संशोधनों की आवश्यकताओं का जिक्र करते हुए कहा कि, वे प्रदर्शनकारियों की एक प्रमुख मांग को पूरा करेंगे। जिसकी वजह से गोटाबाया राजपक्षे को बाहर का रास्ता दिखाया गया था। उन्होंने कहा कि, किसी भी देश का राष्ट्रपति राजा या देवता नहीं होता, वह भी आम नागरिकों में से एक है।

भारत को धन्यवाद कहा
अपने संबोधन के क्रम में भारत को धन्यवाद कहते हुए रानिल विक्रमसिंघे ने कहा कि, श्रीलंका को उसके मुश्किल घड़ी में भारत और अन्य पड़ोसी राष्ट्र ने काफी साथ दिया। उन्होंने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने हमें जीवन देने का काम किया है। मैं अपनी ओर से पीएम मोदी, भारत सरकार और वहां की जनता का आभार व्यक्त करता हूं।

घोर आर्थिक संकट में श्रीलंका
बता दें कि, श्रीलंका 1948 के बाद से अब तक के सबसे घोर आर्थिक संकट की दौर से गुजर रहा है। वह दिवालिया हो चुका है। देश की 2.2 करोड़ जनता महंगाई और बदहाली से परेशान हो चुकी है। ऐसे में श्रीलंका के राष्ट्रपति का सर्वदलीय सरकार बनाकर आगे बढ़ने का फार्मूला कितना कारगर साबित होता है यह तो आने वाला वक्त ही तय करेगा।
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