Sri Lanka Crisis: राजपक्षे सरकार ने अफवाहों का किया खंडन, श्रीलंका प्रधानमंत्री कार्यालय से आया ये बयान
कोलंबो, 3 अप्रैल। श्रीलंका में महंगाई और अव्यवस्था (Sri Lanka Crisis) के खिलाफ लोगों का बढ़ते आक्रोश देखते हुए 36 घंटे की इमर्जेंसी के बाद पूरे देश में कर्फ्यू लगा दिया गया है। वहीं श्रीलंका के मौजूदा आर्थिक हालात और इसके जनता पर राजरपक्षे सरअसर को समझने के लिए हमने श्रीलंका के अर्थशास्त्री, सांसद और पूर्व आर्थिक सुधार और सार्वजनिक वितरण मंत्री डॉ. हर्षा डीसिल्वा से बात की। वे उप-विदेश मंत्री और राष्ट्रीय नीति और आर्थिक मामलों के राज्य मंत्री भी रह चुके हैं। इन सबके बीच श्रीलंका के पीएम के इस्तीफे को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों पर श्रीलंका के प्रधान मंत्री कार्यालय ने विराम लगा दिया है।

दरअसल, श्रीलंका के प्रधान मंत्री कार्यालय की ओर से रविवार को एक एक बयान जारी किया। जिसमें पीएम महिंदा राजपक्षे (PM Mahinda Rajapaksa) के इस्तीफे के बारे में सभी अफवाहों का खंडन किया। श्रीलंका में बेकाबू मंगाई के आगे राजपक्षे सरकार बेबस नजर आ रही रही। मंहगाई के विरोध में हो रहे प्रदर्शन को रोकने में सरकार नाकाम रही तो देश में इमर्जेंसी के हालात बन गए। वहीं एक प्रतिष्ठित न्यूज वेबसाइट की रिपोर्ट में कहा गया था कि मंत्री नमल राजपक्षे की पत्नी लिमिनी और उनके माता-पिता रविवार सुबह श्रीलंका छोड़कर चले गए हैं। नमल राजपक्षे श्रीलंका के प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे के बेटे हैं और गोटबाया के बड़े भाई हैं और श्रीलंका के युवा और खेल मंत्री हैं।
अब श्रीलंका के प्रधान मंत्री श्रीलंका के पीएम महिंदा राजपक्षे के कार्यालय की ओर से एक बयान जारी किया। जिसमें रविवार को पीएम महिंदा राजपक्षे के इस्तीफे के बारे में सभी अफवाहों का खंडन किया गया। इससे पहले गुरुवार रात को प्रदर्शन कर रही भीड़ राष्ट्रपति भवन तक पहुंच गई थी। पुलिस के साथ झड़प में कई लोग घायल हुए थे। इसे देखते हुए अब श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने इमरजेंसी लागू कर दी है। वहीं अब श्रीलंका के मौजूदा आर्थिक हालात और इसके जनता पर असर को समझने के लिए हमने श्रीलंका के अर्थशास्त्री, सांसद और पूर्व आर्थिक सुधार और सार्वजनिक वितरण मंत्री डॉ. हर्षा डीसिल्वा से बात की। वो उप-विदेश मंत्री और राष्ट्रीय नीति और आर्थिक मामलों के राज्य मंत्री भी रह चुके हैं।
दरअसल, दशकों के सबसे ख़राब आर्थिक संकट से श्रीलंका जूझ रहा है। वहीं अब राजपक्षे सरकार ने इस संकट से उबरने के लिए जो रुख अख्तियार किया है उसके खिलाफ लोगों का गुस्सा है। श्रीलंका में कर्फ्यू लागू है। इसके बावजूद मंहगाई से तंग आ चुके लोग कई शहरों में कर्फ्यू का उल्लंघन करते नजर आ रहे हैं। राजधानी कोलंबो में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच गतिरोध दिखा जबकि कैंडी शहर में पुलिस ने छात्रों पर आंसू गैस के गोले दागे और पानी की बौछार की तब जाकर विरोध कर छात्र पीछे हटे।












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