श्रीलंका के उप-रक्षा मंत्री बोले, क्राइस्टचर्च हमले का जवाब था ईस्टर डे पर हुआ हमला!
कोलंबो। श्रीलंका के उप-रक्षा मंत्री ने मंगलवार को बताया है कि ईस्टर संडे मास पर हुए ब्लास्ट्स को क्राइस्टचर्च हमले की प्रतिक्रिया बताया है। मंत्री का कहना है कि शुरुआती जांच में इस बात की पुष्टि हुई है। आठ सीरियल ब्लास्ट्स में अब मृतकों की संख्या बढ़कर 310 पहुंच गई है। श्रीलंका में हमलों में मारे गए लोगों के प्रति सम्मान जताते हुए दो मिनट का मौन रखा गया। इसके अलावा सभी सरकारी संस्थाओं पर राष्ट्रपति ध्वन को भी आधा झुका दिया गया था। लोग अपना सिर झुका कर मृतकों के लिए सम्मान जाहिर कर रहे थे।

पीड़ितों के लिए रखा गया मौन
न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च स्थित दो मस्जिदों पर 15 मार्च को हुए आतंकी हमले में 50 लोगों की मौत हो गई थी। मंगलवार को श्रीलंका के स्थानीय समयानुसार सुबह 8:30 बजे मौन रखा गया। गौरतलब है कि ईस्टर वाले दिन ठीक 8:30 बजे पहला ब्लास्ट हुआ था। मौन के बाद पुलिस प्रवक्ता की ओर से जानकारी दी गई कि मृतकों की संख्या बढ़कर 310 पहुंच गई है। मृतकों में 45 बच्चे भी शामिल हैं। यूनाइटेड नेशंस (यूएन) की संस्था यूनीसेफ के प्रवक्ता क्रिस्टोफी बाउलिएरैक की ओर से इस बात की जानकारी दी गई है।
श्रीलंका में लगी हुई है इमरजेंसी
सोमवार आधी रात से देश में राष्ट्रपति के आदेश के बाद इमरजेंसी लगा दी गई है। इमरजेंसी के बाद मंगलवार को पहली मेमोरियल सर्विस थी जो पीड़ितों की याद में थी। आपातकाल के बाद कई लोगों को गिरफ्तार किया गया। सरकार का कहना है कि हमलों के पीछे आईएसआईएस का एक ग्रुप शामिल है। कोलंबों में सेंट एंथोनी चर्च और नेगोम्बो में सेंट सेबेस्चियन चर्च में हुई प्रार्थना सभा लोगों की भारी भीड़ इकट्ठा हुई। अब तक श्रीलंका की पुलिस ने 40 लोगों को गिरफ्तार किया है। साल 2009 में श्रीलंका में सिविल वॉर खत्म हुआ था और 10 वर्ष के बाद 21 अप्रैल को श्रीलंका के इतिहास में एक और काला दिन दर्ज हो गया है। इसके अलावा देश में क्रिश्चियन समुदाय के खिलाफ हुआ यह अब तक का सबसे भयानक हमला है।
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