Coronavirus: स्‍पेन को "श्मशान" बना देने के पीछे है चीनी टेस्ट किट, चाइनीज माल ने कैसे दिया धोखा

मैड्रिड। यूरोप के देश स्‍पेन मे कोरोना वायरस का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। स्‍पेन के माइक्रोबायलॉजी एक्‍सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि देश ने चीन से रैपिड कोरोना वायरस के टेस्‍ट के लिए जो उपकरण खरीदे थे, वे पॉजिटिव केसेज का पता लगाने में पूरी तरह से असफल साबित हो रहे हैं। स्‍पेन में इस वायरस ने अब तक 5,465 लोगों की जान ले ली और 46,406 लोग इससे संक्रमित हैं।

30 प्रतिशत तक ही सक्षम

30 प्रतिशत तक ही सक्षम

चीनी किट में गलती ऐसे समय में सामने आई है जब स्‍पेन, इटली के बाद न सिर्फ दुनिया बल्कि यूरोप का दूसरा ऐसा देश बन गया है, जहां पर कोविड-19 ने सबसे ज्‍यादा तबाही मचाई है। स्‍पेन में हुए टेस्‍ट्स पर हुई कुछ स्‍टडीज में यह बात सामने आई है कि सिर्फ 30 प्रतिशत की सेसटीविटी के साथ ह किट्स परिणाम दे रही हैं। यानी सिर्फ 30 प्रतिशत ही ऐसे लोगों की पहचान हो सकेगी जो वायरस की वजह से संक्रमित हैं। जबकि सूत्रों की मानें तो सेंसटिविटी 80 प्रतिशत से भी ज्‍यादा होनी चाहिए। अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (सीडीसी) का कहना है कि यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्‍ट्रेशन के लिए 80 प्रतिशत सेंसटिविटी के साथ इनफ्लुएंजा के लिए टेस्‍ट की जरूरत है।

9000 टेस्‍ट्स के साथ परखा गया

9000 टेस्‍ट्स के साथ परखा गया

इन अध्‍ययनों की वजह से स्‍पेन के इंफेक्शियस डिजीज एंड क्‍लीनिकल माइक्रोबायोलॉजी को कहना पड़ रहा है कि इन टेस्‍ट्स को अब प्रयोग नहीं किया जा रहा है। स्‍वास्‍थ्‍य कर्मी अब उन टेस्‍ट्स पर भरोसा कर रहे हैं जिनमें नतीजे आने में समय लगता है। फरनांडो सिमॉन जो कि सेंटर फॉर हेल्‍थ अलर्ट्स एंड इमरजेंसीज के डायरेक्‍टर हैं, उन्‍होंने कहा कि स्‍पेन ने करीब 9,000 टेस्‍ट्स को चेक किया और उनके नतीजे अच्‍छे नहीं थे। इसलिए अब उन्‍हें वापस करने का फैसला किया गया है। इन टेस्‍ट्स को स्‍पेन के एंडाल्‍यूसिया और गलिसिया क्षेत्र में प्रयोग किया गया था। इसके बाद उन्‍हें बुधवार को राजधानी मैड्रिड क्षेत्र में प्रयोग किया गया था।

चीन ने दी अपनी सफाई

चीन ने दी अपनी सफाई

नए टेस्‍ट उपकरण में देरी की वजह से स्‍पेन वायरस को रोकने में जो कोशिशें कर रहा है, उस पर असर पड़ने की संभवना है। इन टेस्‍ट किट्स को चीन की बायोटेक्‍नोलॉजी कंपनी बायोईजी की तरफ से तैयार किया गया था। कंपनी की तरफ से तैयार टेस्‍ट किट्स को जॉर्जिया जैसे देशों में भी प्रयोग किया जा रहा है। वहीं, स्‍पेन में चीन के दूतावास की तरफ से ट्विटर पर इस बाबत पर बयान दिया गया है। चीनी दूतावास की तरफ से कहा गया है कि जो मेडिकल सप्‍लाई चीन की तरफ से दूसरे प्रभावित देशों को दी गई है, उसमें बायोईजी के प्रॉडक्‍ट्स शामिल नहीं हैं।

चेक गणराज्‍य ने भी किया यही दावा

चेक गणराज्‍य ने भी किया यही दावा

चीनी दूतावास के मुताबिक चीन के वाणिज्‍य मंत्रालय की तरफ से मैन्‍यूफैक्‍चरर्स की एक लिस्‍ट स्‍पेन को सौंपी गई थी। इसमें बायोईजी का नाम नहीं था। चीन का कहना है कि कंपनी को अपने उत्‍पाद बेचने के लिए अभी तक नेशनल एडमिनिस्‍ट्रेशन ऑफ मेडिकल प्रॉडक्‍ट्स का लाइसेंस नहीं मिला है। स्‍पेन ने चीन और साउथ कोरिया से 640,000 रैपिड टेस्टिंग किट्स खरीदीं थी। अभी तक इस बात की कोई जानकारी नहीं मिल सकी है कि कितनी किट्स को बायोईजी ने तैयार किया था। स्‍पेन से अलग चेक गणराज्‍य का भी कहना है कि चीन से ली गई रैपिड टेस्‍ट किट्स ठीक से काम नहीं कर रही हैं।

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