South Korea: दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति 'बीवी के गुलाम'? देश में मार्शल लॉ लगाने के पीछे की इनसाइड स्टोरी
South Korea's martial law Explained: दक्षिण कोरिया में कल रात उस वक्त अराजकता की स्थिति पैदा हो गई, जब राष्ट्रपति यूं सुक योल ने अचानकर देश में "आपातकालीन मार्शल लॉ" लगाने की घोषणा कर दी। हालांकि, 6 घंटे बाद उन्हें अपना फैसला बदलने के लिए मजबूर होना पड़ा।
मंगलवार (3 दिसंबर) की रात को उन्होंने अचानक मार्शल लॉ की घोषणा कर दी, जो 1980 के बाद दक्षिण कोरिया में पहली बार हुआ है। उन्होंने अपने फैसले को जायज ठहराते हुए कहा, कि 'देश की सुरक्षा खतरे में है, क्योंकि विपक्षी पार्टी उत्तर कोरिया के साथ मिल गई है।'

राष्ट्रपति यूं की घोषणा के फौरन बाद हेलमेट पहने सैनिक संसद भवन में घुस आए और छत पर सैन्य हेलीकॉप्टर उतरते देखे गए। नेशनल असेंबली के बाहर हजारों प्रदर्शनकारी जमा हो गये, लेकिन संसद में विपक्षी सांसदों ने राष्ट्रपति के फैसले को खारिज कर दिया, जिसके बाद ये मार्शल लॉ सिर्फ छह घंटे तक ही लागू रह पाया।
विपक्षी सांसदों ने संसद में आपातकाल के खिलाफ वोट डाला और 190-0 के बहुमत से आपातकाल की घोषणा को खारिज कर दिया, जिसके बाद राष्ट्रपति यून ने संसद के आदेश को स्वीकार किया और मार्शल लॉ हटा दिया। लेकिन, अब विपक्षी पार्टी राष्ट्रपति को अपने पद से इस्तीफा देने की मांग कर रही है। और एक्सपर्टस का मानना है, कि राष्ट्रपति की कुर्सी खतरे में है। लेकिन, सवाल ये है, कि क्या बीबी के चक्कर में राष्ट्रपति ने देश में आपातकाल लगाने का फैसला किया?
आखिर आपातकाल की घोषणा के बाद से ही फर्स्ट लेडी किम कीन का ही जिक्र क्यों हो रहा है, आइये समझते हैं।
दक्षिण कोरिया की फर्स्ट लेडी किम कीन ही कौन हैं?
दक्षिण कोरिया की प्रथम महिला किम कीन ही एक कारोबारी हैं, जिन्होंने 2007 में सांस्कृतिक सामग्री कंपनी कोवाना कंटेंट की स्थापना की थी। बिजनेस रिव्यू के साथ 2015 में अपने कारोबार के बारे में एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था, कि "छोटी उम्र से ही मुझे कला में रुचि थी। और मैं स्वाभाविक रूप से एक ऐसा व्यवसाय शुरू करने की इच्छा रखती थी, जो कला के मूल्य को फैला सके।"
द स्ट्रेट्स टाइम्स के मुताबिक, उनकी कंपनी कला प्रदर्शनियों का आयोजन करती है और अल्बर्टो जियाकोमेटी, मार्क चागल और मार्क रोथको जैसे कई बड़े नामों के लिए शो की मेजबानी कर चुकी है।
किम ने मार्च 2012 में यून से शादी की थी। मई 2022 में जब उनके पति ने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति का पद संभाला तो वह फर्स्ट लेडी बन गईं। पशु अधिकारों की पैरवी करने वाली किम ने दक्षिण कोरिया में कुत्ते के मांस के सेवन पर प्रतिबंध लगाने की वकालत की।

कई विवाद में फंसी रही हैं किम कीन ही
किम के कई विवाद और घोटाले उन्हें और उनके राष्ट्रपति पति को परेशान करते रहे हैं। फर्स्ट लेडी को अक्सर "किम कीन-ही जोखिम" के रूप में संदर्भित किया जाता है, जिसका अर्थ है कि वह अपने पति की राजनीतिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाती हैं।
उनके साथ जुड़ा विवाद, जिसने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सुर्खियाँ बटोरीं, वह एक लग्जरी हैंडबैग को लेकर था।
सितंबर 2022 में कोरियाई-अमेरिकी पादरी चोई जे-यंग ने गुप्त रूप से किम को 3 मिलियन वॉन (1.8 लाख रुपये) का क्रिश्चियन डायर बैग गिफ्ट में लेते वीडियो बनाया था।
पिछले साल नवंबर में वामपंथी YouTube चैनल वॉयस ऑफ सियोल की तरफ से जारी किए गए फुटेज ने लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया था।
"डायर बैग स्कैंडल" ने किम को सुर्खियों में ला दिया क्योंकि दक्षिण कोरिया के भ्रष्टाचार विरोधी कानून सार्वजनिक अधिकारियों और उनके जीवनसाथी को उनके आधिकारिक कर्तव्यों से संबंधित $750 (63,000 रुपये) से ज्यादा मूल्य के गिफ्ट लेने से रोकते हैं।
किम पर पीएचडी थीसिस की चोरी करने का भी आरोप लगाया गया है।
कोरिया टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबित, उनके अल्मा मेटर, कूकमिन विश्वविद्यालय ने आठ महीने की जांच के बाद उन पर लगे आरोपों को खारिज कर दिया, जबकि 16 प्रोफेसरों के एक समूह ने अपने निष्कर्षों का खुलासा करते हुए दावा किया, कि किम के शैक्षणिक कार्य "निर्विवाद रूप से साहित्यिक चोरी से जुड़े हुए हैं"।
किम के विवाद यहीं खत्म नहीं होते। ऐसे आरोप हैं, कि उन्होंने और राष्ट्रपति यून ने 2022 में संसदीय उपचुनाव के लिए उम्मीदवारों को चुनने के लिए सत्तारूढ़ पीपुल्स पावर पार्टी (पीपीपी) पर अनुचित प्रभाव डाला था। मुख्यधारा के मीडिया द्वारा की गई जांच से पता चला, कि किम ने एक राजनीतिक एजेंट और एक मतदान एजेंसी के संस्थापक म्युंग ताए-क्यून के अनुरोध पर उम्मीदवारों के नामांकन की प्रक्रिया में हस्तक्षेप किया था।
किम पर दक्षिण कोरियाई आयात कंपनी ड्यूश मोटर्स से जुड़े स्टॉक हेरफेर का भी आरोप है।
2022 में यूं के राष्ट्रपति बनने से पहले, संसद ने मामले की जांच के लिए एक विशेष प्रॉसीक्यूटर द्वारा एक विधेयक पारित किया था। हालांकि, यूं ने इसे वीटो कर दिया था। 7 नवंबर को एक दुर्लभ सार्वजनिक माफी में, राष्ट्रपति यूं ने स्वीकार किया था, "न तो मेरी पत्नी और न ही मैंने उचित तरीके से काम किया है"।
फर्स्ट लेडी से जुड़े इन घोटालों के बीच, राष्ट्रपति यूं की अप्रूवल रेटिंग 17 प्रतिशत तक गिर गई है।
क्या दक्षिण कोरिया में मार्शल लॉ के पीछे फर्स्ट लेडी का हाथ?
चोसुन डेली की रिपोर्ट के मुताबिक, विपक्ष ने यून पर निशाना साधते हुए दावा किया है, कि मार्शल लॉ लागू करने का उनका फैसला राजनीति से प्रेरित था। उन्होंने राष्ट्रपति पर फर्स्ट लेडी के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की विशेष प्रॉसीक्यूटर जांच की मांग से ध्यान हटाने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
पिछले हफ्ते, यून ने तीसरी बार अपनी पत्नी से जुड़े स्टॉक-मूल्य हेरफेर और प्रभाव-व्यापार के आरोपों की विशेष वकील जांच के लिए बुलाए गए विधेयक को वीटो कर दिया था और जांच नहीं होने दिया था।
दक्षिण कोरिया की संसद में मुख्य विपक्षी पार्टी के पास बहुमत है और 10 दिसंबर को संसद, राष्ट्रपति की पत्नी के खिलाफ लगे आरोपों की विशेष अभियोजक से जांच पर संसद में पेश विधेयक पर फिर से विचार करने वाली थी। और मुख्य विपक्षी पार्टी ने कहा था, कि वो देश के सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को जांच के लिए प्रॉसीक्यूटर बनाने की सिफारिश करने वाली है।
जाहिर तौर पर ये जांच काफी ज्यादा सख्त होता।
अगले हफ्ते जांच होनी चाहिए या नहीं, इसपर संसद में मतदान होना है। सत्तारूढ़ पीपीपी के भीतर विधेयक को लेकर आंतरिक असहमति है और ऐसी अटकलें हैं, कि सत्तारूढ़ पार्टी के कुछ सांसद, प्रस्तावित कानून के पक्ष में मतदान कर सकते हैं। यानि, विपक्ष को और मजबूती मिलने की संभावना है, जिससे राष्ट्रपति बुरी तरह से घिरने वाले हैं।
एक राजनीतिक पर्यवेक्षक ने द चोसुन डेली को बताया, "फिर से मतदान से ठीक एक सप्ताह पहले अचानक मार्शल लॉ की घोषणा, अनिवार्य रूप से जनता का ध्यान पहली महिला की ओर मोड़ देती है।"












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