South China Sea:ड्रैगन की दखलंदाजी पर अमेरिका ने संकेतों में दी सुधर जाने की चेतावनी
नई दिल्ली- दक्षिण चीन सागर में चीन की दखलंदाजी को लेकर अमेरिका ने उसे इशारों-इशारों में आगाह करने की कोशिश की है। अमेरिका ने कहा है कि दक्षिण चीन सागर के विवादित इलाकों के आसपास युद्धाभ्यास करके वह लगातार अपने वादों से मुकर रहा है। अमेरिकी रक्षा मंत्री ने उम्मीद जताई है कि चीन अपनी हरकतों को सुधारेगा और साथ-साथ उसके ऐसा नहीं करने पर वैकल्पिक कदम उठाने के भी संकेत दिए हैं। दक्षिण चीन सागर में इस वक्त जिस तरह से माहौल बना हुआ है, उससे लगता है कि अगर अब भी चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आया तो अमेरिका और उसके साथी देश चीन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू कर सकते हैं।

अमेरिका ने इसबार दक्षिण चीन सागर में चीन की गतिविधियों के खिलाफ उसे उसके पुराने वादे याद कराए हैं और उम्मीद जाहिर की है कि चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी अपनी हरकतें अब बंद कर देगी। यूएस सेकरेटरी ऑफ डिफेंस ने कहा है, 'विवादित इलाकों के आसपास चीन की सेना का युद्धाभ्यास उसके 2002 की उस घोषणा को लेकर किए गए वायदे के ठीक उलट है, जो साउथ चाइना सी को लेकर सभी पक्षों के आचरण से संबंधित है। हालांकि, हमें उम्मीद है कि सीसीपी अपने तरीके बदलेगी, (लेकिन) हमें विकल्प के लिए तैयार रहना ही होगा। '
इस बीच साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट में छपी एक आर्टिकल इलाके में अमेरिका और चीन के बीच बनी विस्फोटक स्थिति बयां की गई है। अखबार लिखता है कि इस क्षेत्र में जो स्थिति पैदा हो रही है, वह किसी भी वक्त जंग में परिवर्तित हो सकती है।
बता दें कि चीन और अमेरिका के बीच तनाव सिर्फ सामरिक मसले पर नहीं है, बल्कि आर्थिक मोर्चे पर भी दोनों की दूरियां बढ़ती ही जा रही हैं। इस कड़ी में अमेरिका ने अब 11 चाइनीज कंपनियों को इसलिए ब्लैकलिस्टेड कर दिया है कि उनपर शिंजियांग प्रांत में उइगर मुसलमानों के साथ अमानवीय सलूक करने का आरोप है।












Click it and Unblock the Notifications