दक्षिण अफ्रीका में ओमिक्रॉन का कहर, अगले महीने से बूस्टर डोज की होगी शुरुआत
जोहानिसबर्ग, दिसंबर 11। कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन की शुरुआत दक्षिण अफ्रीका से ही हुई थी। सबसे पहले ये वेरिएंट इसी देश में मिला था और अब इस वेरिएंट ने पूरी दुनिया को अपनी जद में ले लिया है। खुद दक्षिण अफ्रीका भी नए वेरिएंट से जूझ रहा है। ऐसे में अगले महीने से दक्षिण अफ्रीका में कोरोना वैक्सीन की बूस्टर डोज की शुरुआत हो रही है। शुक्रवार को स्वास्थ्य अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि कर दी। उन्होंने कहा कि अगले महीने से फाइजर की वैक्सीन की बूस्टर डोज शुरू की जा रही है।

60 साल से अधिक उम्र के लोगों को दी जाएगी बूस्टर डोज
अधिकारियों ने कहा कि देश में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, इसलिए हम बूस्टर डोज की शुरुआत कर रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के महानिदेशक डॉ निकोलस क्रिस्प ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि अभी दक्षिण अफ्रीका में बूस्टर 60 साल से अधिक उम्र के लोगों को ही दी जाएगी। बाद में इसे और भी लोगों के लिए शुरू किया जाएगा। आपको बता दें कि बूस्टर डोज पर एक्सपर्ट पिछले 2-3 महीने से काम कर रहे थे।
दक्षिण अफ्रीका में जुलाई के बाद स्थिति सबसे ज्यादा खराब
आपको बता दें कि दक्षिण अफ्रीका में ओमिक्रॉन वेरिएंट के संक्रमित मरीजों की संख्या 22,391 हो गई है। यहां पर 30 प्रतिशत टेस्ट लगभग पॉजिटिव पाए जा रहे हैं। दक्षिण अफ्रीका में जुलाई के बाद से स्थिति फिर से खराब हो रही है। जुलाई के शुरुआत में एक दिन में कोरोना के 26 हजार केस सामने आए थे। दक्षिण अफ्रीका महाद्वीप में कोरोना से सबसे अधिक संक्रमित देश है, जिसमें अभी तक कुल 3.09 मिलियन मामले दर्ज किए गए हैं।
कुल आबादी का एक चौथाई हिस्सा हो चुका है वैक्सीनेट
बात करें दक्षिण अफ्रीका में वैक्सीनेशन की तो आबादी का एक चौथाई हिस्सा पूरी तरह से वैक्सीनेट किया जा चुका है। 43 प्रतिशत वयस्क भी वैक्सीनेट हो चुके हैं। दक्षिण अफ्रीकी सरकार मार्च 2022 तक अपनी 70 प्रतिशत आबादी को पूरी तरह वैक्सीनेट करने का लक्ष्य रख रही है।












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