स्पेस से बैक टू बैक टेंशन: आसमान में हो सकती है सैटेलाइट्स की टक्कर, कैसे सूरज बदल रहा उनका रास्ता?
सौर तूफान ने वैज्ञानिकों की टेंशन बढ़ा दी है। अब सैटेलाइट्स की टक्कर का खतरा मंडरा रहा।

सूर्य अपनी आधी उम्र पूरी कर चुका है, ऐसे में आए दिन उस पर विस्फोट होते रहते हैं। इससे सौरमंडल में सौर तूफान उठते हैं। अब अंतरिक्ष से एक और टेंशन वाली खबर आई है, जिसमें सैटेलाइट के टक्कर की बात कही गई।
Spaceweather.com की रिपोर्ट के मुताबिक सूर्य से आने वाले भू-चुंबकीय तूफानों ने पृथ्वी के ऊपरी वायुमंडल में कई टेरावाट ऊर्जा का संचार किया। इस साल कई सौर तूफान पृथ्वी से टकरा चुके हैं। वैज्ञानिकों ने जब उसके प्रभाव की जांच की तो वो हैरान हो गए।
जांच में पता चला कि सौर तूफान की वजह से पृथ्वी का ऊपरी वायुमंडल इतना ज्यादा गर्म हो गया है, जितना वो 20 साल में होने वाला था। इसका सबसे बुरा असर हमारे सैटेलाइट्स पर पड़ेगा।
नासा के वैज्ञानिक मार्टिन म्लिनजाक (Martin Mlynczak) के मुताबिक बाहरी वायुमंडल की गर्म हवा लगातार सैटेलाइट्स को छू रही, जिससे वो नीचे आने लगे हैं। पृथ्वी की कक्षा में सभी सैटेलाइट एक तय मार्ग पर चक्कर लगाते हैं, लेकिन अगर वो अपनी जगह से हिले तो उनमें टक्कर हो सकती है। इसके अलावा उनके उपकरणों के भी खराब होने का खतरा रहेगा।
मार्टिन ने साफ किया कि पृथ्वी की जलवायु पर इन सौर तूफानों का फर्क नहीं पड़ता है। बस ये बाहरी हिस्से को नुकसान पहुंचाते हैं। इसके सबसे ज्यादा शिकार सैटेलाइट ही होते हैं। अगर उनमें टक्कर ना भी हो, तो उसके उपकरण खराब हो जाते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि पिछले कुछ महीनों में इस तरह के भू-चुंबकीय तूफानों के बार-बार आने से पृथ्वी प्रभावित हुई है, क्योंकि सूर्य पर गतिविधि बढ़ गई है। सौर चक्र एक प्राकृतिक घटना है जो सूर्य के चुंबकीय क्षेत्र के कारण घटित होती है।
इस साल 5 बड़े तूफान
आपको बता दें कि इस साल 5 बड़े सौर तूफान आ चुके हैं। आखिरी बड़ा तूफान 24 अप्रैल को आया था, जिससे 1.02 TW हीट बढ़ी। एक टेरावाट या TW में 10 खरब वाट ऊर्जा होती है, ऐसे में आप अंदाजा लगा सकते हैं कि इससे पृथ्वी के बाहर का तापमान कितना बढ़ा होगा।












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