धरती पर Solar Storm का टॉर्चर! ब्लैक ऑउट का अलर्ट, GPS सैटेलाइट, पॉवर ग्रिड समेत कई सुविधाएं होंगी ठप
अंतरिक्ष के मौसम में काफी उथल- पुथल के संकेत मिले हैं। इस सप्ताह को लेकर स्पेस वेदर प्रेडिक्शन में कहा गया है कि एक शक्तिशाली सोलर स्टॉर्म पृथ्वी से टकराएगा। पिछले 19 वर्षों में ये पहला मौका होगा जब दुनिया भर में ब्लैकआउट, नेविगेशन सिस्टम में डिस्टर्बेंस समेत हाई फ्रीक्वेंसी की रेडियो वेब के प्रभावित होने समेत कई बड़े उथल- पुथल की स्थिति बन जाएगी।
पृथ्वी पर इस वीकेंड एक शक्तिशाली सोलर स्टार्म के टकराने की संभवना है। अमेरिकी स्पेस वेदर प्रेडिक्शन सेंटर ने इस सोलर स्टॉर्म को लेकर G4 जियोमैग्नेटिक स्टॉर्म वॉच जारी की है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 2005 के बाद अपनी तरह की पहला सोलर स्टॉर्म है, जिससे भारी नुकसान की आशंका है।

सोलर स्टार्म की क्या है वजह?
कोरोनल मास इजेक्शन, या सीएमई, सूर्य की सतह पर होने वाली विस्फोटक घटनाएं हैं, जिनमें इसके कोरोना से प्लाज्मा और चुंबकीय क्षेत्र की रिहाई शामिल है। जब ये सीएमई पृथ्वी की ओर निर्देशित होते हैं, तो वे भू-चुंबकीय तूफान उत्पन्न कर सकते हैं। इस तरह के तूफान पृथ्वी की कक्षा और ग्रह की सतह दोनों पर विभिन्न प्रणालियों को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। सोलर स्टॉर्म के चलते संचार, विद्युत पावर ग्रिड, नेविगेशन, रेडियो और उपग्रह संचालन भी बाधित होता है।












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