सिंगापुर में 'गे सेक्स' अब अपराध नहीं, 'धारा 377A' को जल्द खत्म करने की हुई घोषणा
पीएम लूंग ने आगे कहा, ‘‘धारा 377 ए को निरस्त करने के बावजूद हम विवाह की संस्था को बनाए रखेंगे और उसकी रक्षा करेंगे ।
सिंगापुर, 22 अगस्त : दुनिया में LGBTQ समुदाय को लेकर अलग-अलग मत हैं। वहीं, सिंगापुर में अब 'गे सेक्स' को लेकर नया फैसला किया है। सिंगापुर ने गे सेक्स से प्रतिबंध हटाने की घोषणा कर दी है। जिसके बाद अब समलैंगिक संबंधों (Homosexual Relationships) को अपराध की श्रेणी में रखने वाला कानून वापस ले लिया जाएगा।

पुरुषों के बीच यौन संबंध अब गुनाह नहीं
सिंगापुर ने रविवार को घोषणा की कि विवाह की परिभाषा की रक्षा करते हुए औपनिवेशिक काल के कानून को समाप्त कर पुरुषों के बीच यौन संबंध ( Gay Sex-Homo Sexual) को अपराध की श्रेणी से बाहर करेगा। सिंगापुर के वार्षिक नेशनल डे रैली को संबोधित करते हुये प्रधानमंत्री ली सिएन लूंग ने कहा कि उनका मानना है कि यह 'अब करने के लिये सही काम' है, जिसे देश के अधिकतर लोग स्वीकार करेंगे। लूंग ने अपने संबोधन में कहा, ''यह कानून को मौजूदा सामाजिक मॉडल के अनुरूप लेकर आएगा और मुझे उम्मीद है कि इससे सिंगापुर के समलैंगिकों को कुछ राहत मिलेगी ।''

गे सेक्स लीगल होगा
पीएम ने कहा कि सिंगापुर की सरकार यह सुनिश्चित करने के लिये संविधान में भी संशोधन करेगी कि समलैंगिक विवाह को अनुमति देने में किसी प्रकार की संवैधानिक चुनौती और परेशानी उत्पन्न नहीं हो सके। पीएम लूंग ने आगे कहा, ''धारा 377 ए को निरस्त करने के बावजूद हम विवाह की संस्था को बनाए रखेंगे और उसकी रक्षा करेंगे ।'' उन्होंने कहा, ''हमें इसकी सुरक्षा करने के लिये संविधान में संशोधन करना होगा। और हम ऐसा करेंगे। यह धारा 377 ए को नियंत्रित एवं सावधानीपूर्वक निरस्त करने में हमारी मदद करेगा।''

कहां और कैसे खत्म हुआ भेदभाव
प्रधानमंत्री ने यह स्पष्ट नहीं किया कि वास्तव में धारा 377A को कब निरस्त किया जाएगा। सिंगापुर अब एशिया में नवीनतम देश बन गया है, जिसमें LGBTQ समुदाय के सदस्यों के साथ भेदभाव खत्म किया जाएगा। साल 2018 में भारतीय सुप्रीम कोर्ट ने प्रतिबंधों को समाप्त कर दिया था। जबकि थाईलैंड ने हाल ही में समान-लिंग संघों को वैध बनाने के करीब पहुंच गया है।

क्या है कानून
सिंगापुर में धारा 377A कानून के तहत अपराधियों को दो साल की सजा हो सकती है। हालांकि अभी ये सक्रिय रूप से चालू नहीं है। दशकों से इस तरह के सहमति वाले वयस्क पुरुषों के बीच ज्ञात दोष सिद्ध नहीं हुआ है और कानून में महिलाओं को शामिल नहीं किया गया है।

विभिन्न धर्मों के लोग रहते हैं
सिंगापुर में अलग-अलग धर्मों को मानने वाले लोगों की संख्या 5.5 मिलियन है। जिनमें से लगभग 16% मुस्लिम हैं, जिनमें बड़े बौद्ध और ईसाई समुदाय हैं। 2020 की जनगणना के अनुसार, इसमें मुख्य रूप से जातीय चीनी आबादी है, जिसमें मलय और भारतीय अल्पसंख्यक हैं।












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