चमगादड़ के बाद छछूंदर वाले वायरस का प्रकोप, चीन में कहां से फैला संक्रमण ? LayV के लक्षण जानिए
बीजिंग, 11 अगस्त: चीन के वुहान शहर से फैला कोरोना वायरस आजतक दुनिया को परेशान कर रहा है। अब वहां एक और वायरस के प्रकोप की पुष्टि हुई है, जो छछूंदरों में पाया जाता है। इस नए वायरस के संक्रमण के बारे में एक जर्नल में प्रकाशित हुआ है। नए वायरस से चीन के दो-दो प्रांतों के चपेट में आने की बात पता चली है। इस वायरस के बारे में महत्वपूर्ण ये है कि इसमें सामान्य लक्षणों के अलावा कुछ बहुत गंभीर लक्षण देखे गए हैं। हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हुआ है कि यह वायरस एक इंसान से दूसरे इंसान में फैलता है या नहीं।

चीन में अब छछूंदर वाले वायरस का प्रकोप
चीन में छछूंदर में पाए जाने वाले एक नया वायरस फैल गया, जिससे दर्जनों लोगों के बीमार पड़ने की पुष्टि हुई है। अंतरराष्ट्रीय न्यूज एजेंसी एएफपी की एक रिपोर्ट के मुताबिक छछूंदर में पाए जाने वाले नए वायरस का संक्रमण चीन के पूर्वी शेंडोंग और सेंट्रल हेनान प्रांतों में पाया गया है। एजेंसी ने न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसीन की इसी महीने प्रकाशित एक रिपोर्ट के हवाले से कहा है कि नए वायरस की चपेट में आकर कम से कम 35 लोगों के बीमार होने की सूचना मिल चुकी है।

लिवर और किडनी पर भी असर
छछूंदर में पाए जाने वाले इस वायरस को लैंग्या हेनिपावायरस या ले'वी' कहा जाता है। रिपोर्ट में बताया गया है कि इस वायरस के संक्रमित कुछ लोगों में रक्त कोशिकाओं में असमान्यता विकसित हुई हैं और लिवर और किडनी जैसे अंगों में खराबी देखी गई है। शोधकर्ताओं का मानना है कि छछूंदर इस वायरस का स्वाभाविक वाहक हो सकता है। रिपोर्ट में कहा गया कि 'मरीजों में कहीं कोई नजदीकी संपर्क या सामान्य संपर्क का पता नहीं चला है, जिससे लगता है कि इंसानों में छिटपुट तरीके से संक्रमण हो सकता है।'

सैंपल साइज छोटा होने की वजह से कुछ अहम बातें अज्ञात
रिपोर्ट में कहा गया है कि फिलहाल इस वायरस के इंसान से इंसान में फैलने का कोई प्रमाण नहीं मिल पाया है, लेकिन साथ ही यह भी चेतावनी दी गई है कि 'ले'वी' के मानव से मानव में संक्रमण की स्थिति तय करने के लिए (सैंपल साइज) बहुत ही छोटा था'। दोनों प्रांतों में इस छछूंदर वाले वायरस की चपेट में आए ज्यादातर मरीज किसान थे और ये सारे लोग ऐसे थे, जिन्हें बहुत ही तेज बुखार था और वे जीवों के संपर्क में थे।

लैंग्या हेनिपावायरस के लक्षण ?
इस शोधपत्र में शामिल चीन, सिंगापुर और ऑस्ट्रेलिया के शोधकर्ताओं का कहना है कि इस वायरस से होने वाली बीमारी की ज्यादा समझ विकसित करने के लिए अभी और ज्यादा अनुसंधान की जरूरत है। नए वायरस से बीमार हुए ज्यादातर लोगों में बुखार के अलावा थकान, खांसी, मिचली और सिरदर्द जैसे लक्षण देखने को मिले हैं। लेकिन,35% मरीजों में लिवर की समस्या पैदा हुई है तो 8% में किडनी की खराबी आई है। इस रोग के मरीजों में प्लेटलेट काउंट में कमी और डब्ल्यूबीसी काउंट में भी कमी देखी गई है, जिससे शरीर की रोक-प्रतिरोधक क्षमता घट जाती है।

लैंग्या हेनिपावायरस कहां से आया ?
कोरोना वायरस के बारे में अब तक दो थ्योरी प्रचलित रही है। एक तो यह चीन के वुहान के लैब से जानबूझकर या गलती से निकल गया और दूसरी, यह वुहान के ही जानवरों के बाजार से इंसानों तक पहुंचा। लेकिन, इसका वाहक चमगादड़ ही ही है। लेकिन, लैंग्या हेनिपावायरस कहां से आया यह भी अभी तक अस्पष्ट है। लेकिन, संभव: यह जीव से ही इंसानों में फैला है। क्योंकि, लैंग्या वायरस का आएनए छछूंदरों में प्रमुखता से मिला है, इसलिए माना जा रहा है कि यही इसका मुख्य स्रोत है। पालतू और जंगली जानवरों के सीरोसर्वे के बाद ही छछूंदर पर शोध को केंद्रित किया गया। वैसे सीरोपॉजिविटी छछूंदर की जगह कुत्तों और बकरियों में पाया गया था।

कितना घातक है लैंग्या हेनिपावायरस ?
हालांकि, चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने सिंगापुर स्थित ड्यूक-एनयूएस मेडिकल स्कूल के लिंफा वैंग के हवाले से दावा किया है कि लैंग्या हेनिपावायरस के मामले अभी तक घातक या ज्यादा गंभीर देखने को नहीं मिले हैं। वैंग भी शोधकर्ताओं के उस दल में शामिल हैं, जिन्होंने शोध पत्र लिखा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक जूनोसेस जानवरों में होने वाला रोग है, जो इंसान को संक्रमित करता है। इन बीमारियों में कुछ को वैक्सीन से रोका जा सकता है, लेकिन कुछ म्युटेशन के माध्यम से अपना रूप बदलते रहते हैं और नए-नए स्ट्रेन के जरिए लोगों को संक्रमित करते हैं। जैसे कि कोरोना वायरस संभवत: चमगादड़ से इंसानों तक पहुंचा वायरस है, जिसके अनेकों स्ट्रेन पिछले ढाई-तीन साल से पूरी दुनिया में तबाही लाए हुए हैं। (तस्वीरें- प्रतीकात्मक)












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