पूर्व पीएम शिंजो आबे हार गए जिंदगी की जंग, डॉक्टरों ने बताई मौत की असली वजह
2006 में शिंजो आबे पहली बार पीएम बने। फिर शिंजो आबे 2012-2020 तक प्रधानमंत्री रहे। शिंजो आबे ने खराब स्वास्थ्य की वजह से इस्तीफा दिया था। आज एक हत्यारे ने उन्हें गोली मारकर हत्या कर दी।
टोक्यो, 8 जुलाई : जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे (67) (Shinzo Abe assassinated) की जिंदगी को बचाने के लिए दुनियाभर से की जा रही दुआएं काम नहीं आईं। जापान के नारा प्रांत में चुनाव प्रचार के दौरान हमले का शिकार हुए शिंजो आबे का अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। उन्हें बचाने के लिए डॉक्टरों ने पूरा प्रयास किया लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिल सकी।
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जापान में एक युग का अंत
शिंजो आबे के निधन के साथ जापान में एक राजीतिक युग का अंत हो गया है। खबरों के मुताबिक नारा शहर में सुबह 11:30 बजे जैसे ही आबे ने बोलना शुरू किया हमलावर ने उन पर दो गोलियां चलाईं। पुलिस ने बताया एक गोली उनके गले और दूसरी उनकी छाती में लगी।

शिंजो आबे को नजदीक से गोली मारी गई
नारा मेडिकल यूनिवर्सिटी अस्पताल के आपातकालीन चिकित्सा के प्रोफेसर हिदेतादा फुकुशिमा ने एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा, "शिंजो आबे को स्थानीय समयानुसार दोपहर 12:20 बजे अस्पताल ले जाया गया था और अस्पताल लाए जाने पर पता चला कि उन्हें कार्डियक अरेस्ट हुआ था। जानकारी के मुताबिक पूर्व पीएम को अस्पताल लाए जाने से पहले ही दिल का दौरा पड़ चुका था।

डॉक्टरों ने बताई मौत की असली वजह
फुकुशिमा ने यह भी कहा कि हालांकि डॉक्टरों ने पूर्व प्रधान मंत्री को ठीक करने की पूरी कोशिश की, गोली लगने की वजह से रक्तश्राव ज्यादा हो गया था। डॉक्टरों ने खून चढ़ाकर पूर्व पीएम को बचाने की भी कोशिश की, लेकिन वे बच नहीं पाए और आबे का निधन शाम 5:30 बजे (स्थानीय समयानुसार) हो गया।

पुलिस ने किया चौंकाने वाला खुलासा
पुलिस के मुताबिक, जब पूर्व पीएम शिंजो आबे एक छोटी सी जनसभा को संबोधित कर रहे थे, उसी वक्त हमलावर उनके ठीक उनके पीछे खड़ा था। जब शिंजो ने भाषण शुरू किया उसी वक्त हमलावर ने पूर्व पीएम पर दो गोलियां चला दी। इसके बाद शिंजो आबे जमीन पर गिर पड़े।

हमलावर का नाम तेत्सुया यमागमी है
इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने उन्हें सीपीआर देने की भी कोशिश की। इस घटना के तुरंत बाद जापान के पूर्व पीएम शिंजो आबे को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। हमलावर का नाम तेत्सुया यमागमी (Tetsuya Yamagami) बताया गया है।

हमलावर भागा नहीं, वहीं खड़ा रहा
हमलावर को लेकर बताया गया है कि गोली चलाने के बाद उसने भागने की कोशिश भी नहीं की। शिंजो आबे को गोली मारने के बाद वो वहीं खड़ा रहा। जिसके बाद लोगों ने उसे पुलिस के हवाले कर दिया।

पुलिस हर एंगल से कर रही है जांच
हमलावर की उम्र करीब 41 साल बताई जा रही है। हालांकि ये अब तक साफ नहीं हो पाया है कि उसने ऐसा क्यों किया। फिलहाल पुलिस लगातार हमलावर से पूछताछ कर रही है कि उसने ऐसा क्यों किया। साथ ही पुलिस इस पूरे मामले पर अलग-अलग एंगल बनाकर जांच शरू कर दी है।

जापान में गन लॉ बेहद सख्त
एशिया के पहले विकसित देश का दर्जा हासिल करने वाले जापान में साल 2018 में बंदूकों की वजह से 9 लोगों की मौत हुई थी। देश की आबादी 13 करोड़ के करीब है। ऐसे में ये आंकड़ा बताने के लिए काफी है कि देश में कानून कितना सख्त है। यहां पर बंदूक का लाइसेंस हासिल करना अपने आप में बहुत मुश्किल है। अगर किसी नागरिक को गन लाइसेंस चाहिए तो पहले उसे किसी शूटिंग एसोसिएशन से मंजूरी हासिल करनी होती है और फिर पुलिस की जांच से गुजरना पड़ता है।












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