शहबाज शरीफ आज दूसरी बार बनेंगे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री, जानिए नवाज शरीफ के रहते कैसे खुली किस्मत?
Pakistan Prime Minister News: चुनावों में धांधली के आरोपों और गंभीर आर्थिक संकट के बीच शीर्ष पीएमएल-एन नेता शहबाज शरीफ आज पाकिस्तान का 33वें प्रधान मंत्री बनने वाले हैं। हालांकि, इमरान खान की पार्टी ने भी अपने उम्मीदवार जरूर उतारे हैं, लेकिन उनका हारना तय है।
शहबाज शरीफ, जो पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के संयुक्त उम्मीदवार हैं, वो पहले ही अपना नामांकन दाखिल कर चुके हैं। उनके प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के उमर अयूब खान ने भी अपना नामांकन पत्र दाखिल किया है।

शहबाज शरीफ बनेंगे प्रधानमंत्री
शहबाज शरीफ, जो 2022 में पहली बार इमरान खान को अविश्वास प्रस्ताव के जरिए हटाकर प्रधानमंत्री बने थे, वो इस बार प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नहीं थे। बल्कि, 8 फरवरी को पाकिस्तान में हुए चुनाव के दिन तक तमाम नेशनल और इंटरनेशनल मीडिया में नवाज शरीफ को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बताया गया।
लेकिन, यही किस्मत का खेल होता है। 8 फरवरी को हुए चुनाव में पीएमएल-एन बहुमत से कोसों दूर रह गई और तमाम चुनौतियों के बाद भी इमरान खान समर्थित उम्मीदवारों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया और 93 सीटें जीत लीं। हालांकि, ये आंकड़ा सरकार बनने के लिए काफी नहीं था और नवाज शरीफ ने अपना नाम प्रधानमंत्री की रेस से हटा लिया और शहबाज शरीफ को नामित कर दिया।
72 साल के शहबाज शरीफ, 74 साल के नवाज शरीफ के छोटे भाई हैं।
पाकिस्तान के नेशनल असेंबली सचिवालय के मुताबिक, नए प्रधानमंत्री को चुनने के लिए नेशनल असेंबली में आज मतदान होगा। सफल उम्मीदवार को सोमवार को राष्ट्रपति भवन, ऐवान-ए-सद्र में जीते उम्मीदवार को पद की शपथ दिलाई जाएगी।
चूंकी शहबाज शरीफ को बिलावल भुट्टो की पार्टी का समर्थन मिल गया है, लिहाजा उनका प्रधानमंत्री पद की रेस में अव्वल आना तय है।
शहबाज शरीफ अपने भाई की ही तरह मंझे हुए राजनेता हैं और पंजाब प्रांत का प्रधानमंत्री रहते हुए उन्हें विकास परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए जाना जाता है। शहबाज शरीफ को एक बेहतरीन प्रशासक और गठबंधन सरकार को कैसे चलाया जाए, उसके लिए बेहतरीन कॉर्डिनेटर के तौर पर जाना दाता है। हालांकि, 2022 में 16 महीने के लिए पाकिस्तान का प्रधानमंत्री बने रहने के दौरान वो देश को भीषण आर्थिक संकट से बाहर निकालने में नाकाम रहे।
पाकिस्तान इस वक्त एक नाजुक अर्थव्यवस्था और आतंकवाद के बढ़ते खतरे की खतरनाक चुनौतियों का सामना कर रहा है। वहीं, शहबाज शरीफ को जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी की सड़क पर ताकत का भी सामना करना पड़ेगा, जो चुनावों में कथित धांधली के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रही है।
शहबाज शरीफ की पीएमएल-एन को बिलावल भुट्टो की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के साथ साथ 4 अन्य छोटे दलों का भी समर्थन हासिल हुआ है और उनकी सरकार को पूर्ण बहुमत हासिल हो गया है। इस डील के तहत पीपीपी के आसिफ अली जरदारी पाकिस्तान के अगले राष्ट्रपति बनेंगे। हालांकि, बिलावल भुट्टो की पार्टी ने सरकार में शामिल होने से इनकार कर दिया है।
प्रधानमंत्री के रूप में शहबाज शरीफ का चुना जाना लगभग तय है, क्योंकि नेशनल असेंबली के स्पीकर और डिप्टी स्पीकर के लिए पीएमएल-एन और पीपीपी के उम्मीदवार शुक्रवार को भारी बहुमत के साथ चुने गए।
आम चुनाव कराने के लिए संसद भंग होने से पहले शहबाज ने अप्रैल 2022 से अगस्त 2023 तक गठबंधन सरकार के प्रधान मंत्री के रूप में कार्य किया।
द न्यूज इंटरनेशनल अखबार ने "उच्च पदस्थ सूत्रों" के हवाले से बताया कि राष्ट्रपति आरिफ अल्वी, जो इमरान खान के करीबी होने के लिए जाने जाते हैं, उन्होंने नए प्रधान मंत्री को शपथ दिलाने के लिए सहमति दे दी है।
दिलचस्प बात यह है कि राष्ट्रपति अल्वी ने स्वास्थ्य समस्याओं के बहाने अप्रैल 2022 में शहबाज शरीफ को शपथ दिलाने से इनकार कर दिया था, जब वह अविश्वास मत के माध्यम से इमरान खान सरकार को हटाने के बाद निर्विरोध प्रधान मंत्री बने थे।
राष्ट्रपति आरिफ अल्वी का कार्यकाल पिछले साल ही समाप्त हो चुका है, लेकिन संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार, उन्हें 9 मार्च को होने वाले नए राष्ट्रपति के चुनाव तक पद पर बने रहना होगा।












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