शशि थरूर ने काबुल में जश्न मनाते 'मलयाली तालिबानी' को पहचाना? केरल के लड़के तालिबान में ? मचा हड़कंप
शशि थरूर ने संभावना जताई है कि पहले भी केरल के लोग आईएसआईएस में शामिल हो चुके हैं, ऐसे में उनकी संभावना निराधार नहीं है।
नई दिल्ली/काबुल, अगस्त 18: अफगानिस्तान में तालिबान राज स्थापित हो चुका है और पूरी दुनिया में तालिबान के बंदूक के दम पर काबुल पर कब्जा करने को लेकर निंदा की जा रही है। वहीं, अफगानिस्तान के इस कट्टरपंथी संगठन के सत्ता पर काबिज होने को लेकर वैश्विक स्तर पर हंगामा मचा हुआ है। इस बीच कांग्रेस नेता और केरल से सांसद शशि थरूर ने एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है, जिसके बाद हंगामा मच गया है। शशि थरूर ने एक वीडियो शेयर करते हुए कहा है कि क्या तालिबान में केरल के लोग शामिल हो गये हैं?
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शशि थरूर ने शेयर किया वीडियो
कांग्रेस नेता और सांसद शशि थरूर ने सोशल मीडिया ट्विटर पर एक वीडियो शेयर किया है। दावा किया गया है कि ये वीडियो उस वक्त का है, जब तालिबान के लड़ाके अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में दाखिल हो गये थे और तालिबान के लड़ाके इस खुशी में जश्न मना रहे थे। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने वीडियो शेयर करते हुए शक जताया है कि तालिबान की जीत की खुशी मना रहे और वीडियो में दिख रहे लड़ाके मलयाली भाषा में बात कर रहे हैं और उन्हें शक है कि कहीं वो मलयाली तो नहीं हैं।
थरूर के वीडियो पर हंगामा
शशि थरूर ने ट्विटर पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा है कि ''ऐसा लगता है जैसे यहां कम से कम दो मलयाली तालिबान हैं, एक जो "संसारिककेट" कहता है, जो लगभग 9-सेकंड का है और दूसरा जो उसे समझ रहा है!" शशि थरूर ने जिस वीडियो को शेयर किया है, उसे पहले रमिज नाम के एक ट्विटर यूजर ने शेयर किया था, जिसे कांग्रेस नेता शशि थरूर ने शेयर किया है और तालिबान में कुछ मलियाली लोगों के शामिल होने का शक जताया है। हालांकि, रमिज ने बाद में साफ किया, कि तालिबान के रैंक और फाइल में केरल मूल के कोई लड़ाके नहीं हैं।

वीडियो में दिखने वाले शख्स कौन?
खुद को जुझारू पत्रकार बताने वाले रमिज ने लिखा है कि ''वीडियो में दिखाई दे रहे तालिबानी लड़ाके जाबुल प्रांत के बलूच हैं, जो ब्राहवी बोलते हैं और उनके बीच ब्रावी भाषा व्यापक रूप से बोली जाती है। यह एक द्रविड़ भाषा है, जो तेलुगु, तमिल, मलयालम आदि से काफी मिलती-जुलती है।" रमिज के स्पष्टीकरण के बाद शशि थरूर ने फिर लिखा कि ''ये काफी दिलचस्प है और सिर्फ भाषा के जानकार ही इसका पता लगा सकते हैं''। हालांकि, इसके साथ ही शशि थरूर फिर से लिखते हैं कि ''लेकिन, वास्तव में गुमराह मलयाली हैं, जो तालिबान में शामिल हो गये हैं और इसकी संभावना से साफ इनकार नहीं किया जा सकता है''।

शशि थरूर का भारी विरोध
शशि थरूर के इस ट्वीट के बाद ट्विटर पर हंगामा मच गया है और लोग उनपर मलयाली समुदाय को बदनाम करने का आरोप लगा रहे हैं। ट्विटर यूजर्स ने थरूर पर सिर्फ एक शब्द के कारण पूरे मलयाली समुदाय को 'आतंकवादी हमदर्द' के रूप में ब्रांड करने का आरोप लगा रहे हैं। एक ट्विटर यूजर ने कहा कि ''शशि थरूर एक सांसद हैं और एक सांसद की तरफ से ऐसे बयान नहीं आने चाहिए''। वहीं, एक और ट्विटर यूजर ने कहा कि ''केरल में पहले से ही दक्षिणपंथी अभियानों को बढ़ावा दिया जाता है, ऐसे में शशि थरूर जैसे जिम्मेदार सांसद को मलयाली लोगों को बदनाम करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए''

थरूर का बड़ा इल्जाम
दरअसल, शशि थरूर ने अपने ट्वीट में एक बड़ा इल्जाम लगाया है। उन्होंने अपने ट्वीट में कहा है कि ''बतौर सांसद उन्हें जमीन की स्थिति के बारे में पता है। अतीत में केरल की कई महिलाओं ने उनसे संपर्क किया था और कहा था कि उनकी बेटियां 'गुमराह' पतियों द्वारा अफगानिस्तान ले जाने के बाद फंस गई हैं''। थरूर ने लिखा है कि ऐसी घटनाएं सामने आने के बाद उन्होंने तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से संपर्क किया था और बैठक में ऐसी महिलाओं की समस्याओं के बारे में बात थी''। लिहाजा, सांसद थरूर ने एक बार फिर से सक जताया है कि क्या फिर से तालिबान में केरल के लोग तो शामिल नहीं हो गये हैं।

निमिषा फातिमा का आर्टिकिल किया शेयर
ट्वीटर पर बवाल और विरोध बढ़ता देख कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने केरल की रहने वाली एक महिला निमिषा फातिमा को लेकर एक आर्टिकिल शेयर किया है। जिसमें निमिषा फातिमा के अफगानिस्तान की जेल में बंद होने की बात है। शशि थरूर ने लिखा है कि निमिषा फातिमा अपने आईएसआईएस आतंकी पति की मौत के बाद अफगानिस्तान की जेल में बंद है। शशि थरूर ने लिखा है कि ''तालिबान में मलयाली लोगों के होने की संभावना को लेकर जिन्होंने मेरे ट्वीट को खारिज किया है, मुझे उम्मीद है कि अब वो नोटिस करेंगे कि जब अफगानिस्तान की जेल से ये महिला तालिबान के द्वारा रिहा की जाएगी"। आपको बता दें कि निमिषा फातिमा केरल की रहने वाली एक हिंदू लड़की थी, जिसने एक मुस्लिम शख्स से शादी की थी और फिर बाद में वो अपने पति के साथ घूमने के लिए ईरान गई थी, मगर बात में उसका पति उसे लेकर अफगानिस्तान चला गया, जहां वो आईएसआईएस में शामिल हो गया था। बाद में अमेरिकी ऑपरेशन में निमिषा का पति मारा गया था और निमिषा अभी तक अफगानिस्तान की जेल में बंद है। भारत सरकार ने उसे वापस भारत लाने से मना कर दिया है।

तालिबान ने छोड़े आतंकी
''मातृभूमि'' अखबार के जिस लेख को कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने शेयर किया है, उसमें दावा किया गया है कि काबुल पर कब्जा करने के बाद तालिबान ने काबुल के अलग अलग जेलों से 5000 से ज्यादा कैदियों को रिहा कर दिया है। जिसमें ज्यादातर तालिबान, अलकायदा और आईएसआईएस से ताल्लुक रखते हैं। इस अखबार ने दावा किया है कि रिहा किए गये कैदियों में 8 कैदी केरल के रहने वाले हैं, जिनमें एक निमिषा भी है।












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