क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने ही दिया था खशोगी की हत्या करने का आदेश: CIA Report
इस्तानबुल। पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या के पीछे क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की भूमिका को लेकर सऊदी अरब शुरू से ही इनकार करता आया है, लेकिन अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए (सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी) के पास जो रिकॉर्डिंग है, उससे एक बार फिर बवाल मचने वाला है। सीआईए के पास एक फोन रिकॉर्डिंग हैं, जिसमें क्राउन प्रिंस 'खशोगी को जितना जल्दी हो सके उतना जल्दी चुप करने' की बात कह रहे हैं। गुरुवार को एक तुर्की न्यूज बेवसाइट हुर्रियत डेली न्यूज ने इस खबर को कवर किया है। हालांकि, जब न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने तुर्की के अधिकारियों से संपर्क किया तो उन्होंने इस प्रकार की रिकॉर्डिंग के बारे में जानकारी नहीं होने की बात कही।

रिपोर्ट्स की मानें तो सीआईए की रिपोर्ट खशोगी की हत्या के मामले में उन सभी अटकलों पर विराम लगाती है, जिसमें सऊदी क्राउन प्रिंस को बेकसूर माना जा रहा है। सीआईए के अधिकारी ने कहा कि खशोगी जैसे शख्स को ठिकाने लगाना क्राउन प्रिंस के देखरेख के बगैर असंभव था। सीआईए ने माना कि मोहम्मद बिन सलमान ने ही खशोगी की हत्या करने का आदेश दिया था। अमेरिकी अधिकारी अपने देश की खुफिया एजंसी की रिपोर्ट पर पूरा भरोसा जता रहे हैं।
अमेरिका में सऊदी दूतावास की प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, 'इस कथित मूल्यांकन में जो दावे किये गये हैं वह झूठे हैं। इन अटकलों के लिए प्राथमिक आधार को देखे बिना इस प्रकारी की थ्योरी (खशोगी की हत्या में क्राउन प्रिंस का हाथ) हम लगातार सुनते आ रहे हैं। सीआईए की इस रिपोर्ट पर डोनाल्ड ट्रंप की अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन बताया जा रहा है कि वे इस मामले में सीआईए और विदेश मंत्री माइक पोंपियो से बात करने की योजना बना रहे हैं।
वॉशिंगटन पोस्ट के लिए काम कर रहे पत्रकार जमाल खशोगी के न सिर्फ सऊदी से मतभेद थे, बल्कि वे किंगडम में प्रिंस हुकूमत के भी कट्टर आलोचक थे। बता दें कि सितंबर के अंतिम सप्ताह में खशोगी अपने शादी के पेपरवर्क के लिए इस्तानबुल में सऊदी कॉन्सुलेट गए थे, जिसके बाद उनके लापता होने की खबर आई थी। इसके सप्ताह यह साबित हो गया कि सऊदी कॉन्सुलेट में ही खशोगी की हत्या कर दी गई।












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