सऊदी ने स्वीकारा- हमने मारे थे यमन में 40 स्कूली बच्चे

रियाद। सऊदी अरब ने आखिरकार स्वीकार किया है कि पिछले माह यमन में उन्हीं की गठबंधन वाली सेना ने 40 बच्चों को मारा था। यमन के उत्तरी प्रांत सादह में एक स्कूली बस पर 9 अगस्त को सऊदी गठबंधन सेना ने मिसाइल अटैक किया था, जिसमें कुल 56 मासूम बच्चों की मौत हो गई थी और 80 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। स्कूली बच्चों की मौत के पीछे सऊदी गठबंधन ने अपना हाथ होने का इनकार किया था। हालांकि, पिछले सप्ताह शनिवार को सऊदी गठबंधन ने कहा कि गलती से उन्होंने बच्चों को निशाना बना दिया। यमन में इस दर्दनाक अटैक के बाद संयुक्त राष्ट्र ने स्वतंत्र जांच की मांग की थी।

गलती हो गई...

गलती हो गई...

गठबंधन सेना के प्रवक्ता मंसौर अल-मंसौर ने कहा कि सेना ने गलती से अटैक कर दिया था। उन्होंने कहा कि जिसने भी यह किया है, उन्हें इसकी सजा मिलनी चाहिए। रियाद में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान मंसौर ने कहा, 'बस पर अटैक करने के लिए ऑर्डर नहीं दिया गया था, जहां लोग भी थे। लेकिन ऑर्डर देरी से पहुंचा।' मंसौर ने आगे कहा कि उन्होंने टारगेट को तत्काल खतरा नहीं बनाया और उस समय एक आवासीय क्षेत्र में बस को टारगेट करना उस समय अन्यायपूर्ण था। हालांकि, मंसौर ने एक बार फिर कहा कि वह बस हुति विद्रोहियों को ले जा चुकी थी।

अमेरिकी बम का हुआ था इस्तेमाल

अमेरिकी बम का हुआ था इस्तेमाल

सीएनएन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने सऊदी अरब को इस प्रकार के बम उपलब्ध करवाए थे और इसके लिए डील भी हुई थी। सीएनएन ने अपनी रिपोर्ट में हमले के तुरंत बाद बम के टुकड़ों की ली गई तस्वीरों से ऐसे संकेत मिलते है कि यह लेजर निर्देशित एमके 82 बम था, जिसका निर्माण डिफेंस कॉन्ट्रैक्टर लॉकहीड मार्टिन ने किया था। बता दें कि बराक ओबामा ने सऊदी अरब को इस प्रकार के बम देने के लिए रोक लगा दी थी, लेकिन ट्रंप ने सत्ता में आते ही यह प्रतिबंध हटा दिया था।

सऊदी ने पहले विद्रोहियों को ठहराया था जिम्मेदार

सऊदी ने पहले विद्रोहियों को ठहराया था जिम्मेदार

यमन में 10 से 15 साल की उम्र के बच्चों पर अटैक करने के बाद सऊदी ने इसके लिए हुति विद्रोहियों को जिम्मेदार ठहराया था। सऊदी ने कहा था कि हुति विद्रोहियों ने हमें बदनाम करने के लिए इस प्रकार की हरकत की है। बता दें कि यमन मार्च 2015 से गृह युद्ध की चपेट में है। संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि यमन में युद्ध अब दुनिया का सबसे बुरा मानवीय संकट की ओर है, जिसमें 22 मिलियन से अधिक लोगों को सहायता और सुरक्षा की बेहद जरूरत है।

यह भी पढ़ें: यमन: स्कूल बस पर अटैक में हुआ था अमेरिकी बम का इस्तेमाल- रिपोर्ट

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+