Saudi Arabia: रियाद में नोएडा-गुरुग्राम से सस्ता मिल रहा प्लॉट!, मात्र इतने रुपए में बन सकते हैं मालिक!
Saudi Arabia: रियल एस्टेट की बढ़ती लागत को कंट्रोल करने और आम लोगों के लिए घर खरीदना आसान बनाने के लिए सऊदी अरब ने रियाद में एक बड़ी पहल शुरू की है। इसके तहत आवासीय प्लॉट्स पर 84% तक की भारी छूट दी जा रही है। सरकार का मकसद है कि ज्यादा से ज्यादा लोग अपने घर का सपना पूरा कर सकें और रियाद का लॉन्ग-टर्म हाउसिंग सिस्टम मजबूत हो।
10 हजार से ज्यादा प्लॉट्स की ई-लॉटरी
सऊदी गजट के मुताबिक, रॉयल कमीशन फॉर रियाद सिटी ने बुधवार को 'रियल एस्टेट बैलेंस' प्लेटफॉर्म पर एक इलेक्ट्रॉनिक लॉटरी आयोजित की। इस लॉटरी के जरिए 10,024 आवासीय प्लॉट्स की बिक्री होनी है। ये प्लॉट्स कुल 6.38 मिलियन वर्ग मीटर क्षेत्र में फैले हुए हैं। हर प्लॉट का साइज 300 वर्ग मीटर रखा गया है और इसकी कीमत SR1,500 प्रति वर्ग मीटर तय की गई है। इस हिसाब से हर प्लॉट 1 करोड़ 8 लाख (108,45,000) भारतीय रुपयों में मिल जाएगा। जो गुरुग्राम या नोएडा में चल रही वर्तमान में जमीन की कीमत की तुलना में काफी कम है।

मार्केट रेट से 50% से ज्यादा सस्ते प्लॉट
इन प्लॉट्स की कीमत रियाद की औसत आवासीय जमीन कीमत SR3,200 प्रति वर्ग मीटर से 50% से भी ज्यादा कम है। अलग-अलग इलाकों में छूट का स्तर अलग रखा गया है। अल-क़िरावन इलाके में सबसे ज्यादा 84% की छूट दी गई है। इसके बाद अल-मल्का और अल-नरजिस में 78%, अल-रिमाल में 58% और अल-जन्द्रिया में 16% की छूट लागू की गई है।
युवराज मोहम्मद बिन सलमान की रणनीति का हिस्सा
यह योजना युवराज मोहम्मद बिन सलमान की पांच-सूत्रीय रणनीति का हिस्सा है। इसका उद्देश्य पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी रियल एस्टेट कीमतों को स्थिर करना है। रॉयल कमीशन ने ऐलान किया है कि अगले पांच सालों तक हर साल 10,000 से 40,000 पूरी तरह विकसित आवासीय प्लॉट्स SR1,500 प्रति वर्ग मीटर से कम कीमत पर उपलब्ध कराए जाएंगे।
कौन ले सकता है इस योजना का फायदा?
इस योजना का लाभ केवल विवाहित सऊदी नागरिकों या 25 साल से ज्यादा उम्र के ऐसे व्यक्तियों को मिलेगा, जिनके नाम पर कोई आवासीय संपत्ति नहीं है। सट्टेबाजी रोकने के लिए सरकार ने सख्त नियम बनाए हैं। लाभार्थी 10 साल तक इन प्लॉट्स को बेच या किसी और के नाम ट्रांसफर नहीं कर सकते, सिवाय निर्माण के लिए फाइनेंस लेने के। ऐसे में जो भारतीय सऊदी अरब की नागरिकता ले चुके हैं उनके लिए ये फायदे का सौदा होगा।
भारतीयों को कैसे मिलेगा फायदा?
अब यदि आपको इसका फायदा उठाना है तो अपने किसी ऐसे भरोसेमंद दोस्त को ढूंढिए जिसके पास सऊदी अरब की नागरिकता हो और वह पूरे गणित पर फिट बैठ रहा हो। उसके नाम से इस प्लॉट वाली स्कीम में आप इनवेस्ट कर सकते हैं। इसके 10 साल बाद जब कीमत बढ़ जाएं तो इसे बेचकर आप अपनी रकम में मोटा मुनाफा कमा सकते हैं। पर ये रिस्क आप अपने विवेक से लें। वनइंडिया इसकी सलाह नहीं देता है।
नियम तोड़े तो प्लॉट वापस
अगर कोई लाभार्थी तय समय में प्लॉट पर निर्माण नहीं करता, तो वह प्लॉट सरकार द्वारा वापस ले लिया जाएगा। हालांकि ऐसी स्थिति में प्लॉट की मूल कीमत मालिक को लौटा दी जाएगी। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्लॉट्स का इस्तेमाल सही उद्देश्य के लिए ही हो।
हाउसिंग मार्केट को संभालने के लिए और कदम
सिर्फ सस्ते प्लॉट ही नहीं, बल्कि हाउसिंग मार्केट को स्थिर रखने के लिए कई और कदम भी उठाए गए हैं। उत्तरी रियाद में 81.48 वर्ग किलोमीटर जमीन से विकास प्रतिबंध हटा दिए गए हैं। इसके अलावा, श्वेत भूमि शुल्क प्रणाली में बदलाव किया गया है और अगले पांच साल तक आवासीय किराए में बढ़ोतरी पर रोक लगाई गई है।
रियाद को हर साल चाहिए लाखों नए घर
आवास विशेषज्ञों का मानना है कि रियाद की बढ़ती आबादी को देखते हुए हर साल 1 लाख से 1.30 लाख नई आवासीय यूनिट्स की जरूरत है। सरकार इसके लिए एशियाई शहरों के सफल हाउसिंग मॉडल्स से सीख लेकर योजनाओं को लागू कर रही है।
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