सऊदी अरब ने की चीन के साथ अरबों डॉलर की डील की घोषणा, मध्य पूर्व से अमेरिका All OUT!
सऊदी अमेरिका के संबंधों में कड़वाहट उस वक्त आई, जब राष्ट्रपति बनने के बाद जो बाइडेन ने सऊदी अत्रकार जमाल खशोगी हत्याकांड में प्रिंस सलमान को जिम्मेदार ठहराया।
Saudi Arab-China Summit: दुनिया की राजनीति अभी बहुत बड़े बदलाव से गुजर रही है और चीन का मानना है, कि वो अगला सुपरपावर है, लिहाजा चीन ऐसे देशों के साथ संबंध तेजी से आगे बढ़ा रहा है, जहां की सत्ता एक व्यक्ति या एक परिवार तक सीमित है।
वहीं, सऊदी अरब, जिसके सालों से अमेरिका के साथ काफी करीबी संबंध रहे हैं, अब वो अमेरिका से रिश्ते खत्म कर चीन के पाले में करीब करीब खड़ा हो चुका है। सऊदी अरब ने रविवार को रियाद में चीन-अरब व्यापार सम्मेलन के पहले दिन, चीन और अरब दुनिया के बीच अरबों डॉलर के निवेश सौदों की घोषणा की है।

ये बैठक बीजिंग और मध्य पूर्वी देशों के बीच बढ़ते वाणिज्यिक और राजनयिक संबंधों के बीच हो रही है, जिसमें ईरान और सऊदी अरब के बीच हाल ही में ऐतिहासिक चीनी-मध्यस्थता से हुआ मेल-मिलाप भी शामिल है, जिसने क्षेत्रीय संबंधों को बदल दिया है।
तेल समृद्ध साम्राज्य सऊदी अरब पहली बार इस सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है, जो अब अपने 10वें संस्करण में है। सऊदी निवेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा है, कि दो दिनों में, यह चीन और अरब देशों के 3,500 से अधिक सरकारी और व्यापारिक अधिकारियों को एक साथ जोड़ने में कामयाब रहा है।
पहले दिन अरबों डॉलर की डील
आधिकारिक बयान के मुताबिक, चीन-अरब व्यापार सम्मेलन के पहले दिन चीन और अरब देशों के बीच 10 अरब डॉलर के समझौते साइन किए गये हैं, जिनमें से अधिकांश सऊदी अरब में या सऊदी फर्मों और सरकारी संस्थाओं द्वारा परियोजनाओं के लिए हैं।
इस आंकड़े में सऊदी निवेश मंत्रालय और इलेक्ट्रिक और सेल्फ-ड्राइविंग कारों के चीनी ह्यूमन होरिजिन के बीच 5.6 अरब डॉलर का हुआ समझौता ज्ञापन भी शामिल है।
इस सम्मेलन में पहले दिन जो समझौते किए गये हैं, उनमें टेक्नोलॉजी, कृषि, नवीकरणीय ऊर्जा, रियल एस्टेट, प्राकृतिक संसाधनों और पर्यटन सहित विभिन्न क्षेत्रों में विस्तृत समझौते किए गये हैं।
सम्मेलन केशुरू में सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने चीन और अरब देशों के बीच व्यापार और आर्थिक संबंधों में वृद्धि की संभावना पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, कि "(यह) बैठक हमारे लोगों के लिए एक नए, लाभकारी युग की ओर एक साझा भविष्य बनाने का एक अवसर है।"
सऊदी अरब के बयान के अनुसार, सऊदी अरब में लोहे के कारखाने की स्थापना के लिए एएमआर एलुवाला कंपनी और झोंगहुआन इंटरनेशनल ग्रुप (हांगकांग) के बीच 533 मिलियन डॉलर का सौदा हुआ है। बयान में कहा गया है, कि सऊदी एएसके ग्रुप और चाइना नेशनल जियोलॉजिकल एंड माइनिंग कॉर्प ने राज्य में तांबा खनन पर 500 मिलियन डॉलर का सहयोग समझौता किया है।
आपको बता दें, कि पिछले साल दिसंबर में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सऊदी अरब का दौरा किया था और उसके बाद से सऊदी अरब और अमेरिका के संबंध सबसे न्यूनतम स्तर तक पहुंच चुका है। हालांकि, रिश्ते को सुधारने के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने भी सऊदी अरब का दौरा किया था, लेकिन उनके दौरे से कोई लाभ नहीं हुआ। यहां तक की, बाइडेन का सही स्वागत भी रियाद में नहीं किया गया।
अमेरिका ने लगातार सऊदी अरब को चीन के करीब जाने को लेकर सावधान किया है और सऊदी अरब की आलोचना की है।
वहीं, अमेरिकी आलोचना के बारे में पूछे जाने पर, सऊदी ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुलअज़ीज़ बिन सलमान ने कहा, कि "मैं वास्तव में इसे अनदेखा करता हूँ।" उन्होंने कहा कि व्यवसायी लोग "वहां जाएंगे जहां अवसर होंगे।" (Photo- शी जिनपिंग के रियाद दौरे की)












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