'व्हाइट विडो' के इशारे पर हुआ नैरोबी के मॉल में कत्लेआम
नैरोबी। केन्या की राजधानी नैराबी के वेस्टगेट मॉल में तीन दिन तक चली खूनी होली भारत और अन्य देशों के नागरिकों को मिलाकर 68 लोगों की मौत हो गई। इस आतंकी हमले में लगभग 150 लोग घायल है। आतंकियों और सुरक्षाकर्मियों की बीच तीन दिनों तक चले इस ऑपेरशन के बाद पूरे केन्या में मातम का माहौल है। मगर एक सवाल जो सब जानने चाहते हैं कि नैरोबी के मॉल में आतंक का आका कौन था? किसके इशारों पर खेला गया ये भयंकर खूनी खेल या फिर किसने की आतंकियों की अगुवाई। इन सभी सवालों का जवाब है व्हाइट विडो। जी हां ये वही महिला है जिसके पति ने 2005 में लंदन के ट्यूब में आतंकी धमाका किया था।
वो बहुत खूबसूरत थी। उसने बुर्का डाल रखा था और उसके इशारे पर ताबड़तोड़ गोलियां चल रही थीं। जी हां केन्या के अधिकारियों की मानें तो नैरोबी के मॉल में खून-खराबे के पूरे ऑपरेशन की अगुवाई एक व्हाइट महिला ने की जिसका नाम सामंथा ल्यूथवेट यानी व्हाइट विडो। प्राप्त जानकारी के अनुसार आतंक की दुनिया में ये महिला व्हाइट विडो के रूप में मशहूर है। तो आईए आपको इस व्हाइट विडो के बारे में विस्तार से बताते हैं।

7 जुलाई 2005 (7/7), ये वो ही मनहूस दिन था जब लंदन के ट्यूब यानी मेट्रो में भीषण विस्फोट हुआ था। कहा जाता है कि एक आतंकी ने आत्मघाती हमला किया था। आपको बता दें कि नैरोबी हमले की आका उसी आतंकी की बीवी है। सामंथा ल्यूथवेट यानी व्हाइट विडो 7/7 के हमलावर जर्मेन लिंडसे की विधवा है। लंदन धमाकों के कुछ ही दिनों बाद सामंथा ल्यूथवेट पूरे परिवार के साथ लंदन से गायब हो गई थी।
6 सालों के बाद यानी 2011 में पता चला कि वो केन्या के मोम्बासा में रह रही है। 6 सालों में ल्यूथवेट ने आतंक की दुनिया में अपनी खास पहचान बना ली थी। धीरे-धीरे उसके रिश्ते सोमालिया के आतंकी संगठन अल शबाब से जुड़े और फिर वो व्हाइट विडो के नाम से मशहूर हो गई। दिलचस्प ये कि अल शबाब से जुड़ने के बाद सामंथा शेराफिया बन चुकी है। कहा जाता है कि आतंक की ये व्हाइट विडो अब तक केन्या में कई हमलों को अंजाम दे चुकी है। कहा तो यहां तक जा रहा है कि नैरोबी के मॉल में हमला भी उसी का बदला है। नैरोबी हमले के बाद अल शबाब ने ट्वीटर पर लिखा है कि शेरफिया ल्यूथवेट एक बहादुर महिला है और हमें गर्व है कि वो हमारे साथ है।












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