S-400 Missile system: नवंबर से रूस करेगा S-400 मिसाइल सिस्टम की डिलीवरी, भारत के सामने अमेरिकी धमकी बेअसर

एस-400 मिसाइल सिस्टम की डिलीवरी इस साल नवंबर से रूस करेगा। एस-400 मिसाइलों की डिलीवरी तय समय के मुताबिक ही भारत को किया जाएगा।

मॉस्को/नई दिल्ली, अप्रैल 14: इस साल नवंबर महीने से रूस भारत को एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम की डिविवरी देना शुरू कर देगा। अग्रेजी अखबार द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक इसी साल नवंबर महीने से रूस भारत को एस-400 मिसाइल सिस्टम देना शुरू करेगा। एक सीनियर रक्षा अधिकारी ने द हिंदू को बताया है कि इस साल नवंबर से एस-400 मिसाइल सिस्टम की डिलीवरी शुरू हो जाएगी और अमेरिकी प्रतिबंध का इस डील पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है। रिपोर्ट के मुताबिक सीनियर रक्षा अधिकारी ने अखबार को बताया है कि यह डील पहले से ही तय समय के मुताबिक चल रही है, जबकि अमेरिका लगातार भारत को एस-400 डील को लेकर प्रतिबंध लगाने की धमकी देता रहा है।

नवंबर से एस-400 मिसाइल की डिलीवरी

नवंबर से एस-400 मिसाइल की डिलीवरी

दो रूसी अधिकारियों ने अखबार को बताया है कि भारत की तरफ से रूस को एस-400 मिसाइल सिस्टम समझौते को तय वक्त से पहले पूरा करने के लिए कहा गया था लेकिन रूस ने तय वक्त से पहले डिलीवरी देने से साफ इनकार कर दिया था। दरअसल, चीन के साथ विवाद के चलते भारत जल्द से जल्द एस-400 मिसाइल सिस्टम चाहता था। इस मिसाइल सिस्टम के आने से भारतीय वायु सेना की हमलावर ताकत में काफी ज्यादा इजाफा हो जाएगी लेकिन रूस ने तय वक्त से पहले इसकी डिलीवरी देने से इनकार कर दिया था और अब रिपोर्ट आ रही है कि नवंबर महीने से इस मिसाइल सिस्टम की डिलीवरी देना रूस शुरू कर देगा।

अमेरिकी प्रतिबंधों का असर नहीं

अमेरिकी प्रतिबंधों का असर नहीं

रिपोर्ट है कि इस डील पर अमेरिका की तरफ से दी जा रही प्रतिबंधों का कोई असर नहीं पड़ने वाला है। वहीं, रूसी अधिकारियों ने बी काट्सा के तहत भारत पर लगने वाले किसी भी प्रतिबंध की संभावनाओं से इनकार किया है। वहीं, भारत ने साफ कर दिया था कि भारत की अपनी स्वतंत्र विदेश नीति है और किसी भी देश को भारत के स्वतंत्र विदेश नीति में हस्तक्षेप करने का हक नहीं है। भारत ने अमेरिका के सामने साफ कर दिया था कि भारत किसी भी देश के साथ रक्षा समझौता करने और हथियार खरीदने के लिए स्वतंत्र है। वहीं, भारत दौरे पर आए अमेरिकी रक्षामंत्री लॉयड ऑस्टिन ने कहा था कि अमेरिका के किसी भी दोस्त देश को रूस से हथियार खरीदने से बचना चाहिए। वहीं जब उनसे प्रतिबंध को लेकर सवाल किया गया था तो उन्होंने कहा था कि अभी तक भारत को एस-400 मिसाइल सिस्टम मिला नहीं है, लिहाजा प्रतिबंध लगाने का सवाल ही पैदा नहीं होता है। (निकोले कुदाशेव, भारत में रूस के राजदूतः)

दो भाग में बंटा अमेरिका

दो भाग में बंटा अमेरिका

भारत पर प्रतिबंध लगाने के मुद्दे पर अमेरिका नेता दो हिस्से में बंट गये हैं। अमेरिकी सांसदों का एक हिस्सा भारत पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर रहा है तो दूसरा हिस्सा भारत पर किसी भी तरह की कार्रवाई के खिलाफ है। रिपब्लिकन पार्टी के नेता टोड यंग कहा है कि भारत पर काउंटर अमेरिका एडवर्सरीज थ्रू सैंक्शस एक्ट यानि सीएएटीएसए के तहत प्रतिबंध लगाया जाता है तो ये रूस की डिप्लोमेटिक जीत होगी। वहीं, अमेरिकी सीनेट में विदेश मामलों की कमिटी के अध्यक्ष और डेमोक्रेटिक नेता बॉब मेनेंडेज ने कहा है कि अगर भारत रूस से एस-400 मिसाइल सिस्टम खरीदता है तो भारत को सीएएटीएसए तहत प्रतिबंध लगाने की चेतावनी देना चाहिए। वहीं कुछ अमेरिकी सांसदों ने कहा है कि अगर भारत पर प्रतिबंध लगाया जाता है तो अमेरिका की चीन के खिलाफ चलने वाली लड़ाई में पक्ष कमजोर पड़ जाएगा।

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