यूक्रेन का दावा- गैस कम्प्रेसर स्टेशनों पर कब्जा कर रही है रूस की सेना, यूरोप को अंधेरे में धकेलेंगे पुतिन?

यूक्रेन ने दावा किया है कि, रूसी सैनिकों ने यूक्रेन में स्थिति गैस कम्प्रेसर स्टेशनों पर कब्जा करना शुरू कर दिया है और कभी भी यूरोपीय देशों को होने वाली गैस की आपूर्ति रोकी जा सकती है।

कीव/मॉस्को, मार्च 10: यूक्रेन युद्ध का अंधेरा अब कभी भी यूरोपीय देशों तक फैल सकता है और रूस के एक बटन दबाने भर से पल भर में यूरोपीय देशों में अंधेरा कायम हो सकता है। यूक्रेन की तरफ से कहा गया है, कि कई गैस कम्प्रेसर स्टेशनों पर रूसी सैनिकों का कब्जा हो गया है और रूसी सैनिक कभी भी यूरोपीय देशों को की जाने वाली गैस की आपूर्ति को रोक सकते हैं।

गैस स्टेशनों पर बड़ा खतरा

गैस स्टेशनों पर बड़ा खतरा

यूक्रेन ने आरोप लगाया है कि, कुछ गैस कंप्रेसर स्टेशनों पर रूसी सैनिकों के आने के बाद यूरोपीय देशों को होने वाली गैस की सप्लाई पर कभी भी रोकी जा सकती है। यूक्रेन के गैस पाइपलाइन ऑपरेटर ने गुरुवार को चेतावनी दी है, हालांकि, अभी तक प्रवाह पर तत्काल प्रभाव के कोई संकेत नहीं मिले हैं। ट्रांसमिशन सिस्टम ऑपरेटर डेटा के अनुसार, वेल्के कापुसानी बॉर्डर प्वाइंट के पास यूक्रेन से स्लोवाकिया में गैस की आपूर्ति भी खबर लिखे जाने तक सामान्य तरीके से ही चल रही थी, लेकिन अब धीरे धीरे ये क्षेत्र रूस के कब्जे में आ सकता है और फिर गैस सप्लाई ठप की जा सकती है, जिससे यूरोपीय देशों में हाहाकार मच सकता है।

यूक्रेनी गैस पर निर्भर यूरोप

यूक्रेनी गैस पर निर्भर यूरोप

यूरोप के कई देश रूस से सप्लाई होने वाली गैस, जो यूक्रेन के रास्ते यूरोपीय देश तक जाते हैं, अगर उसे रोक दिया जाता है, तो यूरोपीय देश कुछ ही घंटों में घुटने पर आ सकते हैं और रूस इस बात को काफी अच्छे से जानता है। वहीं, 2021 में लगभग 41.6 बिलियन क्यूबिक मीटर (बीसीएम) रूसी गैस को यूक्रेन के माध्यम से यूरोप तक पहुंचाया गया था। जिसकी वजह से यह एक प्रमुख आपूर्ति मार्ग बन गया है, हालांकि, एक साल पहले तक इस गैस पाइप लाइन से गैस की आपूर्ति 25 प्रतिशत तक कम हो रही थी।

कई कंप्रेसर स्टेशनों पर रूस का कब्जा

कई कंप्रेसर स्टेशनों पर रूस का कब्जा

यूक्रेन की गैस पाइपलाइनों (ओजीटीएसयू) के ऑपरेटन ने कहा है कि, रूसी सेना ने कई गैस स्टेशनों पर कब्जा कर लिया है, जिससे यूरोप को होने वाली गैस की सप्लाई बाधित की जा सकती है। हालांकि, अभी तक ये नहीं बताया गया है, कि कितने गैस स्टेशन प्रभावित हुए हैं। वहीं, "ओजीटीएसयू की मांग है, कि सैन्य और सशस्त्र समूह तुरंत कंप्रेसर स्टेशनों के क्षेत्र को छोड़ दें और जीटीएस (गैस ट्रांसमिशन सिस्टम) के संचालन को प्रभावित करने की कोशिश करना बंद कर दें।"

रूसी गैस पर काफी निर्भर यूरोपीय देश

रूसी गैस पर काफी निर्भर यूरोपीय देश

आपको बता दें कि, रूस यूरोपीय संघ को कुल खपत की 40 प्रतिशत गैस सप्लाई करता है। वहीं, यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यूरोपीय संघ की प्रमुख उसुर्ला वॉन डेर लेयेन ने कहा है कि, हमारा उद्देश्य रूस पर ऊर्जा की निर्भरता को इस दशक के अंत तक शून्य करना है। यूरोपीय आयोग ने इस साल रूस से 70% से अधिक गैस के आयात को कम करने के लिए लिक्विड नेचुरल गैस की खरीद, हरित ऊर्जा और गैस भंडारण में तेजी लाने की योजना बनाई है, लेकिन ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के लिए ऊसे बड़ी कीमत चुकानी होगी। यूरोपीय कमीशन ने इस साल के अंत तक रूस से आयात होने वाली गैस में 112 बीसीएम की कमी लाने का लक्ष्य रखा है।

ऊर्जा निर्भरता कम करने की कोशिश

ऊर्जा निर्भरता कम करने की कोशिश

रूस पर ऊर्जा की निर्भरता को कम करने की इस योजना को REPowerEU plan नाम दिया गया है। आयोग के अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा, 'हमें रूसी तेल, कोयला और गैस से स्वतंत्र होना चाहिए। हम केवल उस आपूर्तिकर्ता पर भरोसा नहीं कर सकते जो हमें स्पष्ट रूप से धमकी देता है।' हमें ऊर्जा की बढ़ती कीमतों के प्रभाव को कम करने, अगली सर्दियों के लिए अपनी गैस आपूर्ति में विविधता लाने और स्वच्छ ऊर्जा के प्रवाह में तेजी लाने के लिए अभी कार्य करने की आवश्यकता है। हम जितना जल्दी यह करेंगे, उतनी जल्दी ही ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन पाएंगे।

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