रूस की मिलिट्री की ओर से अपने ही वाहनों को बर्बाद करने की रिपोर्ट, फूट-फूट कर रो रहे रूसी जवान को सुनिए
कीव, 2 मार्च: यूक्रेन पर हमला करने का फैसला तो व्लादिमीर पुतिन ने ले लिया, लेकिन लगता है कि वह इसके लिए अपनी सेना के जवानों को पूरी तरह से तैयार नहीं कर पा रहे हैं। अब ऐसे ऑडियो क्लिप भी सामने आ रहे हैं, जिसके आधार पर दावा किया जा रहा है कि किस तरह से रूसी सेना यूक्रेन में लड़ने के लिए तैयार नहीं हो रही है। पिछले कई दिनों से कीव की ओर रूसी टैंकों और बख्तबंद वाहनों का 64 किलोमीटर लंबा काफिला आने की चर्चा है, लेकिन उसके पहुंचने की राह में खुद उनके अपने ही जवान रोड़े बन रहे हैं, ऐसी इंटेलिजेंस रिपोर्ट आ रही है। हमारे पास एक ऑडियो क्लिप भी है, जिसके आधार पर दावा किया गया है कि पकड़े गए रूसी जवान किस तरह से फूट-फूट कर रो रहे हैं।

युद्ध लड़ने से हाथ खड़े करने लगे रूसी जवान- रिपोर्ट
पेंटागन के एक अधिकारी के हवाले से न्यूयॉर्क टाइम्स ने खबर दी है कि यूक्रेन में दाखिल हो चुकी रूसी सेना के जवान परेशान हैं और रोए जा रहे हैं, क्योंकि उनसे 'सभी पर फायर' करने के लिए कहा गया है। रिपोर्ट के मुताबिक ये सैनिक युद्ध नहीं लड़ना चाहते, इसलिए अपने ही सैन्य वाहनों को बर्बाद करने लगे हैं। पेंटागन के अधिकारी के मुताबिक रूसी सेना में एक बड़ी तादाद उन युवा सैनिकों की है, जो अच्छी तरह से प्रशिक्षित नहीं हैं और वह पूर्ण युद्ध के लिए तैयार नहीं किए गए हैं। उनका मनोबल भी गिरा हुआ है और भोजन और ईंधन समेत बाकी संसाधनों की भी उनके पास किल्लत है।

अपनी सेना के वाहनों को नुकसान पहुंचा रहे हैं रूसी सैनिक-रिपोर्ट
रिपोर्ट में कहा गया है कि युद्ध से बचने के लिए ये रूसी जवान जानबूझकर अपने वाहनों में छेद कर दे रहे हैं। यह अनुमान यूक्रेन में पकड़े गए रूसी जवानों के बयानों के आधार पर लगाए गए हैं और 64 किलोमीटर लंबे रूसी सेना के टैंक और बख्तरबंद वाहनों के काफिले के कीव पहुंचने में हो रही देरी का भी यही कारण माना जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से यह काफिला ज्यादा आगे बढ़ नहीं पा रहा है। पेंटागन के अधिकारी का अनुमान है कि बदली सूरत में रूसी कमांडर कीव पर कब्जा करने के लिए अपनी रणनीति में बदलाव कर सकते हैं। एक ब्रिटिश इंटेलिजेंस एजेंसी ने भी एक रेडियो संदेश पकड़ा है, जिससे इस रिपोर्ट के दावों की पुष्टि हो रही है।

नागरिकों पर फायर करने से इनकार कर रहे-रिपोर्ट
उधर डेली मेल ने जो वॉयस रिकॉर्डिंग की है, उससे भी खुलासा होता है कि रूसी सैनिक यूक्रेन के शहरों पर गोलाबारी करने के अपने कमांडरों के आदेश को मानने से इनकार कर रहे हैं। इंटेलिजेंस कंपनी शैडोब्रेक ने यूक्रेन पर रूसी हमले के बाद से 24 घंटे की वॉयस रिकॉर्डिंग ट्विटर पर जारी की है और कहा है कि इससे 'यूनिटों के बीच तालमेल की एक बहुत ही चिंताजनक स्थिति जाहिर होती है, कभी-कभी तो एक-दूसरे पर फायरिंग भी करते हैं।' इसमें से एक मैसेज से यह भी खुलासा होता है कि यूक्रेन में मौके पर मौजूद रूसी सैनिक और कमांड सेंटर में मौजूद उनके सहयोगी के बीच कितनी तनाव की स्थिति बन जाती है, क्योंकि पहला कहता है कि वह एक इलाके पर तबतक तोप के गोले नहीं दाग सकता, जब तक कि सिविलियन वहां से निकल नहीं जाते।

पहले भी किया जा चुका है ऐसा दावा
संयुक्त राष्ट्र जनरल असेंबली में बुधवार को यूक्रेन के राजदूत सर्गी किस्लित्सया ने एक टेक्स्ट मैसेज भी पढ़कर सुनाया था, जो दावे के मुताबिक मारे जाने से पहले एक रूसी सैनिक ने अपने मां को भेजा था। उन्होंने जो पढ़कर सुनाया था उसके मुताबिक, 'ममा, मैं यूक्रेन में हूं। मैं परेशान हूं।' उसने लिखा था, 'वे हमें फासिस्ट कहते हैं। ममा, यह कितना बुरा है।'
कितना फूट-फूट कर रो रहा है रूसी जवान सुनिए
शैडोब्रेक ने अपने ट्विटर हैंडल में यूक्रेन में पकड़े गए एक रूसी सैनिक के फूट-फूट कर रोने वाला ऑडियो शेयर कर लिखा है, 'हमने भी उन्हें खारकिव के नजदीक लड़ाई के दौरान रोते हुए सुना, जैसा कि इस रिकॉर्डिंग में सुना गया है। लेकिन, ईंधन का मसला, नक्शे की कमी के चलते भी तालमेल में परेशानी थी,.....एयर सपोर्ट भी मांगा जा रहा था.......' गौरतलब है कि रूसी राष्ट्रपति ने यूएन चार्टर के आर्टिकल 51 का हवाला देते हुए 'आत्म-रक्षा' के नाम पर 24 फरवरी को यूक्रेन पर आक्रमण का ऐलान किया था। (ट्वीट में दिए गए लिंक पर क्लिक करके ऑडियो सुनिए)












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