10 साल पुराना खाना खाने को मजबूर हैं रूसी सैनिक! VIDEO शेयर कर सोल्जर बोला-हम बिना वजह मर रहे हैं
कीव, 01 मार्च: रूस और यूक्रेन के बीच खतरनाक जंग जारी है। दुनियाभर के देशों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों से बौखलाए रूस ने यूक्रेन हमले और तेज कर दिए हैं। पिछले 24 घंटों में रूस ने यूक्रेन भयानक तबाही मचाई है। हमलों में सैकड़ों लोगों की मौत हुई है। लेकिन रूसी सेना को यूक्रेन से कड़ी टक्कर मिल रही है। इसी बीच रूसी सेना से जुड़ा एक वीडियो सामने आया है। जिससे पता चला है कि, रूसी सेना खाने की कमी से जूझ रही है। रूसी सैनिकों के हालात इतने बदतर है कि, उन्हें एक्सपाइर हो चुके सात साल पुराने खाने के पैकटों को खाना पड़ रहा है।

खराब खाना खाने को मजबूर रूसी सैनिक
सोशल मीडिया पर एक रूसी सैनिक का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें एक रूसी सैनिक एक डिब्बे को खोल रहा है। जोकि फूड सप्लाई से भरा हुआ है। वह उस बॉक्स में एक-एक कर पैकेज को बाहर निकलता है और उन पैकेट के पीछे पड़ी तारीखों को दिखाता है औऱ बताता है कि, खाना खराब हो चुका है। इस खाने को एक्सपायर हुए सात साल हो चुके हैं। सैनिक अपनी ही सरकार पर भड़क रहा है।

अपने ही देश पर भड़ा रूसी सैनिक
डेली स्टार की खबर के मुताबिक, रूसी सैनिक वीडियो क्लिप में कहते हुए सुनाई देता है कि, देखिए वे क्या कर रहे हैं, वे आपको बिना किसी खर्च के एक विदेशी धरती पर मरने के लिए भेजते हैं और वे आपको सामान्य भोजन भी नहीं दे पा रहे हैं। वह पैकेज के पीछे लिखा संख्या को दिखाता है। जिस पर खाना बनाने की तारीख और कब तक खाने लायक है वो तारीख लिखी है। सैनिक जिस पैकेट को दिखा रहा है। अप्रैल 2013 में बना था और इसे 2015 ही खाया जा सकता है।
वायरल हुआ वीडियो
हालांकि वीडियो कब का है, यह स्पष्ट नहीं है। इसमें सैनिक चाकू से पैकेट खोलता हुआ दिख रहा है। ये एमआरई (रेडी-टू-ईट) फील्ड राशन है। वीडियो में सैनिक कहता है कि यूक्रेन में रूसी बिना किसी कारण के मर रहे हैं और रूसी सैनिकों की माताओं से अपने बेटों को यूक्रेन जाने से रोकने की गुहार लगाता हुआ दिख रहा है। रूसी संघ कथित तौर पर "24-घंटे का राशन देती है। जिसमें सात किस्में होती हैं।

रूसी सैनिक का आखिरी मैसेज
इससे पहले एक मारे जा चुके रूसी सैनिक की अपनी मां से हुई अंतिम बातचीत सामने आई है। उसने लिखा 'मां मैं यूक्रेन में हूं, यहां एक वास्तविक युद्ध छिड़ा हुआ है और मुझे डर लग रहा है। हम सभी शहरों पर एक साथ बमबारी कर रहे हैं। यहां तक कि नागरिकों को भी निशाना बना रहे हैं।' उसने इस मैसेज को तब लिखा जब पहले रूसी सैनिक की मां अपने बेटे से पूछती है कि उसे आखिरी बार जवाब दिए इतना समय क्यों लगा और क्या वह उसे एक पार्सल भेज सकती है।

'वे हमारे बख्तरबंद वाहनों के नीचे गिर रहे हैं'
सैनिक ने आगे लिखा कि हमें बताया गया था कि यूक्रेनी हमारा स्वागत करेंगे लेकिन वे हमारे बख्तरबंद वाहनों के नीचे गिर रहे हैं, खुद को पहियों के नीचे फेंक रहे हैं और हमें गुजरने नहीं दे रहे हैं। वे हमें फासीवादी कहते हैं। मां, यह बहुत कठिन है। यह मैसेज पढ़ते हुए यूक्रेन के राजदूत ने सभा में में कहा कि आप इस त्रासदी की कल्पना कीजिए यह कितना बड़ा है जो 24 फरवरी से शुरू हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि कल्पना कीजिए अगर यह आपके सामने हो रहा हो।












Click it and Unblock the Notifications