दोस्त के न्योते पर भी व्लादिमीर पुतिन नहीं आए भारत, क्या वैश्विक नेताओं को सामना करने की नहीं है हिम्मत?
Vladimir Putin: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सोमवार को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के साथ टेलीफोन पर बातचीत के दौरान भारत में आयोजित होने वाले जी20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने में असमर्थता जताई है। रूसी के राष्ट्रपति ने कहा, कि 9 और 10 सितंबर को होने वाले वैश्विक जी20 कार्यक्रम के दौरान मॉस्को का प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव करेंगे।
हालांकि, व्लादिमीर पुतिन का भारत नहीं आना, आश्चर्य की बात नहीं है, क्योंकि पिछले साल 24 फरवरी को यूक्रेन में युद्ध शुरू होने के बाद से, उन्होंने विदेशी यात्राओं से परहेज ही किया है। रूसी राष्ट्रपति इसी महीने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने दक्षिण अफ्रीका भी नहीं गये थे और उन्होंने पिछले साल भी इंडोनेशिया के बाली में आयोजित जी20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा नहीं लिया था।

लेकिन, भारत को उम्मीद थी, कि हो सकता है रूसी राष्ट्रपति जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान नई दिल्ली का दौरा करने के लिए तैयार हो जाएं।
पुतिन और पीएम मोदी में क्या बातें हुई?
प्रधान मंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने कहा है, कि दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग के कई मुद्दों पर हो रहे डेवलपमेंट्स की समीक्षा की और जोहान्सबर्ग में हाल ही में संपन्न ब्रिक्स शिखर सम्मेलन सहित आपसी चिंता के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।
वहीं, क्रेमलिन ने अपने रीडआउट में कहा, कि बातचीत के दौरान ऊर्जा क्षेत्र में "बड़े पैमाने पर परियोजनाओं" के निरंतर कार्यान्वयन और अंतरराष्ट्रीय परिवहन और रसद, बुनियादी ढांचे के विस्तार पर संयुक्त कार्य के लिए "पारस्परिक प्रतिबद्धता" जताई गई।
क्या गिरफ्तारी की वजह से नहीं आए?
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, 22 से 24 अगस्त के बीच ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए जोहान्सबर्ग नहीं गए और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इसके कुछ प्रमुख सत्रों में शामिल हुए।
यूक्रेन से बच्चों के अपहरण के मामले में मार्च में उनके लिए जारी किए गए अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आईसीसी) के गिरफ्तारी वारंट के कारण उनकी दक्षिण अफ्रीका यात्रा जटिल हो गई थी।
चूंकी दक्षिण अफ्रीका, आईसीसी का सदस्य है, लिहाजा अगर व्लादिमीर पुतिन दक्षिण अफ्रीका का दौरा करते, तो उससे पुतिन को गिरफ्तार करने के लिए कहा जाता।
लेकिन भारत आईसीसी का सदस्य नहीं है और उसने रोम संविधि का अनुमोदन नहीं किया है, जिसे अपनाने से 1998 में आईसीसी की स्थापना हुई। भारत पर आईसीसी के साथ सहयोग करने का कोई दायित्व नहीं है। लिहाजा, भारत के ऊपर पुतिन की गिरफ्तारी को लेकर कोई प्रेशर नहीं था।
इससे पहले, 2015 में जब सूडान के तत्कालीन राष्ट्रपति अल बशीर, दिल्ली में तीसरे भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली आए थे, उस वक्त उनके खिलाफ भी आईसीसी की तरफ से गिरफ्तारी वारंट जारी था और उस वक्त आईसीसी ने भारत से अल बशीर को गिरफ्तार करने की अपील की थी, जिसे भारत ने नजरअंदाज कर दिया था।
इसका मतलब यह है, कि पुतिन को भारत में गिरफ्तारी का कोई खतरा नहीं है, हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि उन्होंने जी20 शिखर सम्मेलन से दूर रहने का फैसला क्यों किया।
कई नेता कर रहे हैं भारत का दौरा?
कई नेता पहले ही घोषणा कर चुके हैं, कि वे जी20 शिखर सम्मेलन के लिए भारत की यात्रा करेंगे। व्हाइट हाउस ने घोषणा की है, कि राष्ट्रपति जो बाइडेन 7-10 सितंबर के दौरान दिल्ली में रहेंगे। ऑस्ट्रेलिया के प्रधान मंत्री एंथनी अल्बानीज़ ने भी भारत के लिए अपनी यात्रा योजनाओं की घोषणा की है।
वहीं, कनाडा के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज, जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा समेत चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी भारत दौरे पर जी20 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत आ रहे हैं।
हालांकि, इससे पहले भारत में इस साल आयोजित शंघाई सगयोग संगठन (एससीओ) की बैठक में आने की संभावना थी, लेकिन भारत ने इस बैठक को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए किया, लिहाजा पुतिन की संभावित यात्रा टल गई।
हालांकि, रूसी राष्ट्रपति ने जून 2022 में ताजिकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान का दौरा किया था। ताजिकिस्तान में, उन्होंने राष्ट्रपति इमोमाली रहमोन के साथ काबुल में 2021 में तालिबान के कब्जे के बाद की स्थिति पर चर्चा की थी और तुर्कमेनिस्तान में उन्होंने दक्षिण से भूमि कनेक्टिविटी में सुधार पर ध्यान देने के साथ कैस्पियन शिखर सम्मेलन में भाग लिया।
वहीं, पुतिन को लेकर खबर थी, कि वो काला सागर अनाज समझौते पर तुर्की की राष्ट्रपति रेचेप तैयप अर्दोआन के साथ चर्चा करने के लिए अंकारा की यात्रा कर सकते हैं, जो यूक्रेन की स्थिति पर क्रेमलिन के साथ लगातार संपर्क में रहे हैं। तुर्की मीडिया ने पहले जानकारी दी थी, कि यह यात्रा अगस्त के अंत में निर्धारित थी। हालांकि, रूसी सूत्रों ने शुक्रवार को उस यात्रा की पुष्टि करने से इनकार कर दिया।
वहीं, माना जा रहा है, कि चूंकी रूस को अंतर्राष्ट्रीय नेताओं ने अलग थलग कर दिया है, इसीलिए पुतिन भारत का दौरा नहीं कर रहे हैं। माना जा रहा है, कि जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान यूक्रेन युद्ध को लेकर रूस पर हमले किए जाएंगे और वो स्थिति पुतिन के लिए असहज करने वाली हो सकती है, इसीलिए वो वैश्विक नेताओं का सामना करने से बच रहे हैं।












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