चीन और पुतिन को करीब लाया एक बाघ
बीजिंग। चीन और रूस के बीच जो रिश्ते हैं उसके बारे में शायद ही किसी को बताने की जरूरत है। जुलाई में हुए ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान यह दोनो देश जरूर थोड़े करीब आए थे लेकिन इनके बीच तनातनी अक्सर चलती ही रहती है। अब एक बाघ इन दोनों को करीब ले आया है।

यह बाघ रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन का पालतू बाघ है। पिछले दिनों पुतिन ने इसे पिंजरे से निकालकर जंगल में छोड़ दिया था। घूमते घूमते यह बाघ चीन के जंगलों में जा पहुंचा।
पुतिन को उनके जन्मदिन के मौके पर यह बाघ वापस मिला और अब यह वापस रूस के जंगलों में मौजूद है।
चीन और रूस की एजेंसियों की मेहनत
इस बाघ की काफी तलाश की गई। चीन और रूस दोनों देशों की एजेंसिया बाघ की तलाश में जुट गईं। आखिरकार यह बाघ चीन के नॉर्थ-वेस्ट इलाके में स्थित हेलोंगजियांग प्रोविंस में नजर आया।
यह बाघ यहां के तैपिनगु नेचर रिजर्व में मौजूद था। आपको बता दें कि यह साइबेरियाई बाघ है और चीन में 18 से 22 साइबेरियाई बाघ मौजूद हैं।
इस नेचर रिजर्व के निदेशक चेन झिगेंग ने बताया कि उन्होंने एक रशियन एक्सपर्ट को बुलाया था ताकि वह बाघ की मौजूदगी के बारे में हमें बता सके।इस बाघ पर ट्रैकिंग इक्विपमेंट्स लगे थे, जिससे उसकी मौजूदगी का पता चल रहा था।
पुतिन का यह बाघ चीन और रूस की सीमा के पास हेलोंगजियांग नदी के पास मिला है।
60 कैमरों से खींची गई थी तस्वीर
चेन ने कहा कि रशियन एक्सपर्ट्स ने वह बाघ की तस्वीरें लेने के लिए करीब 60 कैमरे लगाए। सिर्फ इतना ही नहीं चीन ने इस बाघ का पूरा ध्यान रखा। चेन ने बताया कि 20 हजार हेक्टेयर में फैला नेचर रिजर्व जैव विविधता से भरपूर है।
इसके बावजूद अगर खाना कम पड़ता तो वह बाघ के भोजन के लिए पशओ को उस इलाके में छोड़ देते । वहीं रशियन मीडिया के मुताबिक पुतिन ने मई में कुज्या नामक बाघ सहित तीन बाघों को रिहा करने का निर्देश दिया था।
ट्रैकिंग उपकरण लगे होने की वजह से पता चला कि एक युवा बाघ सीमा पार कर चीन पहुंच गया।












Click it and Unblock the Notifications