खेरसॉन छोड़ने के बाद फिर से उसे हासिल करने में जुटा रूस, जानिए पुतिन का प्लान क्या है?
यूक्रेनी मीडिया के मुताबिक रूस कैस्पियन सागर और काला सागर से यूक्रेन पर बड़ा हमला करने वाला है। इसके मुताबिक रूस खेरसॉन पर तीन तरफ से हमला करने वाला है।
यूक्रेन ने बुधवार को कहा कि कुछ वक्त पहले तक जल्दबाजी में पीछे हटने के बाद, रूसी सेना एक बार फिर से खेरसॉन में जमीन हासिल करने की कोशिश कर रही है। दरअसरल खेरसॉन से रूस के हटने के बाद पूरी दुनिया में इसे मास्को की हार के रूप में देखा जा रहा है। अपमान का घूंट पीने से बेहतर पुतिन इस इलाके को फिर से हासिल करने की कोशिश में लग गए हैं। रूस ने इसके लिए नई रणनीति बनानी शुरू कर दी है और यूक्रेन से लड़ने के लिए एक नया प्लान बनाया है।

खेरसॉन पर तीन तरफ से हमला करने वाला है रूस
यूक्रेनी मीडिया के मुताबिक रूस कैस्पियन सागर और काला सागर से यूक्रेन पर बड़ा हमला करने वाला है। इसके मुताबिक रूस खेरसॉन पर तीन तरफ से हमला करने वाला है। यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने भी रूस के बड़े मिसाइल हमले की चेतावनी जारी की है। इस बीच रूस की आक्रामकता को देखते हुए नाटो ने 28 नवंबर को विदेश मंत्रियों की बैठक आयोजित की, जिसमें यूक्रेन और उसके पड़ोसियों - माल्दोवा, जॉर्जिया और बोस्निया-हर्जेगोविना की मदद करने का संकल्प लिया गया।

नाटो भी जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार
नाटो प्रमुख जेंस स्टोलटेनबर्ग ने कहा कि रूस की आक्रामकता के जवाब में हम ब्लैक और बाल्टिक सागर में तैनाती बढ़ाने जा रहे हैं। हमने नए बैटलग्रुप तैयार किए हैं, इनमें से एक रोमानिया में फ्रांस लीड कर रहा है, कनाडा के फाइटर जेट हमारे आसमान की सुरक्षा कर रहे हैं, अमेरिका की पैट्रियट मिसाइलें हमारा रक्षा मोर्चा मजबूत कर रही हैं। रूस ने इस बैठक की निंदा करते हुए कहा कि इससे पता चलता है कि नाटो को "यूक्रेन में राजनीतिक और कूटनीतिक समाधान में बिल्कुल दिलचस्पी नहीं है"।

डोनेट्स्क में रूसी सेना ने फिर से लड़ाई तेज की
यूक्रेनी सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ ने बुधवार रात बयान में कहा कि पूर्वी यूक्रेन में लंबे वक्त से भारी लड़ाई की जगह बन चुका डोनेट्स्क में रूसी सेना ने फिर से लड़ाई तेज कर दी है औऱ कई शहरों में गोलाबारी जारी है। वहीं यूक्रेन के दक्षिणी मोर्चे पर रूसी सेना ने रक्षात्मक पोजिशन ले लिया है। इस बीच, रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने बुधवार को कहा कि पश्चिमी देश यूक्रेन को रूस के खिलाफ लड़ाई जारी रखने के लिए जोर दे रहे हैं। TASS समाचार एजेंसी के हवाले से सर्गेई लावरोव ने यह भी कहा कि परमाणु शक्तियों के बीच किसी भी प्रकार के सैन्य टकराव से बचना महत्वपूर्ण है।

ब्रिटेन ने रूस पर लगाए नए प्रतिबंध
इस बीच ब्रिटेन ने रूस के खिलाफ नए प्रतिबंध लगाए हैं। गार्जियन की खबर के मुताबिक इन नए प्रतिबंधों में वे लोग शामिल हैं जो यूक्रेन में लड़ने के लिए अपराधियों को शामिल कराने में थे। ये प्रतिबंध अधिकारियों के एक नए समूह को लक्षित कर लगाए गए हैं। इसमें उपप्रधान मंत्री डेनिस मंटुरोव भी शामिल हैं, जो सैन्य उपकरणों की आपूर्ति के लिए जिम्मेदार हैं। यह कार्रवाई पुतिन द्वारा हत्या, डकैती और नशीले पदार्थों की तस्करी सहित गंभीर अपराधों के दोषी लोगों की भर्ती की अनुमति देने वाले एक डिक्री पर हस्ताक्षर करने के बाद हुई है।












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