इंग्लैंड के आसमान में मंडराया 'कयामत के दिन का विमान', कैसे परमाणु युद्ध में आता है काम ? जानिए
लंदन, 24 मार्च: करीब 20 करोड़ डॉलर कीमत वाला 'कयामत के दिन का विमान' इंग्लैंड के आसमान में मंडराते हुए देखा गया है। यह घटना रूस की ओर से यूक्रेन यूद्ध को लेकर परमाणु हथियार के इस्तेमाल की चेतावनी के बीच हुई है। गौरतलब है कि अमेरिकी सेना शीत युद्ध के वक्त से ही इस तरह के विमान को मेंटेन कर रही है और यह 24 घंटे हर वक्त टेक ऑफ के लिए तैयार रहता है। इस विमान को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह परमाणु युद्ध की स्थिति में कई दिनों तक आसमान में ही रह सकता है और वहीं से जमीनी हालात की निगरानी कर सकता है और जरूरत के हिसाब से ऐक्शन की रूप-रेखा भी तैयार कर सकता है। इस विमान के बारे में काफी कुछ बातें हमेशा से रहस्य ही रही हैं, लेकिन फिर भी कई सारी जानकारियां अब बाहर आ रही हैं।

इंग्लैंड के आसमान में मंडराया 'कयामत के दिन का विमान'
मिरर की एक रिपोर्ट के मुताबिक 'कयामत के दिन का विमान' के नाम से कुख्यात विमान इंग्लैंड के ऊपर उड़ते हुए देखा गया है, जो कि अमेरिका ने परमाणु युद्ध की स्थिति का सामना करने के लिए डिजाइन किया हुआ है। करीब 20 करोड़ डॉलर की लागत वाला ऐसा विमान परमाणु युद्ध के दौरान अमेरिकी अधिकारियों और नेताओं के लिए हवाई एयरबेस की तरह काम कर सकता है, जो कई दिनों तक बिना लैंड किए आसमान में उड़ सकता है। यह विमान बोईंग 747 को ही विकसित करके बनाया गया है और इस तरह से मॉडिफिकेशन के बाद इसे बोईंग 747 ई4-बी का नाम दिया जाता है, जो परमाणु धमाकों के दौरान इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तरंगों से भी सुरक्षित रहता है।

अमेरिकी राष्ट्रपति के काफिले के साथ भरी उड़ान
शीत युद्ध के समय से अमेरिका इस तरह के विमानों के पूरे बेड़े को मेंटेन कर रहा है, जिसका मकसद परमाणु युद्ध के दौरान इसे मोबाइल बेस की तरह इस्तेमाल करना है। अमेरिकी सेना इस तरह के कम से कम एक 'डूम्सडे प्लेन' को 24 घंटे टेक ऑफ के लिए तैयार रखती है। 'फ्लाइंग पेंटागन' नाम से भी जाने वाले जिस विमान को इंग्लैंड में देखा गया है, उसमें अमेरिका के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और रक्षा सचिव के मौजूद होने की संभावना जताई गई है, जिसे यूरोप की ओर रवाना हो रहे अमेरिकी राष्ट्रपति के काफिले के साथ ही उड़ान भरते देखा गया था। जो बाइडेन ने चार दिवसीय महत्वपूर्ण सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए एयर फोर्स वन से उड़ान भरी थी।

मोबाइल वॉर रूम की तरह करता है काम
यह विमान परमाणु युद्ध के दौरान हवाई कमांड पोस्ट की तरह काम करता है, जो कि एक मोबाइल वॉर रूम की तरह है, जिसमें रहकर सैन्य रणनीतिकार और विश्लेषक परमाणु युद्ध जैसी स्थिति में भी बदतर से बदतर परिस्थियों में राष्ट्रपति की सहायता कर सकते हैं। 'कयामत के दिन का विमान' इंग्लैंड के आसमान में ऐसे समय में देखा गया है, जब रूस के सरकारी टीवी ने चेतावनी दी है कि यूक्रेन में किसी भी तरह से नाटो की दखल, यहां तक कि शांति दूतों को भेजना भी, न्यूक्लियर रेस्पॉन्स का कारण बन सकता है। गौरतलब है कि यूक्रेन पर हमले के शुरुआती दिनों में ही रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपने परमाणु संसाधनों को हाई अलर्ट पर रख चुके हैं और पश्चिम की किसी भी प्रतिक्रिया का जवाब परमाणु हथियार से देने की चेतावनी देते रहे हैं।

1970 से ही अमेरिकी सैन्य रणनीति का अहम हिस्सा है
बोईंग ई-4बी अमेरिकी सेना की ओर से मेंटेन किए जाने वाले नाइटवॉच एयरक्राफ्ट बेड़े का ही हिस्सा है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति का आधिकारिक विमान एयर फोर्स वन भी शामिल है। यह बेड़ा 1970 से ही सक्रिय है और अमेरिकी सैन्य रणनीति का एक अहम हिस्सा रहा है। एक फ्लाइट ट्रैकिंग ऐप फ्लाइट रडार 24 के मुताबिक वॉशिंगटन से उड़ान भरने के बाद इस विमान ने अटलांटिक और इंग्लिश चैनल को पार किया और फिर कैम्ब्रिज के उत्तर में चक्कर काटते देखा गया।

थर्मल-न्यूक्लियर रेडिएशन से पूरी तरह से सुरक्षित
नाइटवॉच के तीन डेक हैं, जिसमें 112 क्रू रह सकते हैं और बिना लैंडिंग किए यह 12 घंटे तक उड़ान भर सकता है। लेकिन, आधुनिक जेट की तरह इसमें एरियल रिफ्यूलिंग की भी सुविधा उपलब्ध है। मतलब, यह विमान बिना धरती पर उतरे कई दिनों तक आसमान में रहकर ही जमीनी गतिविधियों का संचालन कर सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक इसकी खिड़कियों में तार की जाली लगाई गई है, ताकि यह मजबूती से अपने स्थान पर रहे, विमान के उपकरण और वायरिंग बहुत ही मजबूत हैं और धमाके की स्थिति में यह थर्मल और न्यूक्लियर प्रभाव से पूरी तरह से सुरक्षित है।

दुनिया में कहीं भी संपर्क करने के उपकरण मौजूद
इस विमान की अन्य विशेषताएं ये हैं कि इसमें आराम करने के लिए 18 चारपाई हैं। इसके अलावा इसमें 6 बाथरूम, कॉन्फ्रेंस रूम, वर्क एरिया और एग्जिक्यूटिव क्वार्टर भी बने हुए हैं। हालांकि, इसमें राष्ट्रपति के जहाज वाली लग्जरी नहीं है, और पूरी तरह से इसे संघर्ष की स्थिति में काम करने के हिसाब से तैयार किया गया है। विमान के ऊपरी हिस्से में जहां दर्जनों सैटेलाइट डिश और एंटीना लगाए गए हैं, उस हिस्से को रैडोम कहा जाता है। इसके जरिए विमान से किसी भी समय कोई भी अमेरिकी जहाज, पनडुब्बी या विमानों, चाहे वे दुनियां में कहीं भी हों, उससे संपर्क किया जा सकता है। (विमान की तस्वीरें- सांकेतिक)
-
Gold Rate Today: ईरान जंग के बीच लगातार गिर रहे सोने के भाव, अब 10 ग्राम की इतनी रह गई है कीमत, नए रेट -
Aaj Ka Chandi ka Bhav: अमेरिका-ईरान जंग के बीच चांदी धड़ाम! ₹38,000 सस्ती, आपके शहर का लेटेस्ट Silver Rate -
शुरू होने से पहले ही बंद होगा IPL? कोर्ट ने सुनाया अहम फैसला, BCCI की उड़ गई नींद -
'वो मर्द शादीशुदा था, मैं उसके प्यार में पागल थी', फिर मिला ऐसा दर्द, 83 की उम्र में कुंवारी हैं ये एक्ट्रेस -
UGC के नए नियमों पर आज फैसले की घड़ी! केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट में देगी सफाई -
PNG Connection: गैस संकट के बीच सबसे बड़ी गुड न्यूज! सिर्फ 24 घंटे में खत्म होगी किल्लत, सरकार ने उठाया ये कदम -
Kangana Ranaut: 'कंगना-चखना सब चटनी है', मंडी सांसद पर भड़के ये दिग्गज नेता, कहा-'पर्सनल कमेंट पड़ेगा भारी' -
Iran US War: 'खुद भी डूबेंगे सनम तुम्हें भी ले डूबेंगे', ट्रंप पर भड़के बक्शी, कहा- Trump ने जनता से झूठ बोला -
LPG Update: कितने दिन का बचा है गैस सिलेंडर का स्टॉक? LPG और PNG कनेक्शन पर अब आया मोदी सरकार का बड़ा बयान -
Gujarat UCC: मुस्लिम महिलाओं को हलाला से आजादी, दूसरी शादी पर 7 साल जेल! लिव-इन तक पर सख्त नियम, 5 बड़े फैसले -
Irani Nepo Kids: अमेरिका में मौज कर रहे ईरानी नेताओं-कमांडरों के बच्चे, जनता को गजब मूर्ख बनाया, देखें लिस्ट -
Mamta Kulkarni: क्या साध्वी बनने का नाटक कर रही थीं ममता कुलकर्णी? अब गोवा में कर रहीं ऐसा काम, लोग हुए हैरान












Click it and Unblock the Notifications