युद्ध के 46वें दिन यूक्रेन ने पलटी बाजी, कीव की सड़कों पर ब्रिटिश पीएम, बौखलाए पुतिन ने बदला कमांडर
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा है कि, रूस की सेना अब राजधानी कीव के इलाकों को खाली कर रही है और अब राजधानी पर खतरा कम हो गया है और रूसी सैनिक काफी तेजी के साथ बाहर निकल रही है।
कीव/मॉस्को, अप्रैल 10: यूक्रेन और रूस के बीच का युद्ध रविवार को 46वें दिन में प्रवेश कर चुका है और युद्ध का नतीजा अपने पक्ष में कर पाने में रूस अभी तक नाकाम रहा है। रूसी सेना यूक्रेन में तबाही मचाने के बाद भी फतह हासिल करने में नाकामयाब रही है और यूक्रेन नये जोश के साथ फिर से खड़ा हो रहा है। यूक्रेन का साथ देने के लिए वर्ल्ड लीडर्स कीव पहुंच रहे हैं, तो दूसरी तरफ अब रूस ने अपने कमांडर को बदल दिया है।

जेलेंस्की की चेतावनी
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा है कि, रूस की सेना अब राजधानी कीव के इलाकों को खाली कर रही है और अब राजधानी पर खतरा कम हो गया है, लेकिन इसके साथ ही उन्होंने ये भी चेतावनी दी है, कि रूस की सेना देश के पूर्वी इलाके में भीषण युद्ध के लिए आगे बढ़ रही। है। ज़ेलेंस्की के हवाले से एक रिपोर्ट में कहा गया है, कि, यह एक कठिन लड़ाई होगी। जेलेंस्की ने कहा कि, 'हम इस लड़ाई और अपनी जीत में विश्वास रखते हैं। हम एक साथ लड़ने के लिए तैयार हैं और इस युद्ध को समाप्त करने के लिए राजनयिक तरीके तलाश रहे हैं।" प्रमुख बंदरगाह शहर मारियुपोल में रूसी सेना ने भीषण तबाही मचाई है और मानवीय गलियारों को नष्ट कर दिया है, जिससे निवासियों को निकालने में बाधा उत्पन्न हुई।

कीव में ब्रिटिश प्रधानमंत्री
ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कीव की अघोषित यात्रा की और यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की से मुलाकात की है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने बख्तरबंद वाहनों और जहाज-रोधी मिसाइलें देने का वादा करते हुए कहा कि, 'यह राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की के दृढ़ नेतृत्व और अजेय वीरता और यूक्रेनी लोगों के साहस के कारण है कि (रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर) पुतिन के राक्षसी उद्देश्यों को विफल किया जा रहा है।" वहीं, यूक्रेनी अधिकारियों ने देश के पूर्वी हिस्से से नागरिकों को फौरन निकलने का आह्वान किया है, क्योंकि रूस दक्षिण में मारियुपोल पर अपना कब्जा पूरा करने का प्रयास करते हुए डोनेट्स्क क्षेत्र में भीषण हमले करने की कोशिश कर रहा है।
सड़क पर निकले ब्रिटिश पीएम
यूक्रेन के लिए समर्थन के एक शक्तिशाली प्रदर्शन दिखाते हुए ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को शनिवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की के साथ युद्धग्रस्त कीव की सड़कों पर चलते देखा गया। जॉनसन ने यूक्रेन की राजधानी का अचानक दौरा किया था और रूस द्वारा आक्रमण के खिलाफ अपने प्रतिरोध को मजबूत करने के लिए पूर्वी यूरोपीय राष्ट्र को अतिरिक्त वित्तीय और सैन्य सहायता देने का वादा किया है। कीव शहर के माध्यम से अपने जॉंट के दौरान, जिसे रूसी सेना ने कुछ हफ़्ते पहले घेर लिया था, जॉनसन को शहर के निवासियों के साथ हाथ लहराते और बातचीत करते हुए देखा गया था, जबकि सशस्त्र सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें और ज़ेलेंस्की को घेर रखा था।

यूक्रेन में भीषण तबाही
रूसी सेना जैसे जैसे राजधानी कीव के बाहरी इलाकों में स्थिति अलग अलग शहरों को खाली कर रही है, वैसे वैसे रूसी बर्बरता की तस्वींरें सामने आ रही हैं। राजधानी कीव के पास एस्थिति बुज़ोवा शहर में एक नये कब्रगाह का पता चला है। इस शहर पर रूसी सैनिकों ने कई दिनों तक कब्जा जमा रखा था और रूसी सैनिको ने बड़ी संख्या में लोगों की हत्या की है। कब्रों में कई लोगों के शव मिले हैं। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने एक स्थानीय अधिकारी के हवाले से बताया, यह नवीनतम सामूहिक कब्र है, जो नुकसान के निशान को पीछे छोड़ते हुए सैनिकों के पीछे हटने के बाद खोजी गई है।

ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय का बड़ा दावा
अपनी लेटेस्ट रिपोर्ट में ब्रिटिश रक्षामंत्रालय ने बड़ा दावा किया है और कहा है कि, रूसी सेना ने यूक्रेन में आम नागरिकों को ढाल बनाया है और बड़ी संख्या में लोगों का कत्ल कर उन्हें सामूहिक कब्रों में दफन कर दिया। ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय ने आरोप लगाया है कि, पूछताछ के लिए रूसी सेना स्थानीय लोगों को बंधक बनाती थी और फिर उन्हें भयानक टॉर्चर किया जाता था। रूसी सेना पर काफी नजदीक से आम नागरिकों को गोली चलाने के भी आरोप लगे हैं। ब्रिटेन ने मास्को पर कई युद्ध अपराधों का आरोप लगाया गया है।
पुतिन ने बदला कमांडर
एक अमेरिकी अधिकारी और एक यूरोपीय अधिकारी के मुताबिक, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन में युद्ध को निर्देशित करने के लिए एक नया जनरल नियुक्त किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, कीव पर कब्जा करने में नाकामयाब होने के बाद अब रूसी राष्ट्रपति किसी भी हाल में पूर्वी यूक्रेन की लड़ाई हारना नहीं चाहते हैं। अधिकारियों ने सीएनएन को बताया कि, रूस के दक्षिणी सैन्य जिले के कमांडर जनरल अलेक्जेंडर ड्वोर्निकोव को यूक्रेन में रूस के सैन्य अभियान का थिएटर कमांडर बनाया गया है।

कौन हैं रूस के नये कमांडर
कमांडर ड्वोर्निकोव की उम्र 60 साल है और वो सीरिया में रूस के सैन्य अभियानों के पहले कमांडर थे, जब पुतिन ने सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद की सरकार का समर्थन करने के लिए सितंबर 2015 में रूसी सेना को सीरिया भेजा था। सितंबर 2015 से जून 2016 तक सीरिया में ड्वोर्निकोव की कमान के दौरान, रूसी विमानों ने असद शासन और उसके सहयोगियों का समर्थन किया, क्योंकि उन्होंने विद्रोहियों के कब्जे वाले पूर्वी अलेप्पो की घेराबंदी कर रखी थी। उस वक्त आरोप लगा था कि, घनी आबादी वाले इलाकों में रूसी बमबारी में बड़ी संख्या में नागरिक हताहत हुए और दिसंबर 2016 में सीरियाई सरकार ने ओलेप्पे शहर पर कब्जा कर लिया था। रूसी सेना ने यूक्रेन के कुछ हिस्सों में इसी तरह के भारी-भरकम रवैये का इस्तेमाल किया है, और यूक्रेनी बंदरगाह शहर मारियुपोल को ध्वस्त कर दिया है।












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