Russia- Ukraine Conflict: भारत ने बचाए 9 बंग्लादेशी, पीएम शेख हसीना ने प्रधानमंत्री मोदी को दिया धन्यवाद
भारतीय दूतावास के अधिकारी अपने देश ही नहीं बल्कि पड़ोसी देश के नागरिकों को भी वहां से निकालने में सहायता उपलब्ध करा रहे हैं। बंग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने बुधवार को अपने देश के 9 नागरिकों को युद्धग्रस्त यूक्रेन
नई दिल्ली, 09 मार्च। युद्धग्रस्त देश यूक्रेन (Russia Ukraine Confict) से भारतीयों नागरिकों को वहां से निकालना भारत की मजबूत विदेशनीति का परिणाम है। भारतीय दूतावास के अधिकारी अपने देश ही नहीं बल्कि पड़ोसी देश के नागरिकों को भी वहां से निकालने में सहायता उपलब्ध करा रहे हैं। बंग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अपने देश के 9 नागरिकों को यूक्रेन से निकालने के लिए पीएम मोदी को धन्यवाद दिया है। इससे पहले पाकिस्तान की एक छात्रा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया गया था, जिसमें भारत की सहायता से यूक्रेन से बाहर निकलने पर उसने भारत सरकार को धन्यवाद दिया था।

भारत अपनी मजबूत विदेश नीति के लिए जाना जाता है। रूस- यूक्रेन युद्ध (Russia Ukraine Confict) जैसी विभीषिका के बीच से निकालकर बंग्लादेश के नागरिकों को सुरक्षित उनके वतन पहुंचाना एक बड़ी बात है। न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार इससे पहले असमा शफीक नाम की एक युवती को भारतीय अधिकारियों ने बचाया। वह जल्द ही अपने परिवार के साथ फिर से मिल जाएगी। वह युद्धग्रस्त क्षेत्र से बाहर जाते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करती है जिसमें उसे कीव में भारतीय दूतावास और उनके समर्थन के लिए मोदी के प्रति अपना आभार व्यक्त करते हुए सुना जा सकता है। इससे पूर्व भी भारत सरकार के अधिकारियों ने ऐसी एक मानवीयता दिखाई।
बंग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भारत के प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया है। उन्होंने 'आपरेशन गंगा' (Operation Ganga) के तहत यूक्रेन से बंग्लादेश के 9 नागरिकों को बचाने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया। बताया जा रहा है कि भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने आपरेशन गंगा ट्यूनीशिया और नेपाल के छात्रों की भी वतन वापसी में सहायता की।
न्यूज एजेंसी एएनआई ने पाकिस्तान की एक छात्रा का एक वीडियो साझा किया, जिसमें संघर्षग्रस्त राष्ट्र से उसे निकालने के लिए भारत सरकार को धन्यवाद दिया। उसने कहा कि 'मैं कीव के भारतीय दूतावास को हमारा समर्थन करने के लिए धन्यवाद देना चाहती हूं, क्योंकि हम एक बहुत ही कठिन स्थिति में फंस गए थे और मैं भारत के प्रधानमंत्री को भी हमारा समर्थन करने के लिए धन्यवाद देना चाहती हूं। आशा करती हूं मैं भारतीय दूतावास की इस सहायता से सुरक्षित घर पहुंच पाऊंगी।'












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