रूस का दावा- बूस्टर डोज के बाद स्पूतनिक वी ओमिक्रॉन पर 80 प्रतिशत प्रभावी

नई दिल्ली, 17 दिसंबर: कोरोना महामारी खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही है। कुछ महीनों पहले ही कोरोना के डेल्टा वेरिएंट से मुक्ति मिली थी, लेकिन अब ओमिक्रॉन वेरिएंट ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। इसके केस हर देश में बढ़ते जा रहे। साथ ही वैज्ञानिक लगातार इससे निपटने का तरीखा भी खोज रहे हैं। अब रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष (RDIF) ने इसको लेकर एक राहत भरी खबर दी है।

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RDIF के मुताबिक उनकी वैक्सीन स्पुतनिक वी की दोनों डोज लेने के बाद अगर स्पुतनिक लाइट का बुस्टर डोज लिया जाए, तो इसके ओमिक्रॉन वेरिएंट के खिलाफ 80 प्रतिशत तक प्रभावकारी होने की उम्मीद है। इसके पीछे गमालेया अनुसंधान संस्थान के हालिया रिसर्च का हवाला भी RDIF ने दिया। रूसी अधिकारियों के मुताबिक स्पुतनिक वी ओमिक्रॉन के लिए मजबूत न्यूट्रलाइजिंग एंटीबॉडी प्रतिक्रिया को प्रेरित करता है, जबकि स्पुतनिक लाइट का बूस्टर डोज इसे और ज्यादा मजबूत बना देता है। हालांकि इसमें 2-3 महीने लगेंगे।

रिसर्च के मुताबिक रूस में जिन लोगों ने स्पुतनिक वी के साथ लाइट का बूस्टर डोज लिया था, उसमें दो-तीन महीने बाद ओमिक्रॉन के खिलाफ न्यूट्रलाइजिंग एंटीबॉडी विकसित हो गई थी, जबकि फाइजर के लिए ये आंकड़ा 25 प्रतिशत था।

भारत के लिए ये अच्छी खबर
आपको बता दें कि भारत में कोवैक्सीन और कोविशील्ड के अलावा स्पूतनिक वी की डोज भी लोगों के लिए लगाई जा रही है। हालांकि दोनों स्वदेशी वैक्सीन की तुलना में इसका आंकड़ा कम है, लेकिन अगर ओमिक्रॉन का खतरा बढ़ा तो स्पूतनिक वी इससे निपटने में काफी कारगर होगी।

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