युद्ध में मिल रही हार तो पुतिन मंगवा रहे जिनपिंग से हथियार? अमेरिकी आरोप पर आया चीन का बयान
यूक्रेन युद्ध पर चीन अभी तक तटस्थ रूख बरत रहा है, हालांकि, अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन लगातार चीन के विदेश मंत्री वांग यी से संपर्क में हैं।
मॉस्को/बीजिंग, मार्च 14: यूक्रेन युद्ध में 18 दिनों के बाद भी रूस को कामयाबी नहीं मिल पाई है और भारी बर्बादी के बाद भी रूस की सेना यूक्रेन में ना जीत हासिल कर पाई है और नाही बड़े शहरों पर कब्जा कर पाई है। राजधानी कीव पर तो रूस ने भारी दवाब बना रखा है और राजधानी की घेराबंदी रूसी सेना ने कर रखी है, लेकिन कीव में घुसने की हिम्मत अभी तक रूस नहीं दिखा पाया है। इस बीच अमेरिका के दो प्रतिष्ठित अखबारों फाइनेंशियल टाइम्स और न्यूयॉर्क टाइम्स ने दावे किए हैं, कि रूस ने चीन से यूक्रेन युद्ध में हथियार भेजने का अनुरोध किया है। लेकिन, अमेरिकी अखबारों के दावों को लेकर चीन का जवाब भी सामने आ गया है।

रूस ने मांगी चीन से मदद
फाइनेंशियल टाइम्स और न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि, रूस ने चीन से सैन्य मदद के साथ साथ आर्थिक मदद भी मांगी है। पिछले 18 दिनों से यूक्रेन में युद्ध लड़ रहे रूस की आर्थिक स्थिति पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गये अत्यंत सख्त आर्थिक प्रतिबंधों से काफी ज्यादा खराब हो चुकी है और सीएनएन ने भी अपनी एक रिपोर्ट में एक शीर्ष अमेरिकी अधिकारी के हवाले से दावा किया है कि, रूस ने चीन से यूक्रेन पर अपने आक्रमण का समर्थन करने के लिए ड्रोन सहित सैन्य सहायता मांगी है।
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प्रतिबंधों से रूस की टूटी कमर?
यूक्रेन में रूस के सैन्य अभियान के बाद, अमेरिका और उसके यूरोपीय सहयोगियों ने स्विफ्ट वित्तीय प्रणाली से रूस को बाहर करने के अलावा, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, कई प्रमुख रूसी बैंकों और उच्च पदस्थ रूसी अधिकारियों को निशाना बनाते हुए प्रतिबंध लगाए हैं। वहीं, वॉशिंगटन स्थिति चीनी दूतावास के प्रवक्ता लियू पेंग्यू ने सीएनएन से कहा कि, वह अभी इस बात से बिल्कुल अनजाव हैं, कि क्या चीन रूस की मदद के लिए तैयार हो सकता है? सीएनएन द्वारा सैन्य सहायता के लिए रूस के अनुरोध की रिपोर्ट पर पूछे गये सवाल को लेकर चीन के राजदूत पेंग्यु ने एक बयान में कहा कि, "मैंने इसके बारे में कभी नहीं सुना।"

यूक्रेन की स्थिति पर जताई चिंता
अमेरिका में चीन के राजदूत पेंग्यू ने "यूक्रेन की स्थिति" पर चिंता जताई है और यूक्रेन की स्थिति को "वास्तव में चिंताजनक" कहा है और चीनी अधिकारी ने कहा कि, चीन ने यूक्रेन को मानवीय सहायता प्रदान करना जारी रखा है और जारी रखेगा। पेंग्यु ने कहा कि "उच्च प्राथमिकता अब तनावपूर्ण स्थिति को बढ़ने या नियंत्रण से बाहर होने से रोकने के लिए है। ... चीन अत्यधिक संयम बरतने और बड़े पैमाने पर मानवीय संकट को रोकने के लिए अपील करता है''।

चीन से रूस ने मांगी सैन्य मदद
फाइनेंशियल टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि, युद्ध शुरू होने के साथ ही ड्रोन समेत कई हथियारों के लिए रूस की तरफ से चीन से अनुरोध की जा रही है। हालांकि, अधिकारी ने इसका खुलासा नहीं किया है, कि रूस ने चीन से और किन तरहों के हथियार देने का अनुरोध किया है। वहीं, रिपोर्ट में इस तरह के संकेत दिए गये हैं, कि चीन रूस की मदद के लिए तैयार हो सकता है। वहीं, न्यूयॉर्क टाइम्स ने एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से रिपोर्ट दी है, कि आर्थिक प्रतिबंधों से रूस की स्थिति काफी खराब हो रही है और रूस चाहता है कि, आर्थिक संकट का प्रभाव कम करने के लिए चीन उसकी मदद करे।

यूक्रेन युद्ध पर चीन का रूख
यूक्रेन युद्ध पर चीन अभी तक तटस्थ रूख बरत रहा है, हालांकि, अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन लगातार चीन के विदेश मंत्री वांग यी से संपर्क में हैं और पिछले हफ्ते पहली बार चीन ने यूक्रेन में रूसी सैन्य अभियान को 'युद्ध' कहा है, जिससे अभी तक चीन परहेज कर रहा था। वहीं, ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों ने चीन से 'मध्यस्थता' करने की अपील की है। वहीं, यूनाइटेड नेशंस में चीन ने भारत की तरह से 'तटस्थ' रूख अपनाया है, लेकिन चीन काफी हद तक रूस की तरफ झुका हुआ है।

चीन और अमेरिकी अधिकारियों की बात
इस बीच, क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा पर यूक्रेन के खिलाफ रूस के युद्ध के प्रभाव पर चर्चा करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन और चीनी विदेश विभाग के कई अधिकारी और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य और विदेश मामलों के आयोग के कार्यालय के निदेशक यांग जिची से रोम में मुलाकात करेंगे। अमेरिका की तरफ से कहा गया है कि, अमेरिका ये सुनिश्चित करना चाहता है, रूस को होने वाले आर्थिक नुकसानों की भरपाई चीन या कोई और देश नहीं करे।

चीन ने बताया अमेरिकी प्रोपेगेंडा
अमेरिकी अखबारों के दावों को लेकर चीन की तरफ से सख्त प्रतिक्रिया दी गई है और बीजिंग स्थिति चायनीज विदेश मंत्रालय ने कहा है कि, 'यूक्रेन युद्ध में चीन को घसीटने के लिए अमेरिका झूठे बोल रहा है और प्रोपेगेंडा फैला रहा है।' चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, "अमेरिका दुर्भावनापूर्ण इरादे से यूक्रेन मुद्दे पर चीन को निशाना बनाकर गलत सूचना फैला रहा है।" ये टिप्पणियां बीजिंग में चीनी विदेश मंत्रालय की नियमित ब्रीफिंग के दौरान आईं।












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